BJP MP Gajendra Singh Patel ने हिंदू युवाओं से की पांच बच्चे पैदा करने की अपील

मध्यप्रदेश के खरगोन-बड़वानी से भाजपा सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने बड़वानी में आयोजित एक कार्यक्रम में हिंदू युवाओं से जल्दी शादी करने और पांच-पांच बच्चे पैदा करने का आह्वान किया। उन्होंने दावा किया कि सनातनियों की जन्म दर घटकर 1.9 रह गई है, जबकि दूसरे समुदाय की जन्म दर अधिक है।
बड़वानी (मध्यप्रदेश), तीन अक्टूबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव और खरगोन-बड़वानी लोकसभा क्षेत्र से सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने हिंदू युवाओं से शादी कर पांच बच्चे पैदा करने का आग्रह किया है। पटेल ने दावा किया कि अब चार बच्चों में से एक हिंदू समुदाय का और तीन ‘‘दूसरे समुदाय’’ के होते हैं। दूसरे समुदाय से उनका इशारा मुस्लिम समुदाय की ओर था।
पटेल ने शुक्रवार देर रात एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वह इस तरह की बातें कहने से नहीं डरते क्योंकि वह ‘‘सनातनी’’ हैं। उन्होंने जन्म दर का जिक्र करते हुए दावा किया कि एक समुदाय की जन्म दर 1.9 प्रतिशत है, जबकि दूसरे समुदाय की 2.9 प्रतिशत है। पटेल ने कहा, ‘‘अब चार बच्चों में से एक हिंदू समुदाय का और तीन दूसरे समुदाय के होते हैं।
1947 से 1967 के बीच स्थिति अलग थी लेकिन आजादी और 2011 की जनगणना के बाद एक समुदाय का जनसंख्या ग्राफ नीचे गया, जबकि दूसरे का बढ़ा है।’’ उन्होंने युवाओं से मौजूदा परिस्थितियों को समझने का आग्रह करते हुए कहा कि 1947 से 1967 के बीच जन्मी पीढ़ी में आमतौर पर परिवार बड़े होते थे। उन्होंने कहा, ‘‘पहले लोगों के चार, पांच, छह या सात बच्चे भी होते थे। लोग 20, 21 या 22 साल की उम्र में शादी कर लेते थे।
आज लोग 30, 35 या 37 साल की उम्र में शादी करते हैं और केवल एक बच्चा पैदा करते हैं। यही वजह है कि सनातनियों की जन्म दर 1.9 है। युवाओं को शादी करनी चाहिए और पांच-पांच बच्चे पैदा करने चाहिए।’’ पटेल ने समाज और परिवार को मजबूत बनाने के लिए जिम और पारंपरिक कुश्ती अखाड़ों को बढ़ावा देने की जरूरत पर भी जोर दिया।
कांग्रेस नेता राजन मंडलोई के क्षेत्र से विधायक होने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश में विपरीत परिस्थितियों में ‘‘सनातनी’’ ही एक-दूसरे की मदद करेंगे, न कि कांग्रेस या भाजपा। देवी मां की भक्ति के साथ शक्ति की जरूरत पर जोर देते हुए पटेल ने हथियार रखने की बात भी कही। उन्होंने युवाओं में बढ़ते नशे और दिखावे की प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई।
अपने ‘‘3डी’’ अभियान का जिक्र करते हुए पटेल ने कहा कि समाज को ‘डीजे (ध्वनि विस्तारक यंत्र), ड्रग्स और दहेज’ से जुड़ी समस्याओं की गंभीरता को समझना चाहिए। उन्होंने दावा किया, ‘‘ ‘डीजे साउंड सिस्टम’ पर नाचने वाले करीब 100 प्रतिशत युवा सनातनी हैं और उनमें से 60 प्रतिशत नशे की हालत में नाचते हैं।’’ उन्होंने लोगों से इन प्रवृत्तियों को समझने और समाज को मजबूत बनाने की दिशा में काम करने का आग्रह किया।
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