Booking.com Survey: होमस्टे और वेकेशन रेंटल को 87 प्रतिशत यात्री मानते हैं ज्यादा यादगार

Booking.com Survey: होमस्टे और वेकेशन रेंटल को 87 प्रतिशत यात्री मानते हैं ज्यादा यादगार
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डिजिटल ट्रैवल मंच बुकिंग डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, 85 प्रतिशत लोग असली स्थानीय अनुभव के लिए पारंपरिक होटलों के बजाय होमस्टे और अपार्टमेंट चुनना पसंद करते हैं। वहीं नीति आयोग की रिपोर्ट बताती है कि देश में दो लाख से अधिक होटल कमरों की कमी है, जिसे यह वैकल्पिक आवास क्षेत्र पूरा करने में मदद कर रहा है।

‘बुकिंग डॉट कॉम’ के बुधवार को जारी एक सर्वेक्षण के अनुसार, यात्री ज़्यादा बेहतर और यादगार छुट्टियों के लिए होमस्टे, वेकेशन रेंटल और अपार्टमेंट जैसे विकल्पों को अपना रहे हैं। सर्वेक्षण में शामिल 85 प्रतिशत लोग असली स्थानीय अनुभव के लिए होमस्टे, वेकेशन रेंटल और अपार्टमेंट जैसे विकल्पों को पसंद करते हैं और 87 प्रतिशत का मानना ​​है कि इनसे ज्यादा यादगार अनुभव मिलते हैं। डिजिटल ट्रैवल मंच ‘बुकिंग डॉट कॉम’ के ‘भारत 2026 में कैसे यात्रा करता है - घरों पर एक नजर’ रिपोर्ट का हिस्सा यह सर्वेक्षण ऐसे आवास की बढ़ती पसंद को उजागर करता है जो यात्रियों को पारंपरिक होटलों से परे स्थानीय संस्कृति, भोजन और गंतव्यों का अनुभव करने का अवसर देता है।

नयी रिपोर्ट में कहा गया, “छुट्टियों के लिए यात्रा की योजना बनाते समय, 87 प्रतिशत लोगों का कहना है कि अलग तरह की जगहों पर ठहरने से ज्यादा यादगार अनुभव मिलते हैं, 85 प्रतिशत लोग असली स्थानीय अनुभव के लिए इन्हें चुनते हैं, और 83 प्रतिशत लोग इन्हें परिवारों और समूहों के लिए सबसे अच्छा मानते हैं।” इसमें कहा गया, “इसके अतिरिक्त, यात्रियों का लगभग उतना ही प्रतिशत यह भी महसूस करता है कि वे पैसे के हिसाब से बहुत अच्छे हैं, जबकि लगभग उतनी ही संख्या में लोग उन्हें अधिक टिकाऊ विकल्प मानते हैं।” वैकल्पिक आवास में वेकेशन रेंटल, अपार्टमेंट और अन्य गैर-पारंपरिक आवास विकल्प शामिल हैं। वेकेशन रेंटल एक पूरी तरह से सुसज्जित आवासीय संपत्ति—जैसे कि घर, अपार्टमेंट, विला, कॉटेज आदि— होती है, जिसे पर्यटकों या यात्रियों को कुछ दिनों या हफ्तों के लिए अल्पकालिक आधार पर किराए पर दिया जाता है। इसे होटल के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

नीति आयोग की 2025 की ‘होमस्टे रिपोर्ट’ के अनुसार, भारत में अनुमानित रूप से दो लाख से ज़्यादा होटल कमरों की कमी है। इससे वैकल्पिक रहने की सुविधा देने वालों के लिए ऐसे स्थानों पर क्षमता बढ़ाने के मौके बन रहे हैं जहां कमरों की कमी है, और साथ ही बड़े कार्यक्रमों के दौरान अचानक बढ़ने वाली मांग को पूरा करने में भी मदद मिल सकती है। सर्वे में कारोबार के लिए यात्रा करने वालों की बदलती पसंद पर भी रोशनी डाली गई है; वे काम से जुड़ी यात्राओं के लिए अब रहने की दूसरी जगहों पर भी विचार कर रहे हैं।

लगभग 41 प्रतिशत कारोबारी यात्रियों ने ऐसे स्थानों को चुनने की मुख्य वजह के तौर पर ज्यादा जगह और अलग शयनकक्ष या काम करने की जगह का जिक्र किया, जबकि 40 प्रतिशत लोगों ने इन्हें इसलिए पसंद किया क्योंकि यहां उनके साथ आए परिवार के सदस्यों या साथियों के रहने की भी सुविधा थी। वहीं, 39 प्रतिशत लोगों ने असली और स्थानीय अनुभवों को मुख्य आकर्षण माना, जबकि 37 प्रतिशत ने लंबे समय तक ठहरने पर मिलने वाले बेहतर मूल्य का जिक्र किया। ‘बुकिंग डॉट कॉम’ के दक्षिण एशिया के क्षेत्रीय प्रमुख, संतोष कुमार ने कहा, “रहने की वैकल्पिक जगहों का कुल मिलाकर बढ़ना भारत की ‘ट्रैवल इकॉनमी’ में एक बड़ा बदलाव है।

हम एक बुनियादी बदलाव देख रहे हैं, जिसमें रहने की वैकल्पिक जगहें अब सिर्फ एक अतिरिक्त विकल्प नहीं रह गये हैं, बल्कि यह गैर मेट्रो बाजारों और क्षेत्रीय केंद्रों में पर्यटन के विस्तार को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।” यह सर्वेक्षण जून 2026 में ऑनलाइन प्रश्नावली के जरिए किया गया था, जिसमें 2,359 उपभोक्ता शामिल थे; इनमें से 87 प्रतिशत भारत में रहने वाले थे और 13 प्रतिशत अनिवासी भारतीय या विदेशी पर्यटक थे।

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