पूर्व मंत्री उमंग सिंघार ने सिंधिया पर 50 करोड़ का ऑफर देने के लगाए आरोप

Former minister Umang Singhar
दिनेश शुक्ल । Oct 31, 2020 2:53PM
उमंग सिंघार ने अपने धार स्थित निवास पर प्रेसवार्ता का आयोजन कर यह खुलासा करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया से 50 करोड़ और मंत्री पद का ऑफर मिलने की बात कही। उमंग सिंघार ने कहा कि वी.डी.शर्मा कह रहे है कि भाजपा इस तरह के कृत्य नहीं करती है, लेकिन मैं कहता हूँ कि जितने विधायक गए यह स्पष्ट है कि बिना पैसे के नहीं गए, बिना मंत्री पद के नहीं गए।

धार। कांग्रेस की कमलनाथ सरकार में वन मंत्री रहे धार जिले के गंधवानी से विधायक उमंग सिंघार ने राज्य सभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया पर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने कहा है कि जब प्रदेश में जब सरकार गिराने की साजिश हुई और जिस प्रकार सिंधिया जी ने चार्टड प्लेन से लोगों को भेजा। उस समय उनसे मेरी चर्चा हुई, उन्होंने मुझसे बात कि और बुलाया मुझसे स्पष्ट कहा कि उमंग मेरी भाजपा से बात हो गई है, कांग्रेस का कोई भविष्य नहीं है, आप आ जाईए 50 करोड़ की व्यवस्था करवा देंगे और मंत्री पद आपको दे देंगे। उमंग सिघार ने कहा कि लेकिन मैंने उन्हें कहा कि महाराज मैं सिद्धांतों की लड़ाई लड़ता रहा हूँ, जमुना देवी जी के परिवार से हूँ, आपके रास्ते अगल है, मेरे रास्ते अलग है, मैं अपने सिद्धांत नहीं छोड़ सकता। 

 

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उही प्रदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वी.डी.शर्मा ने पूछा था कि किसने ऑफर दिया था नाम का खुलासा करो। जिसके बाद शनिवार को उमंग सिंघार ने अपने धार स्थित निवास पर प्रेसवार्ता का आयोजन कर यह खुलासा करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया से 50 करोड़ और मंत्री पद का ऑफर मिलने की बात कही। उमंग सिंघार ने कहा कि वी.डी.शर्मा कह रहे है कि भाजपा इस तरह के कृत्य नहीं करती है, लेकिन मैं कहता हूँ कि जितने विधायक गए यह स्पष्ट है कि बिना पैसे के नहीं गए, बिना मंत्री पद के नहीं गए। अगर अभी लोधी गया है तो उसको भी आपने प्रलोभन दिया है। उमंग सिंघार ने कहा कि आप तो बी प्लान में लग गए है, आपको सरकार जाती दिख रही है, हवा बदल गई है तो आप बी प्लान के अंतर्गत विधायक खरीदने में लग गए है। 

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उमंग सिंघार कमलनाथ सरकार में वन मंत्री थे। उन्होंने मंत्री रहते अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे और बागी तेवर अख्तियार कर लिए थे। जिसके बाद कांग्रेस में अंतर्कलह की बात सामने आई थी। वही उमंग को पार्टी ने कारण बताओं नोटिस भी जारी किया था और इस मामले की जाँच पार्टी स्तर पर की गई थी। लेकिन मामला तूल पकड़ता देख उमंग सिंघार उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ के कहने पर शांत हो गए थे।    

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