Devendra Fadnavis ने भिवंडी हादसे के बाद C1 Category इमारतों को खाली कराने का निर्देश दिया

भिवंडी में एक जर्जर इमारत गिरने से नौ लोगों की मौत के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने सी-1 श्रेणी की खतरनाक इमारतों को खाली कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जरूरत पड़ने पर लोगों की जान बचाने के लिए बल का इस्तेमाल भी किया जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने और दोषी ठेकेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
भिवंडी में एक जर्जर इमारत के गिरने से नौ लोगों की मौत के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि अधिकारियों को ‘खतरनाक’ इमारतों से लोगों को समझा-बुझाकर बाहर निकालना चाहिए और जरूरत पड़ने पर जान बचाने के लिए बल का इस्तेमाल करना चाहिए। फडणवीस ने यहां संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि भिवंडी की इमारत को सी 1 श्रेणी की इमारत के तौर पर वर्गीकृत किया गया था, जिसका मतलब है कि यह रहने के लिए सुरक्षित नहीं थी। उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत दुखद है।
यह सी 1 श्रेणी की इमारत थी। स्थानीय नगर आयुक्त ने मुझे बताया कि लगभग 25 लोगों को पहले ही बाहर निकाल लिया गया था। इसके बावजूद ठेकेदार ने मरम्मत का काम जारी रखा, जिसके बाद यह घटना हुई।’’ फडणवीस ने इस हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि राज्य सरकार मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देगी।
उन्होंने कहा कि नगर आयुक्त को ठेकेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है। वर्गीकरण के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सी 1 श्रेणी की इमारत को खतरनाक और रहने के लिए अनुपयुक्त माना जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘जीवन महत्वपूर्ण है।
जान बचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सी 1 श्रेणी की इमारतों में रहने वाले लोगों को समझा-बुझाकर और सख्ती के साथ बाहर निकाला जाना चाहिए। अगर जरूरत हो, तो ऐसी जर्जर इमारतों से उन्हें बाहर निकालने के लिए कुछ बल का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
हालांकि, अदालत के आदेशों के अनुसार कुछ प्रतिबंध हैं। फिर भी मुझे लगता है कि जान बचाना भी महत्वपूर्ण है।’’ अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि भिवंडी में चार मंजिला कोहिनूर इमारत के ढहने से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और ऐसा माना जा रहा है कि मलबे में अब भी दो-तीन लोग फंसे हैं, जिन्हें बचाने की कोशिशें जारी हैं। भिवंडी-निजामपुर सिटी नगर निगम ने बताया कि उसने सितंबर 2020 में ही इस इमारत को ‘खतरनाक’ घोषित कर दिया था और इस साल पांच जून को इसे खाली करने का नोटिस जारी किया था, जिसके बाद बिजली और पानी की आपूर्ति काट दी गई थी।
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