विचाराधीन कैदी की आत्महत्या पर आयोग ने दिए पांच लाख हर्जाने के आदेश

विचाराधीन कैदी की आत्महत्या पर आयोग ने दिए पांच लाख हर्जाने के आदेश

मानव अधिकार आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आयोग के प्रकरण क्र. 5544/पन्ना/2019 में विचाराधीन बंदी मुकेश प्रजापति द्वारा 20 अगस्त 2019 को जेल परिसर में लोहे की राड (सरिया) पर अपने गमछे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

भोपाल। मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग ने जिला जेल पन्ना में विचाराधीन कैदी द्वारा जेल परिसर में आत्महत्या कर लेने के कारण मृतक के उत्तराधिकारियों को पांच लाख रूपये क्षतिपूर्ति राशि दो माह में देने की अनुशंसा की है। दरअसल वर्ष 2019 के इस मामले में आयोग ने 24 दिसम्बर 2020 को अनुशंसा की है। घटना के संबंध में जेल अधीक्षक, पन्ना से सूचना मिलने पर यह प्रकरण संज्ञान में लिया गया था।

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मानव अधिकार आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आयोग के प्रकरण क्र. 5544/पन्ना/2019 में विचाराधीन बंदी मुकेश प्रजापति द्वारा 20 अगस्त 2019 को जेल परिसर में लोहे की राड (सरिया) पर अपने गमछे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जिसको लेकर आयोग ने मृतक के निकटतम उत्तराधिकारियों को पांच लाख रूपये देने की अनुशंसा राज्य शासन को की है। राज्य शासन चाहे, तो इस क्षतिपूर्ति राशि की वसूली संबंधित जेल अधिकारियों से कर सकता है।

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मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग ने अनुशंसा में यह भी कहा है कि राज्य शासन जेल परिसरों में सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने की व्यवस्था करें। जेल परिसर/वार्डों आदि की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों के साथ ही अन्य उपलब्ध डिजिटल टेक्नालॉजी का उचित और प्रभावी प्रयोग करते हुए निगरानी की जा सकती है। वही आधुनिक साधनों से प्रहरियों की कम संख्या पर भी सम्पूर्ण जेल परिसर पर निगरानी की जा सकती है। 





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