Ayodhya Deepotsav में बोले उपराष्ट्रपति CP Radhakrishnan, राम के आदर्शों पर चल रहे PM Modi और योगी

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अयोध्या के रामकथा पार्क में 10वें दीपोत्सव को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भगवान राम के आदर्शों पर चलने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना की। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण को हिंदू स्वाभिमान की पुनर्स्थापना और साधु-संतों के महान त्याग का प्रतीक बताया।

अयोध्या (उप्र), सात नवंबर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र का उल्लेख करते हुए शनिवार को कहा कि देश में दो ‘‘योगी’’-उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ‘‘कर्मयोगी’’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उनके आदर्शों पर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्री राम जन्मभूमि मंदिर और हिंदू स्वाभिमान के इस पुनर्स्थापन में साधु-संतों व संन्यासियों ने जो महान त्याग किया है, उसे कोई भी हिंदू कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को संपूर्ण हिंदू स्वाभिमान का स्मारक बताया।

यहां रामकथा पार्क में आयोजित 10वें दीपोत्सव समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘भगवान श्रीराम ने व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं से ऊपर कर्तव्य को, निजी हितों से ऊपर धर्म को और हर चीज से बढ़कर अपनी प्रजा के कल्याण को महत्व दिया।’’ उत्सव में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए राधाकृष्णन ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में कहा, ‘‘इस देश में दो योगी राम के चरित्र का आचरण कर रहे हैं, एक यहां योगी आदित्यनाथ जी हैं और दूसरे कर्मयोगी नरेन्द्र मोदी जी हैं।’’ सभी को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जन्मभूमि, पावन नगरी अयोध्या में उपस्थित होकर मेरा हृदय भावविभोर है। श्रीराम धर्म, सत्यनिष्ठा, करुणा और आदर्श आचरण के शाश्वत प्रतिरूप हैं।’’ उन्होंने भगवान श्रीराम की महिमा का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘उनका जीवन हमें सिखाता है कि वास्तविक महानता शक्ति या पद में नहीं, बल्कि चरित्रबल और अपने कर्तव्यों के प्रति अटूट निष्ठा में होती है।’’ उपराष्ट्रपति ने कहा कि सदियों बाद हम सबकी युगों पुरानी साध पूरी हुई है और राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण साकार हुआ है। उन्होंने सवाल किया कि अगर राम जन्मभूमि पर राम मंदिर नहीं बनेगा तो कहां बनेगा?’’ उपराष्ट्रपति ने कहा , ‘‘अंततः सदियों बाद राम की विजय हुई और आज अयोध्या में उनका भव्य मंदिर बनकर तैयार है।

मर्यादा पुरुषोत्तम राम हम सबके लिए श्रद्धेय हैं।’’ उन्होंने राम मंदिर आंदोलन से जुड़ा अपनी मां का एक प्रसंग साझा करते हुए कहा, ‘‘लगभग 500 वर्षों तक राम जन्मभूमि का विषय करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए अधूरी अभिलाषा बना रहा। मुझे अच्छी तरह याद है कि जब (विश्व हिन्दू परिषद के नेता) अशोक सिंघल ने पूरे देश में रामशिला पूजन का आह्वान किया था, तब मेरी माताजी ने राम मंदिर के लिए अपने सिर पर ईंटें ढोई थीं और शिला पूजन का नेतृत्व किया था।’’ भावुक नजर आए उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘उस समय मेरी मां ने कल्पना भी नहीं की होगी कि उनका बेटा एक दिन देश का उपराष्ट्रपति बनेगा और राम जन्मभूमि पर आयोजित इस समारोह का हिस्सा बनकर गर्व महसूस करेगा।’’ राधाकृष्णन ने देश के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों के जीवन में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘हमारी राज्यपाल महोदया गुजरात से आती हैं। मैं सुदूर दक्षिण में रामेश्वरम से यहां आया और देश का उपराष्ट्रपति बना।

हमारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी उस समय संसद में मेरे सहयोगी थे और युवा थे। उनके भाषणों में तब भी उतना ही ओज था, जितना आज है।’’ उन्होंने कहा कि बहुत लंबे समय बाद कोई संत देश के किसी राज्य का मुख्यमंत्री बना है। राधाकृष्णन ने कहा कि अयोध्या आंदोलन और रामभक्तों के महान त्याग व बलिदान के कारण ही नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने और पिछले 12 वर्षों से देश का नेतृत्व कर रहे हैं, योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने और वह स्वयं एक छोटे किसान परिवार से निकलकर भारत के उपराष्ट्रपति पद तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि श्री राम जन्मभूमि मंदिर और हिंदू स्वाभिमान के इस पुनर्स्थापन में साधु-संतों व संन्यासियों ने जो महान त्याग किया है, उसे कोई भी हिंदू कभी नहीं भूल सकता। उपराष्ट्रपति ने कहा कि अयोध्या आज ‘विकास भी, विरासत भी’ के दृष्टिकोण का सजीव उदाहरण बन चुका है, यह आध्यात्मिक नगरी आधुनिक स्मार्ट सिटी और सोलर सिटी के रूप में भी विकसित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को वैश्विक पहचान दिलाई है, पंचकोसी परिक्रमा मार्ग और रामकथा पार्क जैसे बुनियादी ढांचे का विकास आध्यात्मिक पर्यटन को नया आयाम दे रहा है।

उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कायम हुई शांति ही यहां विकास लेकर आई है और प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ-2025 इसका ऐतिहासिक उदाहरण है, जहां 45 दिन में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। राधाकृष्णन ने कहा, आज उत्तर प्रदेश देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और राष्ट्रीय जीडीपी में करीब नौ प्रतिशत का योगदान दे रहा है। वर्ष 2026-27 के लिए नौ लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजटीय प्रावधान राज्य सरकार के विकास विजन को दर्शाता है।

उपराष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि रामभक्तों और प्रदेश की जनता के सहयोग से उत्तर प्रदेश का वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य जल्द साकार होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि उत्तर प्रदेश वर्ष 2047 तक विकसित भारत की यात्रा में देश के प्रमुख ग्रोथ इंजन के रूप में उभरेगा। दीपोत्सव के महत्व पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह भव्य समारोह केवल प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि हर भारतीय घर के लिए गहरा और विशेष महत्व रखता है।

अंधकार दूर होगा और हर परिवार में खुशहाली का प्रकाश आएगा। उपराष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि भारत का लक्ष्य दुनिया का सिरमौर बनना जरूर है, लेकिन यह प्रभुत्व किसी पर अपनी शर्तें थोपने या हुक्म चलाने के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को साथ लेकर सबके कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए है।

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