Congress के रुख से अलग शशि थरूर बोले, जम्मू-कश्मीर के हालात सामान्य, पार्टी में मचा घमासान

Shashi Tharoor
ANI
अंकित सिंह । Jun 22 2026 12:35PM

शशि थरूर की कश्मीर पर की गई टिप्पणी ने कांग्रेस को राजनीतिक दुविधा में डाल दिया है, क्योंकि उन्होंने जम्मू-कश्मीर में सामान्य स्थिति की ओर हो रही प्रगति को सराहा है। कांग्रेस लगातार केंद्र पर कश्मीर में हालात सामान्य करने में विफलता का आरोप लगाती रही है, ऐसे में थरूर का यह बयान पार्टी के आधिकारिक नैरेटिव को कमज़ोर करता है। इस घटना ने एक बार फिर कांग्रेस बनाम कांग्रेस की स्थिति पैदा कर दी है, जहां पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के विचार पार्टी लाइन से भिन्न हैं।

लोकसभा सांसद शशि थरूर एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ़ करने की वजह से मुश्किल में पड़ गए हैं। केरल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले थरूर और कांग्रेस के बीच तनावपूर्ण रिश्ते सुधरे थे और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे का सम्मान बनाए रखा था, लेकिन वेस्ट एशिया संकट के दौरान अमेरिकी कूटनीतिक घटनाक्रम पर मोदी के रुख की तारीफ़ करके पूर्व केंद्रीय मंत्री ने फिर से विवाद खड़ा कर दिया। कांग्रेस ने शनिवार को पीएम मोदी द्वारा पेश की गई अच्छी रणनीति पर बयान देने के लिए आधिकारिक तौर पर थरूर की आलोचना की।

इसे भी पढ़ें: Pahalgam Terror Attack | NIA की चार्जशीट में खुलासा- घाटी में ड्रोन से भेजे गए थे हथियार, इंटेलिजेंस नेटवर्क पर उठे सवाल

इसके अलावा शशि थरूर को पार्टी की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उन्होंने जम्मू-कश्मीर के हालात को सामान्य स्थिति की ओर बढ़ते हुए बताया है। थरूर ने X पर लिखा था कि श्रीनगर में! आज लोक भवन में उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ एक शानदार बैठक का सौभाग्य मिला। हमने राज्य के हालात और सामान्य स्थिति की ओर हो रही उत्साहजनक प्रगति पर चर्चा की। जब मैं वहाँ पहुँचा, तो वे कश्मीरी लेखक संघ और महिला संगठन के अध्यक्षों से बातचीत कर रहे थे - यह एक सकारात्मक पहल थी जिसका मैंने स्वागत किया। अभी भी कई चुनौतियाँ हैं और बहुत कुछ किया जाना बाकी है, लेकिन बैठक के बाद मैं पहले की तुलना में अधिक सकारात्मक महसूस कर रहा हूँ।

इस पर तुरंत और तीखी प्रतिक्रिया हुई, और वह भी पार्टी के भीतर से ही। थरूर के श्रीनगर दौरे और उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ उनकी मुलाक़ात ने कांग्रेस के भीतर हंगामा खड़ा कर दिया। जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने इस पोस्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि थरूर को ज़मीनी हक़ीक़त समझने के लिए कश्मीर घाटी के लोगों से मिलने का समय निकालना चाहिए था। उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोग भी उम्मीद कर रहे थे कि आप उनसे मिलकर ज़मीनी हकीकत को बेहतर ढंग से समझेंगे। कम से कम आप अपनी पार्टी के उन कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए तो कुछ समय निकाल ही सकते थे जो 7 साल पहले छीने गए राज्य के दर्जे को वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: Kashmir में 36 साल बाद वापस लौटा Kashmiri Pandit परिवार, Restaurant खोलकर शुरू किया नया कारोबार

कांग्रेस के लिए यह समय बहुत बुरा है। पार्टी लगातार BJP पर आरोप लगाती रही है कि उसने J&K का दर्जा राज्य से घटाकर केंद्र-शासित प्रदेश कर दिया और वहाँ हालात सामान्य करने में नाकाम रही। वहीं, थरूर का यह कहना कि प्रगति उत्साहजनक है, पार्टी के आधिकारिक रुख के बिल्कुल उलट है। भाजपा के प्रवक्ता अभिजीत जसरोटिया ने कहा कि विडंबना साफ दिख रही है। जहाँ एक तरफ कांग्रेस केंद्र की कश्मीर नीति पर लगातार हमले कर रही है, वहीं ज़मीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर दिखाती है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद से पत्थरबाज़ी लगभग खत्म हो गई है। सरकारी आँकड़े बताते हैं कि पिछले 18 महीनों में एक भी कश्मीरी युवा आतंकवादी गुटों में शामिल नहीं हुआ है।

देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। 

All the updates here:

अन्य न्यूज़