सेना के राजनीतिकरण और स्मृति ईरानी के चुनावी हलफनामे पर चुनाव आयोग पहुंची कांग्रेस

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Apr 12 2019 7:40PM
सेना के राजनीतिकरण और स्मृति ईरानी के चुनावी हलफनामे पर चुनाव आयोग पहुंची कांग्रेस
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चुनाव आयोग के समक्ष प्रतिवेदन देने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष जिस प्रकार से सेना को सस्ती राजनीति में खींच रहे हैं वो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने आम चुनाव में ‘सेना के राजनीतिकरण’, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वेब सीरीज एवं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के चुनावी हलफनामे में शैक्षणिक योग्यता को लेकर कथित तौर पर ‘गलत जानकारी’ देने के खिलाफ शुक्रवार को चुनाव आयोग का रुख किया और इन पर कदम उठाने का आग्रह किया। चुनाव आयोग के समक्ष प्रतिवेदन देने के बाद पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष जिस प्रकार से सेना को सस्ती राजनीति में खींच रहे हैं वो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। इस तरह से सेना का राजनीतिकरण आजाद भारत के इतिहास में कभी नहीं हुआ। सेना को सस्ती राजनीति में खींचना सिवाय नरेंद्र मोदी और अमित शाह के किसी ने नहीं किया।

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उन्होंने कहा कि हमने चुनाव आयोग से कहा है कि किसी भी पार्टी का नेता अगर प्रतिबंधित बात करता है तो उसे पहली बार में चुनाव प्रचार से एक दिन के लिए उस पर पाबंदी लगा दी जाए। इसके बाद जब भी ऐसा करे उस पर उतने ही दिन का प्रतिबंध लगे। ‘इरोज नाउ’ नामक प्लेटफॉर्म पर चल रहे प्रधानमंत्री से जुड़ी वेब सीरीज के बारे में सिंघवी ने कहा कि हमने कहा है कि इसमें सिर्फ नरेंद्र मोदी को हीरो की तरह दिखाया गया है। हमने मांग की है कि इसे प्रतिबंधित किया जाए।

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स्मृति ईरानी के चुनावी हलफनामे का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि समस्या यह नहीं है कि कोई कितना पढ़ा है, लेकिन जब (कोई) इस देश की प्रजातांत्रिक प्रणाली को धोखा देकर, झूठ बोलकर जनता की आंख में धूल झोंकने की कोशिश करती हैं तो दिक्कत है। उन्होंने दावा किया कि मंत्री ने अलग अलग चुनावी हलफनामे में अलग अलग जानकारी दी है। एक मंत्री भी कभी ग्रेजुएट थी। न देश के प्रधानमंत्री की डिग्री का पता और न ही उनकी इस मंत्री की डिग्री का पता नहीं है। सुरजेवाला ने कहा कि हमने कहा है कि यह कादाचार है। उनका नामांकन खारिज करना चाहिए।

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