अवैध रेत खनन को लेकर कमलनाथ सरकार में कंप्यूटर बाबा और खनिज मंत्री के बीच विवाद

अवैध रेत खनन को लेकर कमलनाथ सरकार में कंप्यूटर बाबा और खनिज मंत्री के बीच विवाद

कम्प्यूटर बाबा के इस अभियान को लेकर प्रदेश के खनिज मंत्री प्रदीप जयसवाल ने बाबा को नसीहत देते हुए कहा था कि वो बाबा हैं, उनको बाबागिरी करनी चाहिए। मंत्री प्रदीप जयसवाल मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी मंत्रीयों में शुमार है। कम्प्यूटर बाबा का आरोप है कि मंत्री जयसवाल अवैध रेत उत्खनन रोकने में नाकाम साबित हुए है। मंत्री प्रदीप जयसवाल की टिप्पणी पर कम्प्यूटर बाबा ने कहा है कि मंत्री साधु संतों की मर्यादा भूल रहे है।

भोपाल। मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार में नदी न्यास के अध्यक्ष कम्प्यूटर बाबा और खनिज मंत्री प्रदीप जयसवाल में ठन गई है। नर्मदा नदी में हो रहे अवैध रेत खनन को लेकर दोनों आमने सामने आ गए है। जहाँ कम्प्यूटर बाबा ने चेतावनी दी है कि प्रदेश की किसी भी नदी में मशीनों से खनन नहीं होगा तो मंत्री प्रदीप जयसवाल ने बाबा को अपनी हद में रहने को कहा है। तो कम्प्यूटर बाबा ने कहा है कि मैं माँ नर्मदा को नुकसान नहीं होने दूँगा चाहे फिर कुछ भी हो वही मंत्री को चेतावनी देते हुए बाबा ने कहा है कि खनिज मंत्री अपनी मर्यादा न भूँले।

मध्यप्रदेश में पिछले कुछ वर्षों रेत का अवैध उत्खनन और उसके परिवहन में अरबों रुपयों कमाने के आरोप नेताओं और अधिकारियों पर लगते रहे हैं। रेत माफिया यहां बेखौफ अवैध खनन कर करोडों की कमाई कर रहा है। यहां तक कि कई बार इसमें लोगों की जान तक चली गई। वही मध्यप्रदेश नदी न्यास का अध्यक्ष बनने के बाद से कंप्यूटर बाबा ने नर्मदा नदी में हो रहे अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ मुहिम चला रखी है। कंप्यूटर बाबा ने कहा कि नर्मदा नदी में जहां-जहां खदानों से रेत का अवैध उत्खनन हो रहा होगा वहां सीधे संतों के साथ जाकर छापा मारेंगे।

कम्प्यूटर बाबा के इस अभियान को लेकर प्रदेश के खनिज मंत्री प्रदीप जयसवाल ने बाबा को नसीहत देते हुए कहा था कि वो बाबा हैं, उनको बाबागिरी करनी चाहिए। मंत्री प्रदीप जयसवाल मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी मंत्रीयों में शुमार है। कम्प्यूटर बाबा का आरोप है कि मंत्री जयसवाल अवैध रेत उत्खनन रोकने में नाकाम साबित हुए है। मंत्री प्रदीप जयसवाल की टिप्पणी पर कम्प्यूटर बाबा ने कहा है कि मंत्री साधु संतों की मर्यादा भूल रहे है। अवैध रेत खनन रोकने के लिए वह कोई काम नहीं कर रहे उल्टे मुझ पर खनिज विभाग में दखल देने का आरोप लगा रहे है।

दरअसल, मध्यप्रदेश सरकार की नई रेत खनन नीति के तहत नदियों से रेत निकालने के लिए मशीनों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है, लेकिन कई जगहों पर अभी भी मशीनों के जरिए अवैध तरीके से रेत निकालने का काम चल रहा है,जिसको रोकने के मकसद से नर्मदा न्यास के अध्यक्ष कंप्यूटर बाबा और उनके समर्थक संत नदियों के किनारे-किनारे चल रेत के अवैध उत्खनन और उसके परिवहन को रोकने का काम कर रहे हैं। कंप्यूटर बाबा के मुताबिक, अवैध रेत खनन रोकने के लिए वे खुद और साधू-संत नर्मदा किनारे अलग-अलग स्थानों पर तंबू गाड़कर घाटों की निगरानी करेंगे।

अब नदी न्यास के अध्यक्ष कंप्यूटर बाबा अपने समर्थकों के साथ इन दिनों नर्मदा नदी में हो रहे रेत के अवैध उत्खनन को रोकने संतों की टोली के साथ नदी किनारे घूम रहे हैं। शनिवार शाम कंप्यूटर बाबा सीहोर के नसरुल्लागंज पहुंचे। इसके बाद अपने समर्थक संतों के साथ आमाबढ़ गांव में नर्मदा किनारे टैंट लगाकर बैठ गए। कम्प्यूटर बाबा ने बाकायदा अवैध रेत खनन की शिकायत के लिए टोल फ्री नम्बर भी जारी कर रखा है। उनका कहना है कि अवैध रेत उत्खनन की शिकायत टोल फ्री नम्बर पर मिलने के बाद वह नर्मदा नदी में उसे रोकने के लिए साधु संतो के साथ एकत्र हुए है। कम्प्यूटर बाबा अवैध रेत उत्खनन रोकने को अपनी ड्यूटी बताते हुए कहते है कि मध्यप्रदेश सरकार ने उन्हें नदी संरक्षण के लिए अध्यक्ष बनाया है और मैं अपनी ड्यूटी पूरी करूंगा। जबकि खनिज मंत्री प्रदीप जयसवाल को आड़े हाथों लेते हुए कम्प्यूटर बाबा कहते है कि वे मुझ पर आरोप लगा रहे हैं लेकिन रेत माफिया के खिलाफ एक शब्द बोलने को तैयार नहीं है।





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