70 साल से घाटे की खेती कर रहा है किसान, टिकैत बोले- फसल की वजह से कमजोर नहीं होगा आंदोलन

Rakesh Tikait
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान 70 साल से घाटे की खेती कर रहा है। किसान को एक फसल की कुर्बानी देनी पड़ेगी और इसके लिए किसान तैयार है।

नयी दिल्ली। केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी है। वहीं, केंद्र सरकार को घेरने के लिए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत लगातार महापंचायतों में शामिल हो रहे हैं। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्र सरकार को यह नहीं सोचना चाहिए कि किसान फसल की कटाई के लिए वापस चल जाएंगे। यदि वे इसके लिए जोर देते हैं तो हम अपनी फसलों को जला देंगे। उन्हें यह भी नहीं सोचना चाहिए कि आंदोलन 2 महीने में समाप्त हो जाएगा। हम फसल के साथ-साथ आंदोलन करेंगे। 

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समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक उन्होंने कहा कि किसान 70 साल से घाटे की खेती कर रहा है। किसान को एक फसल की कुर्बानी देनी पड़ेगी और इसके लिए किसान तैयार है। अगर फसल ज़्यादा मजदूर लगाकर काटनी पड़ेगी तो भी काटेगा, फसल की वजह से आंदोलन कमजोर नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि किसानों की मांग है कि केंद्र सरकार कृषि कानूनों को वापस ले मगर सरकार का कहना है कि अगर कानूनों में कोई प्रावधान कृषि विरोधी है तो हम उसे बदलने के लिए तैयार हैं।

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