किसानों पर सरकार ने बरसाई थी लाठियां, उन्हें आंदोलनजीवी और देशद्रोही कहा गया: प्रियंका

किसानों पर सरकार ने बरसाई थी लाठियां, उन्हें आंदोलनजीवी और देशद्रोही कहा गया: प्रियंका

कांग्रेस महासचिव ने प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि सरकार के नेताओं ने किसानों को क्या नहीं कहा ? आंदोलनजीवी, गुंडे, आतंकवादी, देशद्रोही यह सब किसने कहा ? जब यह सब कहा जा रहा था तब प्रधानमंत्री चुप क्यों थे ? उन्होंने खुद 'आंदोलनजीवी' शब्द बोला। जब किसानों की हत्या हो रही थी, उन्हें मारा जा रहा था।

लखनऊ। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए लखीमपुर खीरी की घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पूरी तरह से हत्यारों का संरक्षण किया और आज भी मंच पर उनके साथ मंत्री खड़े हैं। वो आज माफी मांग रहे हैं। जब 600-700 किसान शहीद हो चुके हैं। वो क्यों माफी मांग रहे हैं ? क्या देश यह नहीं समझ रहा है कि चुनाव नजदीक आ रहे हैं और उन्हें लगा होगा कि स्थिति ठीक नहीं है। वे सर्वेक्षणों में देख सकते हैं कि स्थिति ठीक नहीं है। इसलिए वे चुनाव से पहले माफी मांगने आए हैं। 

इसे भी पढ़ें: कृषि कानून: CM योगी ने PM मोदी के फैसले का किया स्वागत, बोले- लोकतंत्र में नहीं कर सकते संवाद की अनसुनी 

मोदी ने बोला था 'आंदोलनजीवी

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि सरकार के नेताओं ने किसानों को क्या नहीं कहा ? आंदोलनजीवी, गुंडे, आतंकवादी, देशद्रोही यह सब किसने कहा ? जब यह सब कहा जा रहा था तब प्रधानमंत्री चुप क्यों थे ? उन्होंने खुद 'आंदोलनजीवी' शब्द बोला। जब किसानों की हत्या हो रही थी, उन्हें मारा जा रहा था, उनपर लाठियां बरसाई जा रही थी, वह सब कौन कर रहा था। आपकी ही तो सरकार कर रही थी। आज आप आकर कह रहे हैं कि उन्हें रद्द करेंगे तब हम आपकी नीयत पर कैसे भरोसा करें।

मंत्री को बर्खास्त करें सरकार

इसी बीच उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि सरकार भी यह समझ गई है कि किसान से बड़ा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि आंदोलन में जो किसान शहीद हुए हैं, मैं उनका दुख समझती हूं और हम सबको सबसे पहले उन्हें श्रद्धांजलि देना चाहिए। अगर सरकार सच में गंभीर है तो मंत्री को बर्खास्त करना चाहिए। 

इसे भी पढ़ें: 'मोदी जी ने दिखाया बड़प्पन', राज्यपाल मलिक ने कहा- देर आए, दुरुस्त आए 

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले करीब एक वर्ष से अधिक समय से विवादों में घिरे तीन कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की घोषणा की और कहा कि इसके लिए संसद के आगामी सत्र में विधेयक लाया जाएगा। तीनों कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन कर रहे थे।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।