अशोक गहलोत सरकार की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, बसपा से कांग्रेस में आए विधायक नाराज !

Ashok Gehlot
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बसपा से कांग्रेस में आए राजेंद्र गुढ़ा ने संवाददाताओं से कहा,‘‘ हमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के साथ बैठक करवाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन कुछ भी नहीं किया गया। अगर कुछ नहीं किया जाता है, तो हमें फिर से सोचना होगा।’’

जयपुर। राजस्थान के सैनिक कल्याण मंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से कांग्रेस में आए राजेंद्र गुढ़ा ने एक बार फिर राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि बसपा से कांग्रेस में आए विधायकों से किए वादे पूरे नहीं किए गए। गुढ़ा और पांच अन्य विधायक 2018 का विधानसभा चुनाव बसपा उम्मीदवार के रूप में जीतने के बाद 2019 में सत्तारूढ़ कांग्रेस में शामिल हो गए और उन्होंने राज्य में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार का समर्थन किया। उन्होंने सत्तारूढ़ दल के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि बसपा से कांग्रेस में आए विधायकों की उम्मीदें पूरी नहीं हुई हैं।

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गुढ़ा ने यहां संवाददाताओं से कहा,‘‘ हमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के साथ बैठक करवाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन कुछ भी नहीं किया गया। अगर कुछ नहीं किया जाता है, तो हमें फिर से सोचना होगा।’’ बसपा से कांग्रेस में आए पांच अन्य विधायकों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लगभग हर कोई सोच रहा है कि पहले जिस तरह की उम्मीदें थीं, जो प्रतिबद्धता थीं , वह पूरी नहीं हो रही हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि इन विधायकों के प्रति अन्य मंत्रियों का रवैया अच्छा नहीं है। कुछ दिन पहले भी गुढ़ा ने कहा था कि वह कांग्रेस की संस्कृति में फिट नहीं होते हैं।

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उन्‍होंने कहा था, ‘‘हम कांग्रेस संस्कृति के लोग नहीं हैं। हमने सरकार को बचाया था और मेरी संस्कृति तुरंत काम करने की है।’’ इससे पहले जून में राज्यसभा चुनाव से पहले गुढ़ा ने कहा था कि बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए छह विधायकों को वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। उल्लेखनीय है कि बसपा की टिकट पर विधानसभा चुनाव जीतने वाले छह विधायक राजेन्द्र गुढा, लखन मीणा, दीपचंद खेरिया, संदीप यादव, जोगिंदर अवाना और वाजिब अलीसितंबर 2019 में कांग्रेस में शामिल हुए थे।

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