फर्जी दस्तावेजों से लाखों की धोखाधड़ी करने वाले पिता-पुत्र गिरफ्तार

फर्जी दस्तावेजों से लाखों की धोखाधड़ी करने वाले पिता-पुत्र गिरफ्तार

पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के निर्देश पर गठित टीम ने दविश देकर आरोपित ऋषभ जोशी और उसके पिता को गिरफ्तार किया। बताया गया है कि आरोपितों द्वारा फाइनेंस कंपनी,वाहन खरीददार व विक्रेताओं से फर्जी दस्तावेज के सहारे 26 लाख 40 हजार की धोखाधड़ी की गई है।

राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के पचोर थाना पुलिस टीम ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे वाहनों का क्रय-विक्रय कर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले में आरोपितों से पूछताछ कर रही है। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के निर्देश पर गठित टीम ने दविश देकर आरोपित ऋषभ जोशी और उसके पिता को गिरफ्तार किया। बताया गया है कि आरोपितों द्वारा फाइनेंस कंपनी,वाहन खरीददार व विक्रेताओं से फर्जी दस्तावेज के सहारे 26 लाख 40 हजार की धोखाधड़ी की गई है।

 

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वही पिचोर थाना प्रभारी डीपी.लोहिया ने  बताया कि गत 18 नवम्बर को उत्तम पुत्र अजब सिंह मकवाना निवासी पचोर ने शिकायत दर्ज की थी। जिसमें उनके द्वारा ऋषभ जोशी को सोनालिका ट्रेक्टर 6 लाख 60 हजार में बेंचना बताया था, जिसमें 15 हजार रुपये उन्हें दिए गए, शेष राशि फाइनेंस द्वारा भुगतान करने की बात कही गई थी। खरीददार ऋषभ द्वारा उनके साथ 63 हजार की धोखाधड़ी की गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 420 के तहत केस दर्ज किया है।

वहीं आरोपी ऋषभ ने 28 अगस्त 2019 को ग्राम रोसला जागीर थाना बोड़ा निवासी रामबाबू अहिरवार से 7 लाख 15 हजार रुपए कीमत की बोलेरो वाहन खरीदने का अनुबंध किया था। जिसमें 5 लाख 15 हजार रुपये का नकद भुगतान किया गया और आरोपी द्वारा फर्जी दस्तावेज पेश कर धोखाधड़ी की गई। तो वही लालघाटी भोपाल निवासी मेगमा कंपनी के असिस्टेंट मैनेजर परेश खरे ने बताया कि आरोपी ऋषभ द्वारा 6 लाख 65 हजार का ऋण लिया है, जिसे 62 किश्तों में चुकाने का तय हुआ था। लेकिन आरोपी द्वारा 13 किश्तों का ही भुगतान किया गया।

 

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दूसरी ओर एक और फरियादी राजेश लौहार निवासी पचोर ने बताया कि ऋषभ जोशी से 6 लाख 30 हजार रुपए में एक स्विप्ट डिजायर कार खरीदी, जिसके 5 लाख 80 हजार नकद दिए गए और 50 हजार दस्तावेज प्राप्ति पर देने की बात हुई। राशि प्राप्ति के बाद उसके द्वारा वाहन के फर्जी दस्तावेज दिए गए, जिस पर मैंने वाहन वापस कर दिया। लेकिन आरोपी ऋषभ द्वारा 5 लाख 30 हजार रुपये दिए गए, शेष राशि आज तक नहीं दी गई। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर पड़ताल शुरु की। पुलिस ने धोखाधड़ी के इस मामले में आरोपी ऋषभ के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 के तहत प्रकरण दर्ज किया। 





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