Delhi से Dehradun अब सिर्फ 2.5 घंटे में! New Expressway से 6 घंटे का मुश्किल सफर हुआ आसान

Delhi Dehradun Expressway
प्रतिरूप फोटो
X
Ankit Jaiswal । Apr 14 2026 8:25PM

लगभग 11,800 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे अब यातायात के लिए खुल गया है, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। इस परियोजना की मुख्य विशेषता राजाजी राष्ट्रीय उद्यान में बनाया गया 12 किलोमीटर लंबा वन्यजीव गलियारा है, जो जानवरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करता है।

दिल्ली से देहरादून तक यात्रा करने वालों के लिए अब एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से इंतजार किया जा रहा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे अब पूरी तरह से शुरू हो गया है, जिससे दोनों शहरों के बीच सफर काफी आसान और तेज हो जाएगा।

बता दें कि इस परियोजना का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इस दौरान उन्होंने सहारनपुर में वन्यजीव गलियारे का निरीक्षण भी किया और देहरादून के पास दात काली मंदिर में पूजा-अर्चना की।

मौजूद जानकारी के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली से देहरादून की यात्रा का समय छह घंटे से घटकर करीब ढाई घंटे रह जाएगा। यह मार्ग दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से होकर गुजरता है, जिससे क्षेत्रीय संपर्क और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

गौरतलब है कि इस परियोजना की शुरुआत साल 2021 में हुई थी और इसे करीब 11 हजार 800 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी आधारशिला रखी थी।

इस एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा पहले ही जनता के लिए खोला जा चुका था, जो दिल्ली से बागपत तक करीब 32 किलोमीटर लंबा है। अब पूरा मार्ग शुरू होने से सफर और भी सुगम हो गया है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, इस परियोजना में 100 से ज्यादा अंडरपास और कई रेलवे ओवरब्रिज बनाए गए हैं। यह मार्ग देश के अन्य बड़े एक्सप्रेसवे और प्रमुख सड़कों से भी जुड़ता है, जिससे यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।

गौरतलब है कि इस एक्सप्रेसवे की खासियत वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाया गया विशेष गलियारा है। राजाजी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में करीब 12 किलोमीटर लंबा ऊंचा मार्ग बनाया गया है, जिससे जानवरों की आवाजाही प्रभावित न हो। इसमें हाथियों और अन्य वन्यजीवों के लिए अंडरपास और सुरंग भी बनाई गई हैं।

इस परियोजना को चार चरणों में पूरा किया गया है, जिसमें अलग-अलग हिस्सों में चार से बारह लेन तक की सड़कें बनाई गई हैं। इसके साथ ही आधुनिक यातायात प्रबंधन प्रणाली भी लगाई गई है, जिससे सड़क सुरक्षा और यातायात नियंत्रण बेहतर होगा।

All the updates here:

अन्य न्यूज़