SFJ और Pannun के इशारे पर सिंघु बॉर्डर पर आपत्तिजनक नारे लिखने वाले 3 गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने सिंघु बॉर्डर पर खालिस्तान समर्थक और ब्रिक्स विरोधी नारे लिखने के मामले में पंजाब के फरीदकोट से तीन आरोपियों को पकड़ा है। मुख्य आरोपी प्रीतपाल पहले से यूएपीए के तहत दर्ज मामले में जमानत पर था और वह कथित तौर पर विदेश में बैठे आकाओं के संपर्क में काम कर रहा था। स्पेशल सेल और आईबी की टीमें आरोपियों से अलीपुर थाने में पूछताछ कर रही हैं।
दिल्ली पुलिस ने घोषित आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू के निर्देश पर यहां सिंघु बॉर्डर पर ‘ब्रिक्स’ विरोधी और खालिस्तान समर्थक भित्तिचित्र बनाने और आपत्तिजनक नारे लिखने के मामले में पंजाब से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस को इस घटना में प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) की संलिप्तता का संदेह है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान 31 वर्षीय प्रीतपाल, हरमिंदर सिंह और निरंजन के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि सिंघु बॉर्डर क्षेत्र और अन्य स्थानों के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया गया, जिसके बाद उन्हें पंजाब से गिरफ्तार किया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, छह सितंबर को दिल्ली की सीमा से लगे अलीपुर में ये भित्तिचित्र अमेरिका स्थित अलगाववादी संगठन एसएफजे और उसके प्रमुख पन्नू के निर्देश पर बनाए गए थे।
सूत्रों ने बताया कि प्रीतपाल जमानत पर बाहर था और वह भारत में एसएफजे के संचालन प्रमुख के तौर पर काम कर रहा था। सूत्रों ने बताया कि 2023 के मामले में प्रीतपाल और एक अन्य आरोपी राजविंदर सिंह को कई स्थानों की दीवारों पर ‘दिल्ली बनेगा खालिस्तान’ और ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ जैसे नारे लिखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इन स्थानों में शिवाजी पार्क, मादीपुर, पश्चिम विहार, उद्योग नगर और महाराजा सूरजमल स्टेडियम मेट्रो स्टेशन शामिल थे।
उन्होंने बताया कि प्रीतपाल के खिलाफ इससे पहले पंजाब और हरियाणा में एसएफजे से जुड़ी गतिविधियों को लेकर कई मामले दर्ज थे। इस साल की शुरुआत में वह जमानत पर रिहा हुआ था और कथित तौर पर जमानत पर बाहर रहने के दौरान संगठन की गतिविधियों का संचालन करता रहा। सूत्रों के अनुसार, प्रीतपाल 2018 में सोशल मीडिया संदेशों और फोन पर बातचीत के जरिए विदेशी आकाओं के संपर्क में आया था और बाद में एसएफजे की गतिविधियों में शामिल हो गया।
उन्होंने बताया कि इस बार बनाए गए भित्तिचित्रों (ग्रैफिटी) में ब्रिक्स-विरोधी और खालिस्तान समर्थक नारे लिखे गए थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रतिबंधित खालिस्तान समर्थक संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (एसएफजे) के प्रमुख पन्नू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा कर घटना की जिम्मेदारी भी ली थी। जांचकर्ताओं ने सिंघु बॉर्डर की सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया जिसके बाद उन्हें पंजाब के फरीदकोट से गिरफ्तार किया गया।
सूत्रों ने कहा कि आरोपियों ने जिस कार का कथित तौर पर इस्तेमाल किया था, उसे भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रीतपाल कथित तौर पर पन्नू के सीधे संपर्क में था और पन्नू ने ही उसे सिंघु बॉर्डर के पास दीवारों पर आपत्तिजनक नारे लिखने का निर्देश दिया था। सूत्रों ने कहा कि जांचकर्ता इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि प्रीतपाल कहीं पाकिस्तान में मौजूद आतंकी तत्वों के भी संपर्क में तो नहीं था।
उन्होंने बताया कि प्रीतपाल के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत पहले से एक मामला दर्ज है। सूत्रों ने यह भी बताया कि प्रीतपाल ने कथित तौर पर हरमिंदर सिंह और निरंजन को अपने साथ जोड़ा और उन्हें भित्तिचित्र बनाने के लिए पैसे देने की पेशकश की। सूत्रों के अनुसार, प्रीतपाल के खिलाफ पहले से ही गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज है।
जांच के सिलसिले में विशेष प्रकोष्ठ और खुफिया ब्यूरो (आईबी) की टीम अलीपुर थाने में तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं।
अन्य न्यूज़













