• राकेश टिकैत की गिरफ्तारी वाली खबरों को दिल्ली पुलिस ने बताया 'फेक', किसान नेता बोले- मैं गाजीपुर बॉर्डर पर हूं

केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन पिछले सात महीने से जारी है। किसानों की मांग है कि केंद्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस लें और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) कानून बनाए।

नयी दिल्ली। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की गिरफ्तारी को लेकर भ्रामक खबरें सामने आ रही हैं। जिसको लेकर दिल्ली पुलिस ने ट्वीट किया है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि फर्जी खबर! राकेश टिकैत की गिरफ्तारी से संबंधित खबर झूठी है। कृपया ऐसी फर्जी खबरों से दूर रहें। इस तरह की झूठी खबरें/ट्वीट फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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कहां हैं राकेश टिकैत ?

दिल्ली पुलिस ने राकेश टिकैत की गिरफ्तारी वाली खबरों को फर्जी बताया। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि राकेश टिकैत कहां हैं। हम आपको बता दें कि राकेश टिकैत ने खुद इसकी जानकारी दी है। किसान नेता ने ट्वीट के माध्यम से बताया कि मेरी गिरफ्तारी की खबर भ्रामक है। मैं गाजीपुर बॉर्डर पर हूं। सब सामान्य है।

वहीं, भारतीय किसान यूनियन के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि पुलिस ने टिकैत को गिरफ्तार नहीं किया था। वह अब भी गाजीपुर में विरोध स्थल पर है, जहां कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन चल रहा है। विरोध स्थल पर संघर्ष की कोई स्थिति नहीं है। 

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दिल्ली की तरफ कूच करेंगे किसान

राकेश टिकैत ने बताया कि दिल्ली और उत्तराखंड के किसानों की मुलाकात गवर्नर साहब से नहीं कराई गई है। किसानों को रोका गया है। दिल्ली उपराज्यपाल से अगर किसानों की मुलाकात नहीं हुई तो गाजीपुर बॉर्डर से भी किसान दिल्ली की तरफ कूच करेंगे। आपको बता दें कि किसान आज देशभर में कृषि कानूनों को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने वाले हैं।

सात महीने से जारी है आंदोलन

केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन पिछले सात महीने से जारी है। किसानों की मांग है कि केंद्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस लें और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) कानून बनाए। हालांकि सरकार ने कई दफा यह स्पष्ट किया है कि वह कानून को वापस नहीं लेंगे। हालांकि कानूनों में संशोधन करने के लिए तैयार हैं। 

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दिल्ली में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

किसानों के आंदोलन को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए हैं। जगह-जगह पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। दिल्ली मेट्रो के येलो लाइन पर स्थित तीन स्टेशनों को भी एहतियातन कुछ घंटों के लिए बंद किया गया था। गौरतलब है कि दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे 40 किसान संघों के संगठन संयुक्त किसान मोर्चा ने एक बयान में कहा कि किसानों के प्रदर्शन के सात महीने पूरे होने और 1975 में भारत में आपातकाल लागू होने के 46 साल बाद ‘खेती बचाओ, लोकतंत्र बचाओ दिवस’ शनिवार को पूरे भारत में मनाया जा रहा है।