भजनलाल शर्मा के बयान पर भड़के Ashok Gehlot, सबूत देने या माफी मांगने की दी चुनौती

जोधपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से उन्हें 'लुटेरा' कहे जाने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। गहलोत ने कहा कि इस तरह की अमर्यादित भाषा से उन्हें दुख हुआ है और राजनीतिक आलोचना व व्यक्तिगत हमलों में फर्क होना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि वे अपने आरोपों को साबित करें अथवा सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
जोधपुर, सात नवंबर कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने शनिवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने शहर के दौरे के दौरान गहलोत को ‘‘लुटेरा’’ कहा था। गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री की इस तरह की अमर्यादित भाषा से उन्हें ठेस पहुंची है। शनिवार को जोधपुर हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह हमेशा विरोधी नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने में विश्वास रखते आए हैं।
गहलोत ने पूर्व मुख्यमंत्रियों भैरों सिंह शेखावत और वसुंधरा राजे के साथ अपने संबंधों का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने संवैधानिक और राजनीतिक पदों का सम्मान करना सीखा है और उन्हें उम्मीद थी कि यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी। शर्मा ने हाल में जोधपुर दौरे के दौरान गहलोत को ‘‘लुटेरा’’ कहा था और उनकी सरकार पर किसानों को मिलावटी बीज और खाद बेचकर उनका शोषण करने का आरोप लगाया था। इसके बाद से गहलोत ने शर्मा को इन आरोपों को सबूतों के साथ साबित करने या माफी मांगने की चुनौती दी है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री ने शायद किसी के बहकावे में आकर या भावना में बहकर ऐसा कहा होगा। उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि शर्मा उनकी दुकान पर बेचे जाने वाले बीजों और उर्वरकों की गुणवत्ता को लेकर इस तरह के दावे कैसे कर सकते हैं, खासकर तब जब उन्होंने यह कारोबार शर्मा के जन्म से पांच साल पहले ही शुरू कर दिया था। गहलोत ने कहा, ‘‘मुझे दुख हुआ क्योंकि हमारे बीच एक स्नेह और विश्वास की भावना थी।
किसी की राजनीतिक आलोचना करने और व्यक्तिगत आरोप लगाने में अंतर होता है।’’ गहलोत ने जोधपुर में भीड़ जुटाने की भाजपा की क्षमता पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि उस बैठक में मुश्किल से 400-500 लोग आए थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस अमर्यादित टिप्पणी के जरिए शायद भीड़ न जुटने की अपनी भड़ास निकाली होगी। गहलोत ने कहा कि जब वह केंद्रीय मंत्री थे, तब अफवाहें थीं कि बेंगलुरु में टाटा समूह के साथ उनका एक होटल उद्यम, एक ग्रेनाइट फैक्टरी और मुंबई में एक फ्लैट है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आरोपों से वह कभी विचलित नहीं हुए। उन्होंने जयपुर के फेयरमोंट होटल के स्वामित्व की अफवाहों को भी खारिज कर दिया। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा के अभियान ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन व्यापारियों और आम जनता के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को सरकार पर सवाल उठाने का पूरा अधिकार है, लेकिन राजनीतिक मतभेदों के कारण व्यक्तिगत हमले नहीं होने चाहिए।
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