उत्तर प्रदेश की बड़ी खबरें: उपमुख्यमंत्री बोले- कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने की रणनीति कारगार रही

उत्तर प्रदेश की बड़ी खबरें: उपमुख्यमंत्री बोले- कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने की रणनीति कारगार रही

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार शनिवार, रविवार और सोमवार को विशेष सफाई एवं सैनिटाइजेशन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रदेश भर के शासकीय अस्पतालों (मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी) के परिसर व आसपास के क्षेत्रों में सप्ताह में दो दिन शनिवार, रविवार को विशेष सैनिटाइजेशन व सफाई अभियान चलाए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार लगातार काम कर रही है। सरकार द्वारा आज भी कई बड़े निर्णय लिए गए। आइए पढ़ते हैं उत्तर प्रदेश की दिनभर की आज की बड़ी खबर।

यूपी सरकार की कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने की रणनीति कारगार रही -डॉ. दिनेश शर्मा

उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने आज जनपद रायबरेली में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने की रणनीति कारगार रही है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में 3 टी सरकार का मूल मंत्र रहा है। 3 टी का अर्थ ट्रेस, टेस्ट व ट्रीट हैं जिसके चलते प्रदेश में कोरोना संक्रमण तेजी से घट रहा है तथा ठीक होने वालों का आंकडा बढ़ रहा है। प्रदेश में 30 अप्रैल 2021 की तुलना में कोरोना के एक्टिव मामलों में 69.6 प्रतिशत की कमी आई है। राज्य में कोरोना संक्रमण से रिकवरी की दर वर्तमान में बढ़कर 93.2 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में कोविड-19 की जांच एवं उपचार निःशुल्क किया जा रहा है। होम आइसोलेशन में रहने वाले कोरोना मरीजों को दवा की व्यवस्था के साथ ही कोविड कन्ट्रोल रूम से उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है। संक्रमण पर रोक के लिए युद्ध स्तर पर सेनेटाइजेशन का कार्य भी हो रहा है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने दूरदर्शिता व पूरी संवेदनशीलता के साथ कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण के उपाय किए, जिनका परिणाम आज सबके सामने हैं। देश में सबसे बडी आबादी वाले प्रदेश में आज संक्रमण काफी हद तक नियंत्रण में हैं। प्रदेश की बड़ी आबादी गांवों में रहती है और सरकार बडी संख्या में गावों में संक्रमण को फैलने से रोका है। सरकार के प्रयासों की डब्लूएचओ ने भी सराहना की है। ग्रामीण क्षेत्रों को सुरक्षित रखने के लिए सरकार 97 हजार से अधिक राजस्व गांवों में 05 मई से बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग अभियान चला रही है। हर लक्षणयुक्त व संदिग्ध संक्रमित व्यक्ति को दवा की किट दी जा रही है। डॉ. शर्मा ने कहा कि सरकार वर्तमान स्थिति पर नियंत्रण के साथ ही भविष्य के लिए भी पूरी तरह से तैयार है। कोरोना की तीसरी वेव की आशंका को देखते हुए हर जिले में महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष पीकू आईसीयू तैयार किए जाने आरंभ हो गए हैं। प्रदेश के मेडिकल कालेजों में 100-100 पीकू बेड़ बनाने का कार्य प्रारम्भ हो गया है। जनपद के अस्पतालों में 20-20 बेड बच्चों के लिए आरक्षित किया जायेगा। इन्हे 20 जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। केजीएमयू में एक पीडियाट्रिक आईसीयू तैयार हो गया है। एक अन्य पीकू की स्थापना का कार्य प्रगति पर है। आरएमएल आईएमएस में 120 बेड का पीकू तैयार हो रहा है। कोरोना संक्रमण से ग्रसित लोगों  के उपचार की व्यवस्था के साथ ही इस बात के भी पुख्ता इंतजाम किए गए कि दवाओं आदि की किसी प्रकार से कालाबाजारी नहीं हो सके। जीवन रक्षक दवाओं की कालाबाजारी करनेवालों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई।

इसे भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश में एक दिन में कुल 3,17,684 सैम्पल की हुई जांच, 84,880 एक्टिव केस

डॉ शर्मा ने कहा कि मार्च 2020 में कोरोना संक्रमण के समय प्रदेश में कोरोना टेस्ट की कोई सुविधा नहीं थी पर सरकार ने प्रदेश के लोगों के जीवन की रक्षा को सबसे बडा धर्म मानते हए तेजी से सूबे में लैब की स्थापना कराई। आज उत्तर प्रदेश में हर रोज करीब तीन लाख टेस्ट किए जा रहे हैं। प्रदेश में अब तक 4 करोड़ 64 लाख 19 हजार 134 कोरोना टेस्ट किए जा चुके हैं। कोरोना के इस दूसरी वेव में मरीजों को आक्सीजन की कमी नहीं हो इसके लिए भी सुनियोजित रूप से काम किया गया। एयर व रेल के जरिए आक्सीजन मंगाने के साथ ही अस्पतालों में आक्सीजन प्लांट की स्थापना कराई गई। आक्सीजन के उपयोग की मानीटरिंग की भी रातों रात नई डिजिटल व्यवस्था तैयार की गई। जिसका परिणाम है कि उत्तर प्रदेश में एक दिन में 100 मीट्रिक टन आक्सीजन तक की आपूर्ति कर मरीजों को राहत दी गई। प्रदेश में आक्सीजन की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में सुनिश्चित कराने हेतु 485 आक्सीजन प्लांट स्वीकृत किये गये है। जिसमें 258 प्लांट की बनने की प्रक्रिया चालू हो गयी है तथा 32 प्लांट क्रियाशील हो गये है। 90 प्रतिशत से अधिक प्लांट वातावरण से आक्सीजन बनाने वाले प्लांट है। मेडिकल कॉलेजों में अब ढाई दिन तक का बैकअप हो गया है। यूपी सरकार के आक्सीजन मानीटरिंग सिस्टम की नीति आयोग ने भी प्रशंसा की है।

डॉ शर्मा ने कहा कि इन सभी व्यवस्थाओं के पीछे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मार्गदर्शन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नेतृत्व रहा है। मुख्यमंत्री ने  कोविड से पीडित होने के बाद भी सच्चे कर्मयोगी की तरह प्रदेश की जनता की सेवा की है। कोरोना से ठीक होने के बाद सीएम लखनऊ में नहीं बैठे बल्कि जिलों में जाकर उन्होंने कोविड के मरीजों से सीधे मुलाकात कर सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं को खुद परखा है। आज उत्तर प्रदेश का कोविड प्रबंधन देश के अन्य राज्यों के लिए माडल की तरह है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कही भी कोई कमी नहीं रह जाए इसलिए हर कदम पर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। राज्य स्तर अधिकारियों की टीम गठित कर प्रदेश पर नजर रखी जा रही है, साथ ही जिलों में नोडल अधिकारियों को भेजकर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत भी जांची जा रही है। मुख्यमंत्री खुद भी जिले के अधिकारियों से सीधे संवाद कर स्थिति पर नजर रख रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने लोगों को आ रही पोस्ट कोविड समस्याओं के निराकरण के लिए पोस्ट कोविड वार्ड बनाए हैं जिससे कि उन परेशानियों को भी दूर किया जा सके। इसी क्रम में ब्लैक फंगस को अधिसूचित बीमारी घोषित करते हुए उसके उपचार के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। ब्लैक फंगस की दवाओं की कालाबाजारी न होने पाए इसके लिए भी फूल प्रूफ व्यवस्था की गई है। सभी जनपदों में वेंटिलेटर्स तथा ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर उपलब्ध कराये गये हैं। गांव में कोविड-19 प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ‘‘मेरा गांव कोरोना मुक्त गांव’’ का अभियान तथा शहर में ‘‘मेरा वार्ड कोरोना मुक्त वार्ड’’ का अभियान चलाने के निर्देश दिये है।

डॉ शर्मा ने कहा कि सरकार ने लोगों को कोरोना से सुरक्षित करने के लिए निःशुल्क टीकाकरण आरंभ कराया है। उत्तर प्रदेश पहला ऐसा राज्य है जो 18 से 44 आयु वर्ग के अपने नागरिकों का निःशुल्क टीकाकरण करा रहा है। प्रदेश में 18 से 44 वर्ष वाले लोगों के साथ-साथ 45 वर्ष से अधिक आयु वालों का वैक्सीनेशन चल रहा है। अब तक लगभग 1.27 करोड़ लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी गई तथा पहली डोज वाले लोगों में से लगभग 33 लाख लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज दी गई। इस प्रकार कुल लगभग 1.60 करोड़ वैक्सीन की डोज लगायी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि 1 जून से पूरे प्रदेश में 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों के टीकाकरण का कार्य आरंभ होगा। उन्होंने बताया कि 23 जनपदों में अब तक 18 से 44 वर्ष के आयुवर्ग के लगभग 8.52 लाख लोगों को वैक्सीन लगायी गयी है। उन्होंने बताया कि आयुष विभाग द्वारा लगभग 10 हजार से अधिक आयुवेदिक, 38 हजार होम्योपेथिक, 2 हजार यूनानी तरीकों से उपचार किया गया है। लगभग 1 लाख 40 हजार आयुष किट तथा लगभग 1 लाख 53 हजार आयुष काढ़ा का वितरण किया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 11 लाख आयुवेदिक, होम्योपेथिक तथा यूनानी पद्धतियों की विभिन्न प्रकार की औषधियों का वितरण किया गया है। उन्होंने कहा कि आंशिक कोरोना कफ्र्यू के माध्यम से प्रदेश में कोविड संक्रमण को नियंत्रित करने में बडी मदद मिल रही है। डॉ. शर्मा ने कहा कि कोरोना की विकट परिस्थिति ने लोगों के सामने कई तरह की परेशानियां खडी की है पर सरकार उन्हें दूर करने का प्रयास कर रही है। कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों में गरीबों और जरूरतमन्दों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी श्रेणी के राशनकार्ड धारकों को 03 माह के लिए प्रति यूनिट 03 किलो गेहूं तथा 02 किलो चावल निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।  

इसे भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और उनके परिवार के दो सदस्य कोरोना वायरस से संक्रमित

इस प्रकार  प्रति यूनिट 05 किलो निःशुल्क खाद्यान्न जरूरतमन्दों को मिलेगा। इससे प्रदेश की लगभग 15 करोड जनसंख्या लाभान्वित होगी। यह कार्यक्रम आरंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ की सरकार  समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को हर सम्भव राहत और मदद उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित है। शहरी क्षेत्रों में दैनिक रूप से कार्य कर अपना जीविकोपार्जन करने वाले ठेला खोमचा  रेहडी  खोखा आदि लगाने वाले पटरी दुकानदारों दिहाडी मजदूरों  रिक्शा व ई.रिक्शा, चालक पल्लेदार सहित नाविकों  नाई धोबी, मोची, हलवाई आदि जैसे परम्परागत कामगारों को एक माह के लिए 1000 रुपए का भरण.पोषण भत्ता प्रदान किया जाएगा। इससे लगभग 01 करोड गरीबों को राहत मिलेगी। इस क्रम में आंशिक कोरोना कफ्र्यू के दौरान जरूरतमन्दों के लिए कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन की व्यवस्था की जा रही है। वर्तमान में प्रदेश में करीब 400 सामुदायिक किचन संचालित हैं। राज्य सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए भी संकल्पित है। प्रदेश के सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए 02 योजनाएं संचालित की जा रही हैं। दुर्घटना में दुर्भाग्यवश किसी श्रमिक की मृत्यु अथवा दिव्यांगता हो जाने पर 02 लाख रुपए के सुरक्षा बीमा कवर तथा 05 लाख रुपए तक के स्वास्थ्य बीमा कवर की व्यवस्था इन योजनाओं के माध्यम से की गई है।

 डॉ0 शर्मा ने कहा कि प्रदेश में सभी स्तर की शिक्षण संस्थाओं में 20 मई  2021 से ऑनलाइन क्लास का संचालन प्रारम्भ हो गया है। कोरोना की परेशानियों को देखते हुए सरकार ने प्रदेश में संचालित सभी बोर्डों के विद्यालयों में फीस नहीं बढाने का भी आदेश दिया है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड के चलते कई परिवार आर्थिक रूप से प्रभावित हुए हैं। विद्यालय भौतिक रूप से बन्द हैं पर आॅनलाइन पठन पाठन कार्य जारी है। इन सभी परिस्थितियों को  देखते हुए सरकार ने एक ऐसा संतुलित निर्णय किया है जिससे कि आम जनमानस पर अतिरिक्त भार न पडे साथ ही विद्यालय में कार्यरत शिक्षक व शिक्षणेत्तर कार्मिकों को नियमित वेतन देना सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बताया कि  विद्यालय सत्र 2021-22 में पिछले वर्ष की भांति उसी शुल्क संरचना के हिसाब से शुल्क ले सकेंगे जो वर्ष 2019-20 में लागू की गई थी। अगर किसी स्कूल ने बढी हुई शुल्क संरचना के हिसाब से फीस ले ली है तो इस बढी हुई फीस को आगे के महीनों की फीस में समायोजित किया जाएगा।  उन्होंने कहा है कि विद्यालय बन्द रहने की अवधि में परिवहन शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा अगर किसी छात्र अथवा अभिभावक को तीन माह का अग्रिम शुल्क जमा करने में किसी प्रकार की परेशानी आ रही है तो उसके अनुरोध पर उनसे मासिक शुल्क ही लिया जाए। इस स्थिति में उन्हें तीन माह का अग्रिम शुल्क देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकेगा। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जब तक विद्यालयों में भौतिक रूप से परीक्षा नहीं हो रही है तब तक परीक्षा शुल्क भी नहीं लिया जा सकेगा। इसी प्रकार से जब तक क्रीडा विज्ञान प्रयोगशाला लाइब्रेरी कम्प्यूटर वार्षिक फंक्शन जैसी गतिविधियां नहीं हो रही है तब तक उनका शुल्क भी नहीं लिया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने कोरोना काल में पूरी संवेदनशीलता के साथ यह निर्णय भी किया है कि अगर  कोई छात्र अथवा छात्रा अथवा उनके परिवार का कोई सदस्य कोरोना से संक्रमित है और उन्हे फीस देने में परेशानी हो रही है तो सम्बन्धित छात्र अथवा छात्रा के लिखित अनुरोध पर उस माह का शुल्क अग्रिम महीनों में किश्त के रूप में समायोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस बात के निर्देश भी दिए गए हैं कि विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मिकों का वेतन नियमित रूप से दिया जाए।

कोरोना महामारी के समय ग्रामीण महिला उद्यमियों की आजीविका के लिए आशा की किरण बना गन्ना विकास विभाग का‘महिला रोजगार सृजन कार्यक्रम’

चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और आय अर्जन के लिए ‘मिशन शक्ति’ अभियान के अन्तर्गत शुरु किये गये ‘महिला रोजगार सृजन कार्यक्रम’ महिला उद्यमियों की आजीविका के लिए आशा की किरण साबित हो रहा है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए प्रदेश के आयुक्त, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास श्री संजय आर. भूसरेड्डी ने बताया कि कोरोना कफ्र्यू के दौरान जब अधिकतर ग्रामीण परिवेश से जुड़े लोग शहर आकर आजीविका के लिए कार्य नहीं कर पा रहे हैं, ऐसी विषम परिस्थितियों में ग्रामीण महिला उद्यमियों को तो गन्ना विकास विभाग के सिंगल बड चिप कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार की प्राप्ति हो ही रही है, वहीं दूसरी तरफ इस कार्यक्रम के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों के परिवार के सदस्यों को भी रोजगार की प्राप्ति हो रही है। अब तक महिला स्वयं सहायता समूहों के परिवार के सदस्यों को स्थानीय स्तर पर ही 1,98,155 कार्य दिवस का रोजगार अर्जित हुआ है।

श्री भूसरेड्डी ने बताया कि प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध करने के लिए प्रदेश के 36 गन्ना बहुल जिलों में अब तक 1,988 महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है, जिनमें 43,609 महिला उद्यमी पंजीकृत हैं।

इन समूहों से जुड़ी महिलाओं को सिंगल बड चिप के सीडलिंग तैयार करने हेतु विभाग द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। महिला समूहों द्वारा अब तक 10.98 करोड़ सीडलिंग तैयार करायी जा चुकी है, जिसमें से 9.5 करोड़ सीडलिंग की बिक्री करते हुए महिला समूहों द्वारा लगभग 28 करोड़ रूपये की आय अर्जित की गई है। श्री भूसरेड्डी ने बताया कि गन्ने की नर्सरी से प्रति महिला उद्यमी एक सत्र में औसतन आय रू0 59,000 रूपये की प्राप्ति होगी। अब तक प्रदेश की महिलाओं को लगभग 9 लाख मानव दिवस का रोजगार उपलब्ध हुआ है। इसके साथ ही इस कार्यक्रम के तहत लगभग 26.82 लाख कुंतल उन्नतशील गन्ना बीच का उत्पादन किया जायेगा।  

परिवार की जिम्मेदारियों के साथ समाज सेवा में भी जुटी हैं वैश्य समाज की महिलाएंः मंत्री नन्दी

उत्तर प्रदेश के नागरिक उड्डयन, अल्पसंख्यक कल्याण, राजनीतिक पेंशन, मुस्लिम वक्फ एवं हज मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने आज वैश्य समाज महिला उत्तर प्रदेश से जुड़ी पश्चिमी उत्तर की महिला पदाधिकारियों के साथ वर्चुअल संवाद किया। जिसमें उन्होंने कोरोना संक्रमण काल में पूरे मनोयोग के साथ होम आइसोलेशन में रह रहे और अस्पतालों में भर्ती मरीजों की सेवा में तत्पर वैश्य महिला समाज पश्चिमी उत्तर प्रदेश की महिलाओं द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना की।

मंत्री नन्दी की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल संवाद में गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, रामपुर, मुरादाबाद, बिजनौर, संभल, सहारनपुर, बुलंदशहर, शामली जनपद से वैश्य समाज महिला से जुड़ी महिलाएं शामिल हुईं, जो इस कोविड काल में घर परिवार की जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के साथ ही समाज सेवा में भी जुटी हुई हैं। वैश्य समाज महिला की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती लीना सिंघल ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में वैश्य समाज की महिलाएं इस संक्रमण काल में अपने सामाजिक दायित्वों का भी क्षमता अनुसार बखूबी निर्वहन कर रही हैं। उन्होंने मंत्री नन्दी को बताया कि पिछले दिनों बिजनौर में आॅक्सीजन प्लांट प्रशासन की मदद से चालू कराया गया, जिसकी वजह से सैकड़ों लोगों की जान बच सकी। मुरादाबाद, शामली, संभलपुर की महिला पदाधिकारियों ने बताया कि कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए होम आइसोलेशन में रह रहे जरूरतमंद लोगों तक भोजन, दवा आदि सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। महिला पदाधिकारियों ने कहा कि कोविड संक्रमण कम होने के बाद अगर कोई महिला व्यवसाय करना चाहती है तो उन्हें प्रमोट किया जाए। शामली और सम्भल में टीचर्स व व्यापारियों की समस्याओं से अवगत कराया।

इसे भी पढ़ें: ब्लैक फंगस की दवा की कालाबाजारी के आरोप में दो लोग गिरफ्तार

मंत्री नन्दी ने परिवार के साथ ही समाज सेवा के कार्य में जुटी वैश्य समाज महिला से जुड़ी महिलाओं के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के सक्रियता से ही आज कोरोना संक्रमण पूरी तरह से कंट्रोल में है। डब्ल्यूएचओ ने भी उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के प्रयास की सराहना की है। वहीं महाराष्ट्र हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को कोरोना संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए योगी माॅडल को अपनाने का सुझाव दिया है। वर्चुअल बैठक में प्रदेश प्रभारी अजय गोयल, प्रदेश अध्यक्ष लीना सिंघल, डा. रचना अग्रवाल, इंजीनियर कल्पना गर्ग, श्रीमती रमा गुप्ता, सकुंजवाला अग्रवाल,, शीनू गुप्ता, अर्चना कंसल, शालिनी अग्रवाल,, पूजाा गुप्ता, सोनल, नीरा अग्रवाल, चारू गोयल, शालू गर्ग, कृष्णा गर्ग, पूनम गुप्ता, कुमुद अग्रवाल, श्रद्धा अग्रवाल आदि शामिल रहीं।

मृतक शिक्षकों एवं कर्मचारियों के देयकों के भुगतान तत्काल किये जाये

प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सतीश चन्द्र द्विवेदी ने आज बेसिक शिक्षा विभाग की मंडलीय समीक्षा बैठक में अलीगढ़, बरेली और मुरादाबाद मंडल के मंडलीय सहायक निदेशक एवं डायट प्राचार्य और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों की वर्चुअल समीक्षा बैठक की तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए। मंत्री ने सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मृतक शिक्षकों एवं कर्मचारियों के देयकों के भुगतान तत्काल किये जाये। अंतर्जनपदीय स्थानांतरण प्राप्त शिक्षकों के अंतिम भुगतान प्रमाण पत्र (एलपीसी) भेजने में देरी करने वाले जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की चेतावनी दी है। सेवानिवृत्त शिक्षकों और कर्मचारियों के पेंशन, जीपीएफ और बीमा के अविलंब भुगतान करने के निर्देश दिये। जांच के उपरांत फर्जी पाए गए शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर और रिकवरी की कार्रवाई शीघ्र करने के निर्देश दिये।

डा. द्विवेदी ने नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों से समन्वय स्थापित कर ऑपरेशन कायाकल्प में पुनः तेजी लाने का निर्देश दिये है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिला प्रशासन द्वारा कोविड से संबंधित किसी भी कार्यों में गर्भवती महिला शिक्षकों या ऐसी शिक्षिकाएं जिनके छोटे बच्चे हैं तथा बीमार शिक्षकों की ड्यूटी ना लगाई जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार, महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरण आनंद, निदेशक बेसिक शिक्षा डॉ. सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह, सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रताप सिंह बघेल उपस्थित रहे।

कोविड-19 महामारी से लड़ाई में उत्तर प्रदेश को ओप्पो मोबाइल्स एवं सैमसंग इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी द्वारा सहयोग

वर्तमान समय में जब पूरा देश एवं प्रदेश कोरोना की दूसरी लहर की चपेट में है, माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग उत्तर प्रदेश की पहल पर प्रदेश में स्थापित औद्योगिक इकाइयों द्वारा भी इस लड़ाई में बढ़-चढ़ कर राज्य सरकार के साथ सहयोग किया जा रहा है और आर्थिक मदद के साथ-साथ आवश्यक उपकरणों के रूप में सहायता प्रदान की जा रही है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री तथा सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रानिक्स मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया है कि सहयोग की इस कड़ी में जनपद गौतमबुद्ध नगर में स्थापित मेसर्स ओप्पो मोबाइल्स इण्डिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रदेश सरकार को 1,000 ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर्स उपलब्ध कराये गये हैं। इन ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर्स को उत्तर प्रदेश के अधिक कोरोना केसेज वाले जनपदों गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, बागपत, बुलन्दशहर, शामली, आगरा, लखनऊ, हरदोई, सुल्तानपुर, रायबरेली, कानपुर नगर, कानपुर देहात तथा बाराबंकी के जिलाधिकारियों से समन्वय कर पहुंचाया जा चुका है। 

इसे भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश में आंशिक कोरोना कर्फ्यू को 31 मई तक विस्तार दिया गया

ये ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर्स ऐसे मरीजों को जीवन-रक्षक ऑक्सीजन सहायता प्रदान करेंगे जिन्हें इसकी तत्काल आवश्यकता है। इनसे जनपदों के चिकित्सकीय अवसंरचना में महत्वपूर्ण सहयोग होगा।

इससे पूर्व नोएडा में मोबाइल और आईटी डिस्प्ले उत्पादों के विनिर्माण हेतु अपनी इकाई की स्थापना कर रहे सैमसंग इण्डिया इलेक्ट्रानिक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 07.50 करोड़ की धनराशि उ0प्र0 राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण को उपलब्ध कराई गई है। सैमसंग द्वारा 1900 से अधिक ऑक्सीजन सिलिण्डर्स, 60 से अधिक ऑक्सीजन कॉन्सेन्ट्रेटर तथा 06.50 लाख विशेष एल.डी.एस. सिरींजेस भी उपलब्ध कराये गये हैं। उप मुख्यमंत्री डा0 दिनेश शर्मा ने उत्तर प्रदेश में निजी एवं सामाजिक संस्थाओं से कोरोना महामारी में जनता के सहयोग की अपील की।                                                                   

मोहसिन रजा ने कोविड-19 के दृष्टिगत जनपद उन्नाव का सीएससी सफीपुर को लिया गोद

प्रदेश के अल्पसंख्यक राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने आज बताया कि कि वैश्विक महामारी कोविड-19 की रोकथाम एवं सम्भावित कोरोना की तीसरी लहर के पूर्व प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु मा० सांसदों, विधायकगण आदि जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने- अपने क्षेत्रान्तर्गत एक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र या प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को गोद लेने संबंधित मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश श्री योगी आदित्यनाथ जी ने अपील की थी जिसके अनुपालन में मंत्री श्री मोहसिन रजा जी द्वारा 23 मई, 2021 को अपने पैतृक जनपद उन्नाव के कस्बा सफीपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सफीपुर का निरीक्षण किया तथा उक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सफीपुर को गोद लेने का निर्णय लिया है। मंत्री ने कहा है कि क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को अतिउत्तम बनाने एवं क्षेत्रीय जनता को उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु तेजी से समस्त कार्यवाही की जाएगी। मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का आभार व्यक्त किया है तथा यह भी कहा है कि मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में जनता की अधिक से अधिक सेवा करने का अवसर प्राप्त हो रहा है इसके लिए हृदय से आभार व्यक्त किया है।

मंत्री श्री मोहसिन रजा ने स्वास्थ्य केन्द्र को गोद लिये जाने के सम्बंध में अनुपालन हेतु पत्र द्वारा मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया है तथा इसी संबंध में मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन, अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, जिलाधिकारी, उन्नाव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उन्नाव और प्रभारी चिकित्साधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सफीपुर,उन्नाव को भी सूचनार्थं एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु पत्र प्रेषित किया है।

पशुधन मंत्री श्री लक्ष्मी नारायण चैधरी का जनपद बदायूं का भ्रमण कार्यक्रम

उत्तर प्रदेश के पशुधन, मत्स्य एवं दुग्ध विकास मंत्री श्री लक्ष्मी नारायण चैधरी द्वारा कल दिनांक 25 मई, 2021 को जनपद बदायूं का भ्रमण किया जाएगा। जनपद बदायूं के प्रभारी मंत्री श्री चैधरी वहां पूर्वाहन 11:30 बजे से अपराह्न 12:20 बजे तक राजकीय मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे।

 प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार इसके पश्चात प्रभारी मंत्री श्री लक्ष्मी नारायण चैधरी 12:30 बजे से अपराह्न 01:30 बजे तक अटल बिहारी सभागार कलेक्ट्रेट में कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण गरीबों और जरूरतमंदों को निःशुल्क राशन वितरण की समीक्षा, रूपये 1000.00 पटरी दुकानदार आदि को प्रति परिवार वितरण किए जाने तथा कोविड-19 से संबंधित जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ अन्य बिंदुओं पर समीक्षा करेंगे। इसके अतिरिक्त प्रभारी मंत्री श्री चैधरी 01:30 बजे से 02:00 बजे तक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे।

तृतीय श्रेणी की अर्हता रखने वाले मृतक आश्रितों को पद रिक्त न होने की  स्थिति में भी अधिसंख्य पद पर नियुक्ति दी जाएगी

प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सतीश चन्द्र द्विवेदी ने बताया कि अब उन मृतक आश्रितों को जो बीएड/डीएलएड (पूर्व में बी टी सी) तथा टीईटी डिग्री धारक हैं उनको अध्यापक तथा जो टीईटी उत्तीर्ण नहीं है परंतु तृतीय श्रेणी में नियुक्ति की अर्हता रखते हैं उनको पद रिक्त न होने की स्थिति में भी अधिसंख्य पद पर तृतीय श्रेणी में नियुक्ति दी जाएगी। डॉ. द्विवेदी ने बताया कि पूर्व में अधिकांश शिक्षकों के मृतक आश्रित जो टीईटी उत्तीर्ण नहीं थे वह उच्च शिक्षित होते हुए भी चतुर्थ श्रेणी में सेवा करने के लिए विवश होते थे क्योंकि तृतीय श्रेणी में पद रिक्त नही होते थे। यह व्यवस्था उनकी योग्यता के अनुरूप नहीं थी। इसी बात को ध्यान में रखते हुए तृतीय श्रेणी की अर्हता रखने वाले मृतक आश्रितों को पद रिक्त न होने की  स्थिति में भी अधिसंख्य पद पर नियुक्ति दी जाएगी।

अल्पसंख्यक राज्य मंत्री मोहसिन रजा ने आज सिविल अस्पताल में कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज ली

उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने आज अपनी पत्नी फौजिया मोहसिन के साथ लखनऊ के डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में कोविड-19 से बचाव हेतु कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज भी प्राप्त कर ली है।

इस अवसर पर उन्होंने अपील की कि सभी प्रदेशवासी कोरोना के विरुद्ध संघर्ष में सहभागी बनें और अपनी बारी आने पर कोरोना वैक्सीन अवश्य लगवाएं, उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के खिलाफ चल रही देश की इस लड़ाई में सहयोग करें। रजा ने कहा कि कोरोना वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित और कारगर है, कृपया इसे आप स्वयं और अपने परिवार की रक्षा हेतु वैक्सीनेशन जरूर करवाएं तथा कोरोना से सतर्कता बरतने हेतु समय-समय पर देश व प्रदेश सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन भी करें।

इसे भी पढ़ें: CM योगी का मेडिकल कॉलेज को 100 बेड का ICU बनाने का निर्देश, हर जिले में शुरू होगा कम्युनिटी किचन

मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में स्थित 1215 शासकीय अस्पतालों में चलाया गया सफाई एवं सैनिटाइजेशन अभियान: अपर मुख्य सचिव नगर विकास

प्रदेश भर में विशेष सैनिटाइजेशन व सफाई अभियान में लगाए गए 21541 कर्मचारी: डॉ. रजनीश दुबे

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार शनिवार, रविवार और सोमवार को विशेष सफाई एवं सैनिटाइजेशन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रदेश भर के शासकीय अस्पतालों (मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी) के परिसर व आसपास के क्षेत्रों में सप्ताह में दो दिन शनिवार, रविवार को विशेष सैनिटाइजेशन व सफाई अभियान चलाए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं। अपर मुख्य सचिव नगर विकास विभाग डॉ. रजनीश दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री जी के निर्देश एवं मार्गदर्शन पर नगर विकास विभाग द्वारा प्रदेश भर के नगरीय क्षेत्र में कोविड-19 के दृष्टिगत पूर्व से ही शनिवार, रविवार और सोमवार को विशेष सैनिटाइजेशन एवं सफाई अभियान चलाया जा रहा है। वहीं विशेष रूप से सप्ताह में दो दिन शनिवार और रविवार को प्रदेश भर में 1215 शासकीय अस्पतालों में सफाई एवं सैनिटाइजेशन अभियान चलाया गया। जिसमें 1248.45 टन कूड़ा उठाया गया है।

कोविड 19 के दृष्टिगत मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार चलाए गए अभियान के तहत डॉ. रजनीश दुबे ने बताया कि दिनांक 22 व 23 मई 2021 को विशेष रूप से नगर विकास विभाग द्वारा नगरीय क्षेत्रों में 1215 शासकीय अस्पतालों में सैनिटाइजेशन किया गया। जिसमें 1248.45 टन कूडे का निस्तारण भी किया गया। सैनिटाइजेशन अभियान के तहत करीब 51118.85 किलोग्राम सोडियम हाइपोक्लोराइड का प्रयोग कर छिड़काव किया गया। जिससे सैनिटाइजेशन की गुणवत्ता पर असर न पड़े। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि दो दिन चलाए गए विशेष अभियान में प्रदेश भर के अस्पतालों में वृहद स्तर पर विसंक्रमण की कार्यवाही की गई। इसमें 305 मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय, 578 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र(सीएचसी) व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), 332 नगरीय स्वास्थ्य केंद्र व अन्य अस्पतालों को सैनिटाइज किया गया।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि इस अभियान के दौरान इन दो दिनों में निकाय क्षेत्रों में स्थित सरकारी अस्पताल व संस्थागत केंद्रों के परिसर के भीतर एवं बाहर के क्षेत्रों में साफ-सफाई व्यवस्था एवं विसंक्रमण की कार्यवाही की जा रही है। इस विशेष सफाई अभियान से अस्पताल के परिसर भी संक्रमण मुक्त रहेंगे साथ ही आसपास के क्षेत्रों में भी विसंक्रमित रहेंगे। जिससे कोविड-19 के संक्रमण को भी रोकने में सफलता मिलेगी। प्रदेश भर में इस विशेष सैनिटाइजेशन व सफाई अभियान में कुल 21541 सफाई कर्मचारी लगाए गए हैं।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।