दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर भारी हंगामा, भाजपा समर्थक और किसान आपस में भिड़े, कई जख्मी

दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर भारी हंगामा, भाजपा समर्थक और किसान आपस में भिड़े, कई जख्मी
प्रतिरूप फोटो

कहा जा रहा है कि गाजीपुर बॉर्डर पर भाजपा समर्थक किसी नेता के स्वागत के लिए पहुंचे थे लेकिन इसी बीच हंगामा शुरू हो गया। वहीं, भारतीय किसान यूनियन ने भाजपा पर लाठी डंडों से हमला करने का आरोप लगाया।

नयी दिल्ली। केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों का विरोध प्रदर्शन पिछले साल महीने से जारी है। इसी बीच दिल्ली के गाजीपुर सीमा से टकराव की खबरें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि किसानों और भाजपा के समर्थकों के बीच हंगामा हो गया।  

इसे भी पढ़ें: राकेश टिकैत बोले- कमजोर न समझे सरकार, संसद में लिख देंगे, ये है किसानों का अस्पताल 

कहा जा रहा है कि गाजीपुर बॉर्डर पर भाजपा समर्थक किसी नेता के स्वागत के लिए पहुंचे थे लेकिन इसी बीच हंगामा शुरू हो गया। वहीं, भारतीय किसान यूनियन ने भाजपा पर लाठी डंडों से हमला करने का आरोप लगाया।

भारतीय किसान यूनियन ने ट्वीट कर बताया कि भाजपा के कार्यकर्ताओं ने आज गाजीपुर बॉर्डर पर फ्लाई-वे के बीच मंच के पास भारी संख्या में इकट्ठे होकर किसी नेता के स्वागत के बहाने ढोल बजाकर आंदोलन विरोधी नारे लगाए। भाकियू कार्यकर्ताओं के मना करने लाठी डंडों से हमला किया। जिसमें किसान घायल हुए है। 

उन्होंने कहा कि भाजपा अब आंदोलन को हिंसा से तोड़ना चाहती है जिसका उदाहरण आज की गाजीपुर बॉर्डर पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा की गई हिंसा है। सभी किसानों से अनुरोध है इनके बहकावे में ना आएं और अपने आंदोलन को बचाए रखें। 

इसे भी पढ़ें: राकेश टिकैत की गिरफ्तारी वाली खबरों को दिल्ली पुलिस ने बताया 'फेक', किसान नेता बोले- मैं गाजीपुर बॉर्डर पर हूं 

गौरतलब है कि किसान संगठन पिछले सात महीने से केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में किसानों का आंदोलन गाजीपुर बॉर्डर पर भी जारी है। किसानों की सरकार से मांग है कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाएं और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) कानून बनें।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।