CPIM सांसद John Brittas का आरोप, दिल्ली में सुरक्षाकर्मियों ने की बदसलूकी और धक्कामुक्की

CPIM सांसद John Brittas का आरोप, दिल्ली में सुरक्षाकर्मियों ने की बदसलूकी और धक्कामुक्की
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जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास को पुलिस और सीआरपीएफ कर्मियों ने जबरन बस में बैठा दिया। माकपा नेता ने बताया कि पहचान बताने के बावजूद उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ, जिससे उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई। बाद में नियंत्रण कक्ष से डीसीपी के हस्तक्षेप के बाद उन्हें बस से उतारकर ऑटो में भेजा गया।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने रविवार को आरोप लगाया कि जब वह जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेंद्र कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे, तो दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ के कर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की। दिल्ली में ब्रिटास ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) कर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की, जबकि उन्होंने उन्हें (सुरक्षाकर्मियों को) बताया था कि वह सांसद हैं। सीआरपीएफ के कर्मी माकपा सांसद को वहां खड़ी पुलिस बस तक जबरन ले गए और उन्हें बस की एक सीट पर धकेल दिया, जबकि वे लगातार उनसे कह रहे थे कि उन्हें न छुएं और वह सांसद हैं।

बाद में, पुलिस बस से उतारे जाने के बाद फुटपाथ पर बैठे ब्रिटास ने पत्रकारों को बताया कि उन्हें और एक अन्य व्यक्ति को जबरदस्ती बस की सीट पर धकेला और बैठाया गया, जिससे उनका दम घुटने लगा। इस आपबीती के बाद सांस लेने में हो रही तकलीफ के बीच, माकपा नेता ने बताया कि पुलिस नियंत्रण कक्ष से एक उपायुक्त (डीसीपी) ने पूरी घटना देखी और बस में मौजूद पुलिस अधिकारियों को फोन करके उन्हें जाने देने को कहा, क्योंकि वह एक सांसद हैं। उन्होंने दावा किया, ‘‘इसके बाद पुलिस ने मुझे बस से बाहर निकाला और एक ऑटो में बिठा दिया, लेकिन मेरे साथ जाने से इनकार कर दिया।’’ सांसद के साथ बस में ही मौजूद साजिद हुसैन नामक एक व्यक्ति ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस ने माकपा नेता के साथ बहुत बुरा बर्ताव किया।

ब्रिटास ने कहा कि अगर एक सांसद होने और किसी भी कानून का उल्लंघन न करने के बावजूद उनके साथ ऐसा हुआ, तो आम लोगों के साथ क्या किया होगा। उन्होंने दावा किया कि जब वह पत्रकारों से बात कर रहे थे, तब पुलिस और सीआरपीएफ कर्मियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया। ब्रिटास ने कहा, ‘‘यह सुनने के बाद कि हमारे छात्र कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, मैं यहां आया था।

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