शिक्षा में AI के सुरक्षित उपयोग पर BRICS देशों में बनी सहमति

ब्रिक्स देशों के नेताओं ने शिक्षा क्षेत्र में सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के मानव-केंद्रित उपयोग को बढ़ावा देने पर सहमति व्यक्त की है। इसके साथ ही ब्रिक्स विश्वविद्यालय वैश्विक रैंकिंग और मूल्यांकन प्रणाली विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
ब्रिक्स देशों के नेताओं ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन तौर-तरीकों को साझा करने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी उभरती हुई तकनीकों के मानव-केंद्रित इस्तेमाल पर शनिवार को सहमति जताई। साथ ही, उन्होंने ‘ब्रिक्स यूनिवर्सिटी ग्लोबल रैंकिंग और मूल्यांकन प्रणाली’ को विकसित करने की दिशा में आगे की संभावनाओं पर भी चर्चा की। नेताओं ने ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय सहित मौजूदा ब्रिक्स शिक्षा तंत्रों के माध्यम से सहयोग जारी रखने के लिए अपना समर्थन दिया।
एक घोषणा-पत्र में, नेताओं ने पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों पर शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करने के लिए ‘ब्रिक्स मार्गदर्शक सिद्धांतों’ को प्रसारित करने की भारत की पहल की सराहना की, और ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय को एक अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय विषयगत समूह (आईटीजी) के रूप में पारंपरिक, स्वदेशी और स्थानीय ज्ञान प्रणालियों को शामिल करने पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित किया। घोषणा-पत्र में कहा गया, ‘‘हम भुवनेश्वर में आयोजित 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक के परिणामों का स्वागत करते हैं और सतत विकास, समावेशी विकास तथा लोगों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने वाले एक प्रमुख कारक के रूप में शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।’’ नेताओं ने सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने, प्रारंभिक बाल देखरेख और शिक्षा (ईसीसीई) तथा बुनियादी साक्षरता और संख्याज्ञान (एफएलएन) में सहयोग, योग्यताओं की परस्पर मान्यता, अकादमिक एवं पेशेवर गतिशीलता, डिजिटल साक्षरता, शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित उभरती प्रौद्योगिकियों के सुरक्षित, नैतिक व मानव-केंद्रित उपयोग और मजबूत संस्थागत साझेदारियों को बढ़ावा देने का आह्वान किया। इसमें कहा गया, ‘‘हम ब्रिक्स रेक्टर फोरम के निरंतर आयोजन और ब्रिक्स शिक्षा ओलंपियाड पर चर्चा जारी रखने के साथ-साथ ब्रिक्स विश्वविद्यालय वैश्विक रैंकिंग और मूल्यांकन प्रणाली के विकास के लिए आगे की संभावनाओं की तलाश को प्रोत्साहित करते हैं।
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