भाजपा ने की मुकुल रॉय के PAC नामांकन को रद्द करने की मांग, ममता ने कहा- अध्यक्ष करेंगे अंतिम फैसला

भाजपा ने की मुकुल रॉय के PAC नामांकन को रद्द करने की मांग, ममता ने कहा- अध्यक्ष करेंगे अंतिम फैसला

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि कोई भी लोक लेखा समिति के लिए नामांकन दाखिल कर सकता है और मुकुल रॉय, जिन्होंने नामांकन दाखिल किया है वह भाजपा के सदस्य हैं।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद मुकुल रॉय ने भाजपा का साथ छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे। जिसको लेकर भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा की लोक लेखा समिति के लिए मुकुल रॉय के नामांकन को रद्द करने की मांग की है। जबकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुकुल रॉय का समर्थन किया है। 

इसे भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल विधानसभा की लोक लेखा समिति के अध्यक्ष नियुक्त हो सकते हैं मुकुल रॉय 

मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा कि नामांकन कोई भी दाखिल कर सकता है लेकिन अंतिम निर्णय सदन के अध्यक्ष को लेना होता है। मुख्यमंत्री ने सचिवालय में कहा कि कोई भी लोक लेखा समिति के लिए नामांकन दाखिल कर सकता है और मुकुल रॉय, जिन्होंने नामांकन दाखिल किया है वह भाजपा के सदस्य हैं।

रॉय की उम्मीदवारी करें खारिज

भाजपा ने अनुरोध किया कि मुकुल रॉय की उम्मीदवारी खारिज की जानी चाहिए। भाजपा विधायक दल ने उनके नाम का प्रस्ताव नहीं किया है एवं रॉय भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते थे इसलिए तृणमूल कांग्रेस उनका नामांकन नहीं करा सकती।

आपको बता दें कि मुकुल रॉय समेत 20 विधायकों ने लोक लेखा समिति (पीएसी) की सदस्यता के लिए नामांकन दाखिल किया है। जिनमें तृणमूल कांग्रेस के 14 और भाजपा के 6 विधायक शामिल हैं। राजनीतिक गलियारों में खबर है कि मुकुल रॉय को समिति का अध्यक्ष बनाया जा सकता है। 

इसे भी पढ़ें: बंगाल में भाजपा को झटका, अलीपुरद्वार जिला अध्यक्ष टीएमसी में शामिल 

मुकुल रॉय ने भाजपा की टिकट पर कृष्णनगर उत्तर से विधानसभा चुनाव लड़ा था और जीत भी दर्ज की थी। हालांकि बाद में वह तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। लेकिन उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया और न ही उन्हें दल बदल कानून के तहत अयोग्य करार दिया गया। भाजपा का कहना है कि उनकी सदस्यता रद्द की जानी चाहिए।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।