ग्राम संरक्षक बन समाज के प्रति अपना दायित्व निभाएं अधिकारी - मुख्यमंत्री

- Chief Minister

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता व गणतंत्र दिवस हमारे राष्ट्रीय पर्व हैं। आज के दिन हमें देश व समाज के विकास के बारे में भी सोचना चाहिए। अधिकारी का मतलब है अधिक काम करने वाला, इसलिए ड्यूटी से अलावा समाज के प्रति भी अधिकारी अपना कर्तव्य निभाएं। ग्राम संरक्षकों से संवाद का मकसद यही है कि सभी समाज के प्रति जवाबदेह बनते हुए इस कार्यक्रम से जुड़ें।

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गांव व वार्ड स्तर पर लोगों की समस्याओं के समाधान व गांवों में व्यवस्थागत व ढांचागत विकास के उद्देश्य से ग्राम संरक्षक कार्यक्रम की शुरूआत की है, जिसमें प्रदेश सरकार के प्रथम श्रेणी स्तर के अधिकारी ग्राम संरक्षक बनेंगे। वे गांवों के विकास के संबंध में मुख्य बिंदुओं को नोट कर उसकी जानकारी जिला प्रशासन व सरकार तक पहुंचाना सुनिश्चित करेंगे। इससे अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं व कार्यक्रमों का लाभ पहुंचाना सरल होगा और जो कमियां होंगी, उनका त्वरित समाधान संभव होगा।

 

मुख्यमंत्री  ग्राम संरक्षकों से संवाद कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के प्रथम श्रेणी स्तर के अधिकारियों से फोन के माध्यम से सीधा संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी प्रथम श्रेणी स्तर के अधिकारी एक गांव का चयन कर उसके संरक्षक बनें। इसके लिए वे www.intrahry.gov.in/ पोर्टल पर स्वयं को रजिस्टर्ड करें। यह कार्य डयूटी के समय छोड़कर अन्य समय में करना है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता व गणतंत्र दिवस हमारे राष्ट्रीय पर्व हैं। आज के दिन हमें देश व समाज के विकास के बारे में भी सोचना चाहिए। अधिकारी का मतलब  है अधिक काम करने वाला, इसलिए ड्यूटी से अलावा समाज के प्रति भी अधिकारी अपना कर्तव्य निभाएं। ग्राम संरक्षकों से संवाद का मकसद यही है कि सभी समाज के प्रति जवाबदेह बनते हुए उनकी भलाई के लिए कार्य करने के लिए स्वयं को मोटिवेड करें और इस कार्यक्रम से जुड़ें।

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मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय की अंत्योदय की भावना के साथ काम कर रही है। सरकार ने पिछले सात साल में जनहित में अनेक योजनाएं व कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिसमें शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देना, एक जिला एक प्रोडक्ट विकसित करना, पेंशन योजनाएं, मेरी फसल-मेरा ब्यौरा, स्वामीत्व योजना, हर घर नल से जल, परिवार पहचान पत्र, मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना इत्यादि शामिल हैं, जिनका लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचाना जरूरी है। आज भी काफी ऐसे व्यक्ति हैं, जो उनके हित की योजनाओं का लाभ स्वयं नहीं ले पाते। ग्राम संरक्षक के रूप में अधिकारी ग्रामीणों, स्थानीय नेताओं, ग्राम स्तर पर कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों से संपर्क करेंगे तो निश्चित रूप अनेक समस्याओं का समाधान होगा।

 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज ने सभी को बहुत कुछ दिया है। एक अधिकारी के रूप में सभी का दायित्व है कि वे समाज के प्रति अपने दायित्व को समझें और उसकी भलाई के लिए कार्य करें।

एडीसी होंगे जिला स्तर पर नोडल अधिकारी-

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिला स्तर पर ग्राम संरक्षक कार्यक्रम के नोडल अधिकारी अतिरिक्त उपायुक्त होंगे। इसके अलावा सभी 22 जिलों में प्रशासनिक सचिव स्तर के अधिकारी को भी नोडल अधिकारी बनाया जाएगा। यह अधिकारी समय-समय पर सभी गतिविधियों की समीक्षा करेंगे तथा जो भी समस्याएं आएंगी उनका समाधान करेंगे। ग्राम संरक्षक द्वारा भेजे जाने वाले सुझावों को संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही के लिए भेजा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम संरक्षक कार्यक्रम से ग्राम स्तर पर चल रहे विकास कार्यों व योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी नहीं रहेंगी। जनता को योजनाओं का लाभ त्वरित मिलना संभव होगा।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में 6700 गांव हैं तथा करीब 2 हजार वार्ड हैं। अगर सभी प्रथम श्रेणी स्तर के अधिकारी एक-एक गांव व वार्ड के संरक्षक बनेंगे तो अधिकारियों की संख्या के हिसाब से हर गांव व वार्ड को कवर किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने ग्राम संरक्षकों से संवाद कार्यक्रम के तहत प्रथम श्रेणी स्तर के 14 अधिकारियों से बात की, जिसमें एसीएस अनुराग रस्तोगी, कोसली रेवाड़ी में कार्यरत डा. भूपेश यादव,  गुरूग्राम में कार्यरत डा. मोनिका, पानीपत थर्मल में कार्यकारी अभियंता आशीष ढुल, गुरूग्राम से डा. इंदु, होडल के एसडीएम वकील अहमद, प्रतिमा चौधरी, ब्रिजलाल, करनाल से आजाद सिंह, फतेहाबाद से शालिनी चेतल, मनोज कुमार, जयपाल, सिविल अस्पताल अंबाला में कार्यरत डा. पूजा गुप्ता व पंचकूला से हिमांशु गुप्ता शामिल हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव डीएस ढेसी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डा. अमित अग्रवाल व ओएसडी भूपेश्वर दयाल भी उपस्थित थे।

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