देश में एक ही राशन कार्ड को लागू करने की योजना पर काम कर रही है सरकार: पासवान

government-is-working-on-the-scheme-to-implement-the-same-ration-card-in-the-country-paswan
पासवान ने एक पूरक प्रश्न के जवाब में बताया कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित लक्ष्य के तहत 2030 तक देश को गरीबी से मुक्त कराने के लिये खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 50 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 75 प्रतिशत आबादी को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के दायरे में लाये जाने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है।

नयी दिल्ली। केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि देश में एक ही राशन कार्ड को लागू करने की योजना पर सरकार काम कर रही है। पासवान ने शुक्रवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल में बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पूरी तरह से ‘‘कैशलेस’’ बनाये जाने के साथ ही सरकार की योजना ‘‘वन नेशन वन राशन’’ कार्ड की सुविधा भी उपलब्ध कराने की है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को देश में कहीं भी अपने हिस्से का राशन प्राप्त करने की सुविधा मिल सके। 

इसे भी पढ़ें: कई जगहों पर तदर्थ शिक्षक व अतिथि शिक्षक 20-25 साल से इन्हीं पदों पर काम कर रहे हैं: मनोज झा

पासवान ने एक पूरक प्रश्न के जवाब में बताया कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित लक्ष्य के तहत 2030 तक देश को गरीबी से मुक्त कराने के लिये खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 50 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 75 प्रतिशत आबादी को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के दायरे में लाये जाने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि देश की दो तिहाई आबादी को पीडीएस के दायरे में लाते हुये दो रुपये प्रति किग्रा की दर से गेंहू और तीन रुपये प्रति किग्रा की दर से चावल मुहैया कराया जा रहा है। उन्होंने पीडीएस में वितरण संबंधी किसी तरह की खामी से इंकार करते हुये कहा कि व्यवस्था पूरी तरह से कैशलेस होने के बाद इसमें हेराफेरी की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। पासवान ने स्पष्ट किया कि पीडीएस के दायरे में आने के लिये लाभार्थी को आधार कार्ड दिखाने की अनिवार्यता नहीं है। 

 

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़