कोरोना के बाद अब भारत में आया प्लांट फंगस, जानें कैसे होती है और कितनी खतरनाक है ये बीमारी?

Plant Fungus Infection
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नेहा मेहता । Apr 1 2023 1:14PM
कोलकाता के एक शख्स के भीतर एक ऐसी घातक बीमारी का पता चला है जो पेड़ पौधों की फंगस के कारण होती है। इस फंगल इन्फेक्शन को प्लांट फंगस कहा जा रहा है जोकि घातक है। इसका पहला मामला पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में सामने आया है।

भारत में बीते कुछ दिनों में कोरोना के मामलों में एक बार फिर से तेजी देखने को मिली है जिसे देखते हुए फिर से हर राज्य की सरकार एक्टिव मोड मे आ गई है। केंद्र सरकार भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और कोरोना से जुड़े हर तरह के हालात का जायज़ा ले रही है। जहाँ एक तरह से दुनिया कोरोना के खौफ से अभी भी पूरी तरह उबर नहीं पाई है, वहीं हाल ही में एक नए तरह के संक्रमण के बारे में पता चला है। जी हां, दुनिया में इस संक्रमण का यह पहला मामला सामने आया है। इस फंगल इन्फेक्शन को प्लांट फंगस कहा जा रहा है जोकि घातक है। इसका पहला मामला पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में सामने आया है। 

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कोलकाता के एक शख्स के भीतर एक ऐसी घातक बीमारी का पता चला है जो पेड़ पौधों की फंगस के कारण होती है। इस बीमारी से ग्रसित होने वाले 61 साल के शख्स पेशे से प्लांट माइकोलॉजिस्ट हैं। उन्होंने अपनी रिसर्च के दौरान लंबे समय तक सड़ने वाले मटेरियल, मशरूम और कई अलग-अलग तरह के प्लांट फंगी के साथ काम किया था। उन्होंने पिछले तीन महीनों से लगातार खांसी, आवाज़ में भारीपन, खाना-पानी निगलने में दिक्कत, गले में खराश, सुस्ती और थकान की शिकायत बतायी थी। इसके बाद जांच में उन्हें फंगल बीमारी से पीड़ित पाया गया। इन्हे डायबिटीज, एचआईवी संक्रमण, गुर्दे या किसी तरह की कोई पुरानी बीमारी की कभी शिकायत नहीं थी। जांच के दौरान उसकी छाती की एक्स-रे रिपोर्ट सामान्य आई, लेकिन उसके गले के सीटी स्कैन में पैराट्रैचियल फोड़ा सामने आया जिसे डॉक्टरों ने इलाज कर के हटा दिया।

डॉक्टरों ने मवाद निकालकर सैंपल जांच के लिए WHO से जुड़े फंगस रिसर्च सेंटर को भेज दिया। सेंटर से इस बीमारी का नाम Chondrostereum Purpureum पता चला। रिपोर्ट में सामने आया कि यह एक तरह का प्लांट फंगस होता है जिसके चलते पौधों में सिल्वर लीफ डिसीज (पेड़ पौधों की शाखाओं पर सफेद चमकदार पत्ते निकाल आते हैं) हो जाता है। यह गुलाब की फैमिली के पौधों में ज्यादा होता है। 

इस इन्फेक्शन की खास बात यह है कि इसकी जांच माइक्रोस्कोपी जैसी पारंपरिक टेक्निक नहीं हो सकती और सिर्फ सिक्वेंसिंग के बाद ही इस पैथोजन के बारे में पता चल सकता है। डॉक्टरों ने रिपोर्ट में कहा कि यह बीमारी काफी तेजी से बढ़ती है और अक्सर घातक होती है। यह इतनी खतरनाक होती है कि सांस लेने के रास्ते को ब्लॉक कर घातक संक्रमण देती है, जिसका अगर जल्दी इलाज नहीं मिले तो व्यक्ति की मौत हो सकती है। ये फंगस भी केवल उन लोगों को अपनी चपेट में लेता है, जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है। इस केस ने दुनियाभर के साइंटिस्टों को ऐसे फंगल स्पेसीज को लेकर अलर्ट कर दिया है जिनसे इस तरह का संक्रमण फैल सकता है।

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