माता चिंतपूर्णी मंदिर में अशिवन नवरात्र मेला 7 से 14 अक्तूबर तक , कोविड प्रोटोकोल के तहत लंगर के आयोजन सहित ढोल, नगाड़ों, चिम्टों के प्रयोग पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध रहेगा

माता चिंतपूर्णी मंदिर में अशिवन नवरात्र मेला 7 से 14 अक्तूबर तक , कोविड प्रोटोकोल के तहत लंगर के आयोजन सहित ढोल, नगाड़ों, चिम्टों के प्रयोग पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध रहेगा

डीसी राघव शर्मा ने बताया कि मेला के सफल आयोजन के लिए एसडीएम अंब को मेला अधिकारी जबकि एसडीपीओ अंब को पुलिस मेला अधिकारी तैनात किया गया है। इसके अलावा उनकी सहायता के लिए चार कार्यकारी दंडाधिकारी तैनात रहेंगे। उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र को चार सैक्टरों में बांटा गया है। मेला क्षेत्र में शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस व होमगार्ड के लगभग 300 महिला व पुरुष कर्मी तैनात किए जाएंगे।

ऊना । हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना में स्थित छिन्नमस्तिका धाम माता चिंतपूर्णी में 7 से 14 अक्तूबर तक आयोजित होने वाले अशिवन नवरात्र मेले की तैयारियों को लेकर उपायुक्त, ऊना राघव शर्मा की अध्यक्षता में चिंतपूर्णी सदन में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।

 

 

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डीसी राघव शर्मा ने बताया कि मेला के सफल आयोजन के लिए एसडीएम अंब को मेला अधिकारी जबकि एसडीपीओ अंब को पुलिस मेला अधिकारी तैनात किया गया है। इसके अलावा उनकी सहायता के लिए चार कार्यकारी दंडाधिकारी तैनात रहेंगे। उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र को चार सैक्टरों में बांटा गया है। मेला क्षेत्र में शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस व होमगार्ड के लगभग 300 महिला व पुरुष कर्मी तैनात किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान स्पेशल टास्क फोर्स गठित करके भीक्षावृति पर कड़ी नजर रखी जाएगी और यदि कहीं कोई बच्चों से भीख मंगवाते हुए पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि माता के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं को दर्शन पर्ची लेनी होगी। दर्शन पर्ची के लिए शंभू बैरियर और चिंतपूर्णी सदन में रजिस्ट्रेशन काउंटर स्थापित किए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर पंजीकरण काउंटरों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।

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उन्होंने बताया कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को कोविड अनुरुप व्यवहार और सुरक्षा उपायों की कड़ाई से अनुपालना करनी होगा। उन्होंने बताया कि मेला आयोजन में कोविड प्रोटोकॉल और एसओपी और दर्शनों के लिए समयावधि को लेकर जल्द ही आदेश जारी कर दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मेला के दौरान लाउड स्पीकर, ढोल, नगाड़ों, चिम्टों के प्रयोग पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा लंगर लगाने और मंदिर में नारियल ले जाने पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

बैठक में डीसी ने मेला अवधि के दौरान यातायात, बिजली, पानी, दवाईयों और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को दिशानिर्देश जारी किए।

इस अवसर पर ग्राम पंचायत नारी की प्रधान अलका संधू, प्रधान छपरोह शशि बाला, एडीसी डॉ अमित कुमार शर्मा, एसडीएम अंब मनेश यादव, एसडीपीओ अंब मनोज जम्वाल, डिप्टी कमांडेंट होमगार्ड धीरज शर्मा, एससीएफ आशीष शर्मा, नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी मंदिर अधिकारी रोहित जाल्टा, आरटीओ रमेश कटोच, डीएफएससी राजीव शर्मा, एमओएच निखिल शर्मा, एसडीओ मंदिर राज कुमार जसवाल, एसएचओ कुलदीप कुमार, बीएमओ अंब राजीव गर्ग सहित अन्य उपस्थित रहे।

छिन्नमस्तिका धाम चिंतपूर्णी, जो ऊना जिला के मुख्यालय ऊना से  लगभग 50 किलोमीटर तथा उपमंडल अंब के भरवाईं से मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। में माता के पिंडी रूप में दर्शन हैं।  हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के छिन्नमस्तिका धाम चिंतपुर्णी में देश दुनिया से श्रद्धालु यहां विराजमान माता चिंतपुर्णी के दर्शनों को आते हैं।  जिससे यहां की रौनक देखते ही बनती है। 





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