कश्मीर पहुंचे यूरोपीय संघ के सांसदों ने कहा- अनुच्छेद 370 भारत का आंतरिक मामला

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अक्टूबर 30, 2019   14:31
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कश्मीर पहुंचे यूरोपीय संघ के सांसदों ने कहा- अनुच्छेद 370 भारत का आंतरिक मामला

फ्रांस के हेनरी मेलोसे ने कहा, ‘‘अनुच्छेद 370 की बात करें, तो यह भारत का आंतरिक मामला है। हमारी चिंता का विषय आतंकवाद है जो दुनियाभर में परेशानी का सबब है और इससे लड़ाई में हमें भारत के साथ खड़ा होना चाहिए।

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर आए यूरोपीय संघ (ईयू) के सांसदों ने बुधवार को कहा कि अनुच्छेद 370 भारत का आंतरिक मामला है और वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वह देश के साथ खड़े हैं। घाटी के दो दिवसीय दौरे के अंतिम दिन यूरोपीय संसद के 23 सांसदों के शिष्टमंडल ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने आतंकवादियों द्वारा मंगलवार को पश्चिम बंगाल के पांच मजदूरों की हत्या किए जाने की घटना की निंदा भी की।

फ्रांस के हेनरी मेलोसे ने कहा, ‘‘अनुच्छेद 370 की बात करें, तो यह भारत का आंतरिक मामला है। हमारी चिंता का विषय आतंकवाद है जो दुनियाभर में परेशानी का सबब है और इससे लड़ाई में हमें भारत के साथ खड़ा होना चाहिए। आतंकवादियों ने पांच निर्दोष मजदूरों की हत्या की। यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।’’ पश्चिम बंगाल के पांच प्रवासी मजदूरों की मंगलवार को कुलगाम जिले में आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना में एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया था जिसने बुधवार को दम तोड़ दिया।

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मेलोसे ने कहा कि दल ने सेना और पुलिस से बात की है। युवा कार्यकर्ताओं से भी उनकी बातचीत हुई तथा अमन कायम करने के विचारों का आदान प्रदान हुआ। पोलैंड के सांसद रेजार्ड जारनेकी ने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने जो दिखाया वह पक्षपातपूर्ण था। हमने जो देखा है, अपने देश लौटकर हम उसकी जानकारी देंगे।’’ ब्रिटेन के न्यूटन डन ने इसे ‘आंखे खोलने वाला दौरा’ बताया। सांसदों के दौरे का उद्देश्य अनुच्छेद 370 के तहत प्रदत्त राज्य के विशेष दर्जे को खत्म करने के बाद बने हालात का जायजा लेना था।

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डन ने कहा, ‘‘हम यूरोप से आते हैं, जो वर्षों के संघर्ष के बाद अब शांतिपूर्ण स्थान है। हम भारत को दुनिया का सबसे शांतिपूर्ण देश बनता देखना चाहते हैं। इसके लिए जरूरत है कि वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हम भारत के साथ खड़े रहें। यह दौरा आंखें खोलने वाला रहा है और जो कुछ हमने ग्राउंड जीरो पर देखा है हम उस पर अपनी बात रखेंगे।’’ केंद्र द्वारा जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म कर इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के ऐलान के बाद से कश्मीर में विदेशी प्रतिनिधियों का यह पहला उच्च स्तरीय दौरा है।

फ्रांस के ही एक अन्य सांसद थियेरी मारियानी ने मीडिया को बताया कि वह पहले भी कई बार भारत आ चुके हैं और यह दौरा भारत के आंतरिक मामले में दखल देने के लिए नहीं है बल्कि कश्मीर में जमीनी हालात के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी लेने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘आतंकवादी एक देश को बरबाद कर सकते हैं। मैं अफगानिस्तान और सीरिया जा चुका हूं और आतंकवाद ने वहां जो किया है वह देख चुका हूं। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हम भारत के साथ खड़े हैं।’’ मारियानी ने कहा, ‘‘हमें फासीवादी कह कर हमारी छवि को खराब किया जा रहा है। बेहतर होता कि हमारी छवि खराब करने से पहले हमारे बारे में अच्छे से जान लिया गया होता।’’

अधिकारियों ने विस्तार से कारण बताये बिना कहा कि इस दल में मूल रूप से 27 सांसदों को होना था लेकिन इनमें से चार कश्मीर नहीं आए। बताया जाता है कि ये सांसद अपने-अपने देश लौट गए। शिष्टमंडल में शामिल कई सांसद धुर दक्षिणपंथी या दक्षिणपंथी दलों के हैं। शिष्टमंडल मंगलवार को जब यहां पहुंचा तो शहर पूरी तरह बंद था। श्रीनगर तथा घाटी के अन्य हिस्सों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच कुछ जगह झड़पें हुई। पथराव की भी कुछ घटनाएं हुईं। आतंवादियों ने पुलवामा में सीआरपीएफ के बुलेटप्रूफ एवं मोबाइल बंकर पर भी गोलीबारी की हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ।

यूरोपीय संसद के इन सदस्यों ने अपनी दो दिवसीय कश्मीर यात्रा के पहले, सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नयी दिल्ली में मुलाकात की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने इनका स्वागत करने के साथ उम्मीद जताई थी कि जम्मू कश्मीर सहित देश के अन्य हिस्सों में उनकी यात्रा सार्थक रहेगी। पीएमओ ने एक बयान जारी करके कहा, ‘‘ जम्मू-कश्मीर के इस दौरे से शिष्‍टमंडल को जम्‍मू, कश्‍मीर और लद्दाख क्षेत्र की सांस्‍कृतिक एवं धार्मिक विविधता को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही वे इस क्षेत्र के विकास एवं शासन से संबंधित प्राथमिकताओं की सही स्थिति से अवगत होंगे।’’

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी शिष्टमंडल को जम्मू कश्मीर के हालात की जानकारी दी थी। उन्होंने मेहमानों के लिए दोपहर के भोज का आयोजन भी किया था। कुछ सप्ताह पहले अमेरिका के एक सीनेटर को कश्मीर जाने की इजाजत नहीं दी गई थी। करीब दो महीने पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित विपक्षी सांसदों के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल को श्रीनगर हवाई अड्डे से बाहर जाने की इजाजत नहीं दी गयी थी और उन्हें वापस दिल्ली भेज दिया गया था । 





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राजस्थान सड़क हादसे में मध्य प्रदेश के 8 लोगों की मौत,राजगढ़ जिले का रहने वाला था परिवार

  •  मनीष सोनी
  •  जनवरी 28, 2021   07:30
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राजस्थान सड़क हादसे में मध्य प्रदेश के 8 लोगों की मौत,राजगढ़ जिले का रहने वाला था परिवार

जीरापुर थाना प्रभारी रमाकांत उपाध्याय ने बताया कि टोंक पुलिस से सूचना मिलने के बाद परिवार के लोगों को हादसे की सूचना दे दी गई है। वही दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने इस पर शोक जताया है।

राजगढ़। राजस्थान के टोंक जिले के सदर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात तेज रफ्तार ट्रेलर और जीप की भिड़ंत मे मध्य प्रदेश के रहने वाले एक ही परिवार के आठ लोगों की मौत हो गई,जबकि चार घायल हो गए।इस दुर्घटना में तीन वर्ष की बच्ची नन्नू सुरक्षित बच गई। घायलों को उपचार के लिए जयपुर भेजा गया है। मृतकों में चार पुरुष, दो महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं। दुर्घटना का शिकार परिवार खाटू श्यामजी के दर्शन करके जीरापुर (राजगढ़ )लौट रहा था।

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हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर पक्का बंधा क्षेत्र में हुआ। इसमें ट्रेलर से टकराने के बाद सवारी वाहन पुलिया की दीवार से टकरा गया। जिसके कारण दुर्घटना के बाद वाहन में संवार लोग फंस गए। हादसे मे कुछ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं कुछ की अस्पताल पहुँचने के बाद मौत हो गई। हादसे मे मरने वाले सभी 8 लोग एक ही परिवार के थे। इनमें से एक महिला और एक बच्चा उज्जैन जिले के मक्सी में रहते थे, जबकि एक बच्ची माकड़ोन निवासी थी।

  

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दुर्घटना के मृतकों में राधेश्याम सोनी (48) निवासी जीरापुर,  रामबाबू सोनी (37) निवासी जीरापुर,ललित सोनी ( 24)निवासी जीरापुर, नयन सोनी (15 )निवासी जीरापुर,अक्षत सोनी (7) निवासी मक्सी, ममता सोनी (28 ) निवासी मक्सी,बबली उर्फ संतोष सोनी (28 ) निवासी जीरापुर,अक्षिता सोनी (8) निवासी माकड़ोन शामिल है। एक तीन वर्ष की बालिका नन्नु को हादसे में खरोंच तक नहीं आई। चारों घायलों का जयपुर एसएमएस मे उपचार जारी है। जीरापुर थाना प्रभारी रमाकांत उपाध्याय ने बताया कि टोंक पुलिस से सूचना मिलने के बाद परिवार के लोगों को हादसे की सूचना दे दी गई है। वही दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने इस पर शोक जताया है। 





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राज्यपाल की ओर से 12 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हुए सम्मानित

  •  दिनेश शुक्ल
  •  जनवरी 27, 2021   23:57
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राज्यपाल की ओर से 12 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हुए सम्मानित

इसके तहत राजभवन के अधिकारियों द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को राज्यपाल की ओर से गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ सहित शॉल, श्रीफल और मिठाई भेंट कर सम्मानित किया।

भोपाल। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कोविड-19 संक्रमण की स्थितियों को देखते हुए मध्य प्रदेश के 12 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के निवास पर जाकर उन्हें सम्मानित करने की व्यवस्था कराई है। इसके तहत राजभवन के अधिकारियों द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को राज्यपाल की ओर से गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ सहित शॉल, श्रीफल और मिठाई भेंट कर सम्मानित किया।

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भोपाल में निवासरत स्वतंत्रता सेनानियों को राज्यपाल की ओर से सम्मानित किया गया। इनमें श्री देवीशरण, श्रीमती पार्वती देवी, श्रीमती सावित्री देवी, श्रीमती चंद्रावती सिंह, श्री मुफ्ती अब्दुल रज्जाक, श्री मुख्तार खान, श्री हबीब नजर, श्री माणिकचंद चौबे, श्री नारायण प्रसाद नरोलिया, श्री मोहम्मद जमीर, श्री लक्ष्मीकांत मिश्रा और श्रीमती नारायणी देवी शामिल है।





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पद्म पुरस्कारों ने बढ़ाया मध्य प्रदेश का गौरव- विष्णुदत्त शर्मा

  •  दिनेश शुक्ल
  •  जनवरी 27, 2021   23:48
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पद्म पुरस्कारों ने बढ़ाया मध्य प्रदेश का गौरव- विष्णुदत्त शर्मा

मध्य प्रदेश के लोग उनके साथ इस परंपरा को बढ़ाने में सहयोग प्रदान करेंगे। वहीं, श्रीमती भूरी बाई जी को जो सम्मान दिया है वह उनके प्रयास और कलाजगत में की गई मेहनत का सम्मान है और यह केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में ही मुमकिन है।

भोपाल। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन, कलाकार श्रीमती भूरी बाई और डॉ. कपिल तिवारी जी को जो पद्म पुरस्कार मिले हैं, उनसे मध्य प्रदेश का गौरव बढ़ा है, हम सभी इससे गौरान्वित हैं। प्रधानमंत्री जी ने जिस तरह से ये अवार्ड प्रदान किए हैं उनसे मध्य प्रदेश की कला और संस्कृति को पहचान मिली है। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने पद्म पुरस्कार से सम्मनित श्रीमती भूरी बाई एवं डॉ. कपिल तिवारी से भेंट के अवसर पर कही।

 

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विष्णुदत्त शर्मा मंगलवार को पद्श्री श्रीमती भूरी बाई एवं डॉ. कपिल तिवारी के निवास पर पहुंचे और उन्हें बधाई दी। शर्मा ने पद्म विजेताओं का मुंह मीठा कराया और उनका सम्मान भी किया। इस अवसर पर प्रदेश सह संगठन मंत्री हितानंद शर्मा, वरिष्ठ नेता उमाशंकर गुप्ता, राहुल कोठारी, जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी भी उपस्थित थे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा डॉ. कपिल तिवारी जी को जो सम्मान दिया है, वह मध्य प्रदेश के लिए गौरव की बात है। डॉ.तिवारी जो शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में जो काम कर रहे हैं, वह भारत को पहचान दिलाने वाला है। आने वाले समय में पूरे मध्य प्रदेश के लोग उनके साथ इस परंपरा को बढ़ाने में सहयोग प्रदान करेंगे। वहीं, श्रीमती भूरी बाई जी को जो सम्मान दिया है वह उनके प्रयास और कलाजगत में की गई मेहनत का सम्मान है और यह केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में ही मुमकिन है।

 

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प्रधानमंत्री मोदी जी ने हमेशा विश्व पटल पर भारत की संस्कृति को नई पहचान देने के लिए प्रयासरत रहे हैं। शर्मा ने कहा कि जनजातीय क्षेत्र में एक छोटे से स्थान पर रहते हुए श्रीमती भूरी बाई जी ने अपनी कला से भारतीय संस्कृति को उकेरने और संरक्षित करने का जो काम किया है, वह मध्य प्रदेश के लिए गौरव की बात है। इन विभूतियों को मिले सम्मान से आज हम सभी मध्य प्रदेशवासी गौरवान्वित हैं।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


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