असम पुलिस ने 4 जिलों से 11 संदिग्धों को हिरासत में लिया, आतंकी संगठन अल-कायदा से जुड़े हैं तार

Assam Police
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मोरीगांव के सहरियागांव में जमीउल हुडा मदरसा की इमारत को बंद कर दिया गया है क्योंकि यह हिरासत में लिए गए लोगों के लिए एक सुरक्षित घर है। हिरासत में लिए गए लोगों के पास से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त हुए हैं। इनके लिंक और नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।

गुवाहाटी। असम पुलिस ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 जिलों से 11 संदिग्धों को हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि इन संदिग्धों के तार आतंकवादी संगठन अल-कायदा से जुड़े हुए हैं। इस संबंध में असम पुलिस का बयान भी सामने आया है। जिसके मुताबिक, मोरीगांव, बारपेटा, गुवाहाटी और गोलपारा जिलों से 11 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।

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समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मोरीगांव के सहरियागांव में जमीउल हुडा मदरसा की इमारत को बंद कर दिया गया है क्योंकि यह हिरासत में लिए गए लोगों के लिए एक सुरक्षित घर है। हिरासत में लिए गए लोगों के पास से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त हुए हैं। इनके लिंक और नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।

मोरीगांव एसपी अपर्णा एन ने बताया कि हमें मुस्तफा नाम के एक व्यक्ति के बारे में जानकारी मिली, जो मोरियाबारी में एक मदरसा चलाता है जहां देश विरोधी गतिविधियां होती हैं। वो उप-महाद्वीप में अल-कायदा से संबंधित अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (ABT) के वित्तपोषण से जुड़ा हुआ है। यूएपीए की अनेक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

उन्होंने बताया कि एक कार्यकर्ता को कोलकाता से जबकि एक को बारपेटा से गिरफ्तार किया गया। वे राष्ट्र-विरोधी और आतंकी फंडिंग गतिविधियों में शामिल थे, इसलिए उन्हें गिरफ्तार किया गया था। आगे की जांच और बैंक खाते का विश्लेषण किया जा रहा है।

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प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मुस्तफा उर्फ मुफ्ती मुस्तफा और अब्बास अली को मोरीगांव और गोलपारा से हिरासत में लिया गया। मुस्तफा एक मदरसा चलाता है और उप-महाद्वीप में अल-कायदा से संबंधित एबीटी के वित्तपोषण से जुड़ा हुआ है, जबकि अब्बास एबीटी के फरार सदस्यों में से एक को रसद और आश्रय प्रदान करता है।

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