कोविड-19: दिल्ली में फिलहाल बंद रहेंगे स्कूल और कॉलेज

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स्कूल पुनः खोलने को लेकर आवाज उठाने वाली वकील तान्या अग्रवाल ने कहा, “आज का निर्णय बेहद निराश करने वाला है। डीडीएमए के अध्यक्ष (उपराज्यपाल) और सदस्यों को स्कूल बंद करने और बाकी सब प्रतिष्ठान खोलने के कारणों का सार्वजनिक तौर पर खुलासा करना चाहिए। ऐसा तबकिया जा रहा है जब हर विशेषज्ञ संस्था स्कूल खोलनेका सुझाव दे रही है।

नयी दिल्ली| राष्ट्रीय राजधानी में स्कूल और कॉलेज अभी बंद रहेंगे और इस मुद्दे को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अगली बैठक में उठाया जाएगा। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

आज हुई बैठक में दिल्ली सरकार ने स्कूलों को फिर से खोलने का सुझाव दिया और कहा कि दिल्ली में कोविड-19 की स्थिति में सुधार हुआ है इसलिए यह जरूरी है कि बच्चों की सामाजिक और आर्थिक देखभाल को और क्षति होने से रोका जाए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “स्कूलों को फिर से खोलने के मुद्दे को डीडीएमए की अगली बैठक में उठाया जाएगा।”

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा, भौतिक रूप से कक्षा में दी जाने वाली शिक्षा का विकल्प कभी नहीं बन सकती।

उन्होंने कहा कि सरकार ने स्कूल तब बंद किये थे जब बच्चों को खतरा था लेकिन “अत्यधिक सावधानी” बरतने से उनका नुकसान हो रहा है। इससे पहले, महामारी और लोकनीति विशेषज्ञ चंद्रकांत लहरिया के नेतृत्व में बच्चों के माता-पिता के एक शिष्टमंडल ने सिसोदिया से मुलाकात की थी और 1,600 से ज्यादा माता-पिता द्वारा हस्ताक्षरित एक ज्ञापन सौंपा था जिसमें स्कूल पुनः खोलने की मांग की गई थी।

स्कूलों को कुछ दिन के लिए खोला गया था लेकिन वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप और कोविड-19 की तीसरी लहर के खतरे के मद्देनजर पिछले साल 28 दिसंबर को स्कूल पुनः बंद कर दिए गए थे।

स्कूल पुनः खोलने को लेकर आवाज उठाने वाली वकील तान्या अग्रवाल ने कहा, “आज का निर्णय बेहद निराश करने वाला है। डीडीएमए के अध्यक्ष (उपराज्यपाल) और सदस्यों को स्कूल बंद करने और बाकी सब प्रतिष्ठान खोलने के कारणों का सार्वजनिक तौर पर खुलासा करना चाहिए। ऐसा तब किया जा रहा है जब हर विशेषज्ञ संस्था स्कूल खोलने का सुझाव दे रही है।

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