मुख्यमंत्री ने कहा फीवर क्लीनिक्स को आदर्श बनायें, प्रदेश में 1577 फीवर क्लीनिक्स कर रहे है काम

मुख्यमंत्री ने कहा फीवर क्लीनिक्स को आदर्श बनायें, प्रदेश में 1577 फीवर क्लीनिक्स कर रहे है काम

वर्तमान में प्रदेश में कुल 1577 फीवर क्लीनिक्स कार्य कर रहे हैं। धीरे-धीरे इनका विस्तार किया जा रहा है। एसीएस हैल्थ सुलेमान ने बताया कि वर्तमान में हमारी कोरोना टैस्टिंग कैपिसिटी 6 हजार टैस्ट प्रतिदिन हो गयी है। प्रदेश में 20 कोरोना टैस्टिंग लैब है। गत दिवस प्रदेश में कोरोना के 3 हजार 805 सैम्पल लिये गये।

भोपाल। मध्य प्रदेश में फीवर क्लिनिक्स को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश जारी किए है। उन्होनें कोरोना काल में फीवर क्लीनिक्स को आदर्श बनाने की बात कही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में फीवर क्लीनिक्स को आदर्श बनाया जाये जिससे कोरोना संकट के दौरान वहाँ पर आसानी से कोई भी व्यक्ति जाकर अपनी स्वास्थ्य जाँच करवा सके तथा इसके बाद ये क्लीनिक सभी बीमारियों के उपचार के लिये भी अच्छे केन्द्र बनें। वर्तमान में प्रदेश में कुल 1577 फीवर क्लीनिक्स कार्य कर रहे हैं। धीरे-धीरे इनका विस्तार किया जा रहा है। एसीएस हैल्थ सुलेमान ने बताया कि वर्तमान में हमारी कोरोना टैस्टिंग कैपिसिटी 6 हजार टैस्ट प्रतिदिन हो गयी है। प्रदेश में 20 कोरोना टैस्टिंग लैब है। गत दिवस प्रदेश में कोरोना के 3 हजार 805 सैम्पल लिये गये। मुख्य सचिव बैंस ने कोरोना टैस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दिए।

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मुख्यमंत्री चौहान आज मंत्रालय में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में कोरोना की स्थिति एवं व्यवस्थाओं और श्रमिकों को रोजगार देने की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्र, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, डीजीपी विवेक जौहरी, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा संजय शुक्ला आदि उपस्थित थे।

अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि प्रदेश का कोरोना डबलिंग रेट 23 दिन हो गया है, जबकि देश की दर 16 दिन है। मध्यप्रदेश का कोरोना रिकवरी रेट 54.3 प्रतिशत हो गया है जबकि देश की रिकवरी रेट 42.8 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हमारे लिए एक-एक जान कीमती है, हर मरीज को बचाना है। कोरोना से हुई एक-एक मृत्यु का विश्लेषण करें। इंदौर एवं उज्जैन जिलों में कोरोना संक्रमण को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने निर्देश दिए कि इन शहरों की एक-एक गली पर फोकस करें। हमें कोरोना संक्रमण को हर हालत में रोकना है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि नीमच जिले के जावद क्षेत्र में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए वहां आगामी दिनों के लिए टोटल लॉकडाउन करें।

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भिण्ड जिले में कोरोना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने बताया कि जिले में 53 कोरोना संक्रमित मरीज थे, जिनमें से 12 स्वस्थ होकर घर चले गए हैं। जिले में उपचार की सभी व्यवस्थाएं अच्छी हैं। धार जिले की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 120 कोरोना संक्रमित मरीज थे, जिनमें से 105 स्वस्थ होकर घर चले गए हैं। यहाँ की रिकवरी रेट 87.5 प्रतिशत है। जिलों में कॉन्ट्रेक्ट ट्रैसिंग पर विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि धार जिले में पूरी सावधानी से कार्य करें, जिससे जिला शीघ्र ही संक्रमण मुक्त हो सके। डी.जी.पी. ने निर्देश दिए कि वहाँ रोड पेट्रोलिंग बेहतर की जाए।





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