CM Suvendu Adhikari जबरदस्त एक्शन में, उपद्रवियों को दिया सख्त संदेश, West Bengal Cabinet ने लिये कई बड़े फैसले

Suvendu Adhikari
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मुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भी पथराव की घटनाएं बंद हो चुकी हैं, इसलिए बंगाल में भी ऐसी घटनाओं पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले राजनीतिक पक्षपात के कारण पुलिस प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पा रही थी, लेकिन अब पुलिस को पूरी स्वतंत्रता दी गई है।

पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेजी से बदलती नजर आ रही हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आज कानून व्यवस्था, प्रशासनिक सुधार और जनकल्याण योजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कानून व्यवस्था की स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि बंगाल में गुंडागर्दी को अब किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में रविवार को हुए हिंसक प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस अब पूरी सख्ती से कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी। हम आपको बता दें कि इस हिंसा में कोलकाता पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के कुल 13 जवान घायल हुए, जिनमें कई अधिकारी भी शामिल थे। घटना के बाद अब तक करीब 40 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भी पथराव की घटनाएं बंद हो चुकी हैं, इसलिए बंगाल में भी ऐसी घटनाओं पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले राजनीतिक पक्षपात के कारण पुलिस प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पा रही थी, लेकिन अब पुलिस को पूरी स्वतंत्रता दी गई है और वह भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कोलकाता पुलिस के आधुनिकीकरण और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार व्यापक कदम उठाएगी।

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कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को कड़ा संदेश देते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार पुलिसकर्मियों पर हमला करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने में जरा भी संकोच नहीं करेगी। शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ‘‘लोग अपनी मांगों और शिकायतों को रख सकते हैं, लेकिन धार्मिक नारेबाजी करते हुए पथराव की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे ऐसे कृत्यों में शामिल न हों। यह न सोचें कि पिछली सरकार अभी भी सत्ता में है।’’

हम आपको बता दें कि रविवार को पार्क सर्कस सेवन प्वाइंट क्रॉसिंग पर प्रदर्शन उस समय हिंसक हो गया जब तिलजला इलाके में अवैध निर्माणों पर चलाए गए बुलडोजर अभियान के विरोध में लोग सड़क पर उतर आए। पिछले सप्ताह एक इमारत में आग लगने से तीन लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने वहां अतिक्रमण हटाने और अवैध ढांचों को गिराने की कार्रवाई शुरू की थी। सोशल मीडिया के जरिये विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया था, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग पार्क सर्कस इलाके में जमा हुए।

पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम करने की कोशिश की और जब पुलिस ने भीड़ को हटाने का प्रयास किया तो पथराव शुरू हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त सहित कई अधिकारी घायल हुए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद इलाके में भारी संख्या में पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई।

इस पूरे घटनाक्रम पर पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने सरकार की आलोचना की है। उन्होंने अतिक्रमण विरोधी अभियान को “बुलडोजर राजनीति” करार देते हुए कहा कि गरीब लोग राजनीतिक अहंकार की कीमत चुका रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल भय और जबरन कार्रवाई की राजनीति में विश्वास नहीं करता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कार्रवाइयों से कमजोर वर्गों की आजीविका और सम्मान प्रभावित हो रहा है।

इसी बीच, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पद संभालने के बाद आज पहली बार जनता दरबार का आयोजन भी किया। कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों समेत बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं। भाजपा नेताओं के अनुसार मुख्यमंत्री नियमित रूप से जनता दरबार आयोजित करेंगे ताकि लोगों की शिकायतों का सीधे समाधान किया जा सके। पार्टी ने दावा किया कि नई डबल इंजन सरकार ने अपने पहले ही सप्ताह में कई महत्वपूर्ण फैसले लेकर प्रशासनिक सक्रियता का संकेत दिया है। जनता ने भी मुख्यमंत्री के इस फैसले को सराहा।

उधर, आज हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने कई बड़े फैसले भी लिए। राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए “अन्नपूर्णा” योजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को एक जून से प्रतिमाह 3000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा भी लागू की जाएगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि संशोधित नागरिकता कानून के तहत आवेदन करने वाली महिलाओं को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्य सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने संवाददाताओं को सरकार के फैसलों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने धार्मिक आधार पर समूहों को दी जाने वाली सरकारी सहायता जून से बंद करने का निर्णय भी लिया है। साथ ही कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले के बाद मौजूदा अन्य पिछड़ा वर्ग सूची को रद्द कर नई जांच समिति गठित करने की घोषणा की गई है। साथ ही राज्य कर्मचारियों और शिक्षा संस्थानों के कर्मियों के लिए सातवें राज्य वेतन आयोग के गठन को भी मंजूरी दी गई। बहरहाल, शुभेंदु सरकार के शुरुआती फैसलों और कानून व्यवस्था पर सख्त रुख से यह संकेत मिल रहा है कि राज्य की राजनीति अब नए दौर में प्रवेश कर चुकी है।

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