डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया और ओटीटी जैसे प्लेटफॉर्म के लिए आचार संहिता बनाना जरुरी है: तरुण विजय

डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया और ओटीटी जैसे प्लेटफॉर्म के लिए आचार संहिता बनाना जरुरी है: तरुण विजय

भारत के प्रमुख हिंदी समाचार पोर्टल प्रभासाक्षी.कॉम की 20वीं वर्षगाँठ पर आयोजित विचार संगम कार्यक्रम में पूर्व सांसद व देश के वरिष्ठ पत्रकार श्री तरुण विजय जी ने डिजिटल मीडिया की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवालों को लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए।

भारत के प्रमुख हिंदी समाचार पोर्टल प्रभासाक्षी.कॉम की 20वीं वर्षगाँठ पर आयोजित विचार संगम कार्यक्रम में पूर्व सांसद व देश के वरिष्ठ पत्रकार श्री तरुण विजय जी ने डिजिटल मीडिया की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवालों को लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए। तरुण विजय जी ने प्रभासाक्षी को 20वीं वर्षगाँठ पर बधाई देते हुए केदारनाथ के से अपने विचार रखे। तरुण विजय जी ने प्रभासाक्षी की तारीफ करते हुए कहा कि आज भले ही डीजिटल मीडिया पर सवाल उठ रहे हो लेकिन प्रभासाक्षी को पिछले 20 सालों में कभी भी अपनी किसी भी खबर के लिए मांफी नहीं मांगनी पड़ी

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तरुण विजय जी ने कहा कि डिजिटल मीडिया ने कोरोना काल के दौरान काफी अच्छा काम किया। लोगों को मदद पहुंचाने के लिए डिजिटल मीडिया से बहुत मदद मिली। श्री तरुण विजय जी ने डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के बीच का अंदर भी बताया साथ ही कहा डिजिटल मीडिया पर कुछ अराजक तत्वों के कारण इसकी विश्वसनीयता को लेकर सवाल खड़ा होता है। उन्होंने कहा कि पुर्वाग्रह के कारण एक समुदार को सोशल मीडिया पर कुछ अराजक तत्वों द्रा टारगेट किया जा रहा है। कुछ प्लेटफॉर्ड कश्मीर जैसे संवेदनशील जगहों की गलत रिपोर्टिग भी कर रहे हैं। 

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फेक न्यूज और गलत जानकारी भी डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया पर काफी तेजी से फैलायी जाती है इस लिए इसकी विश्वशनीयता पर सवाल उठ रहा है। सभी को साथ में आकर डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया और ओटीटी जैसे प्लेटफॉर्म के लिए अचार संहिता बनाने की मांग करनी चाहिए।

श्री तरुण विजय जी ने विवादत वेब सीरीज आश्रम के बारे में भी बात की और मांग की कि ऐसी वेब जो एक समुदाय और राष्ट्रवादियों की गलत छवि पेश करती है, इस पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। एक धर्म को टारगेट करके लोगों के सामने गलत छवि पेश करती है ऐसे कंटेंट पर लगाम लगानी आवश्यक है। अमित शाह जी से अनुरोध करुंगा की ऐसी चीजों पर ध्यान केंद्रित किया जाएं। 

श्री तरुण विजय जी ने पत्रकार की कलत की ताकत को बताते हुए कहा कि पत्रकार की कलम का धर्म है कि वह समाज को बांधकर रखें न कि समाज में भ्रम फैलाए। आज कुछ बामपंथियों के कारण सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया का महौल सांप्रदायिक हो गया है। कलम राह से भटक गयी है वह गलत जानकारी के माध्मम से समाज में अराजकता भी फैलाने लगी है। 





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