Namibian Cheetah Died: कूनो नेशनल पार्क में मादा चीते की मौत, कई दिनों से थी बीमार

Female cheetah
ANI
अभिनय आकाश । Mar 27 2023 7:33PM

शुरुआती दिनों में सभी चीतों को क्वारंटाइन में निगरानी में रखा गया था। उन्हें नवंबर में बड़े शिकार बाड़ों में छोड़ा गया था। उसके बाद से चीतों ने खुद शिकार किया और अपने नए घर में ढलने के संकेत दिए। साशा बंदी नस्ल की चीता थी। चीता पुन: परिचय परियोजना एक उच्च-दांव वाला कार्यक्रम है, जिस पर अंतर्राष्ट्रीय संरक्षण समुदाय की निगाहें हैं। 12 चीतों की अगली खेप बहुत जल्द भारत आने वाली है।

नामीबिया से पिछले साल कूनो नेशनल पार्क में लाए गए आठ चीतों में से एक साशा की सोमवार को मौत हो गई। वह किडनी की बीमारी से पीड़ित थीं। भारत लाए जाने से पहले साशा बीमार थीं। 23 जनवरी को साशा में थकान और कमजोरी के लक्षण दिखे, जिसके बाद उन्हें शांत कर इलाज के लिए क्वारंटीन बाड़े में भेज दिया गया। साशा तीन साल की थी, और नामीबिया से लाए गए आठ चीतों में से एक थी और भारत के चीता पुन: परिचय कार्यक्रम के हिस्से के रूप में पिछले साल 17 सितंबर को कुनो में छोड़ी गई थी।

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शुरुआती दिनों में सभी चीतों को क्वारंटाइन में निगरानी में रखा गया था। उन्हें नवंबर में बड़े शिकार बाड़ों में छोड़ा गया था। उसके बाद से चीतों ने खुद शिकार किया और अपने नए घर में ढलने के संकेत दिए। साशा बंदी नस्ल की चीता थी। चीता पुन: परिचय परियोजना एक उच्च-दांव वाला कार्यक्रम है, जिस पर अंतर्राष्ट्रीय संरक्षण समुदाय की निगाहें हैं। 12 चीतों की अगली खेप बहुत जल्द भारत आने वाली है। 

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जारी बयान के अनुसार नामीबिया से कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ी गई मादा थीता साशा को मॉनिटरिंग दल द्वारा सुस्त पाया चीतों के स्वास्थ्य की देखरेख हेतु तैनात 3 पशु चिकित्सकों द्वारा साशा का स्वास्थ्य निरीक्षण किया गया एवं पाया कि साक्षा को उपचार की आवश्यकता है फलस्वरूप उसी दिन उसे क्वारेंटाइन बाड़े में लाया गया। क्वारेंटाइन बाड़े में लाने की प्रक्रिया में साशा का ब्लड सैंपल भी लिया गया जिसका परीक्षण वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में स्थित लैब में अत्याधुनिक मशीनों से किया गया। खून के नमूने की जांच से यह जानकारी प्राप्त हुई कि साशा के गुर्दों में संक्रमण पाया गया। तत्काल वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल से वन्यप्राणी चिकित्सक एवं एक अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक को पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के साथ कुनो राष्ट्रीय उद्यान भेजा गया। साक्षा के परीक्षण से गुर्दा की बीमारी की पुष्टि हुई। 

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