जाटों की मांगों पर तेजी से काम करे सरकारः मलिक

यशपाल मलिक ने कहा है कि जाटों की मांगों को लेकर सरकार की नीयत ठीक है। समस्या केवल यह है कि मांग पूरी करने पर उतनी तेजी से काम नहीं हो रहा, जितनी तेजी से होना चाहिए।

जींद। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा है कि जाटों की मांगों को लेकर सरकार की नीयत ठीक है। समस्या केवल यह है कि मांग पूरी करने पर उतनी तेजी से काम नहीं हो रहा, जितनी तेजी से होना चाहिए। मलिक सोमवार को नई अनाज मंडी में आयोजित रैली को संबोधित कर रहे थे। रैली को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में यशपाल मलिक के तेवर सरकार के प्रति उतने आक्रामक नहीं थे, जितने पहले नजर आते थे।

उन्होंने कहा कि जाटों की मांगों को पूरा करने को लेकर सरकार की नीयत ठीक लग रही है। यह जरूर है कि मांगों पर सरकार उतनी तेजी से काम नहीं कर रही, जितनी तेजी से काम करने का सरकार ने वायदा किया था। सरकार को अपने काम में तेजी लानी चाहिए। अब मुख्यमंत्री को जाटों की मांगों को पूरा करने के लिए टाप गियर लगाना होगा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने जाटों की मांगों को जल्द पूरा नहीं किया और इस दिशा में अपने काम में तेजी नहीं लाई तो चार जून को होने वाली रैली में बड़े आंदोलन की घोषणा से भी जाटों को परहेज नहीं होगा। जाट हर बड़े आंदोलन के लिए तैयार हैं। इससे पहले रैली के मंच से उन्होंने कहा कि जाट आंदोलन में शहीद हुए लोगों के परिजनों को नौकरी मिल रही हैं। मलिक ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा पर आरोप लगाया कि उनके कारण ही जाटों को केंद्र में आरक्षण नहीं मिल पाया। यूपीए सरकार ने जाटों को केंद्र में आरक्षण की सिफारिश की थी लेकिन तब सामाजिक न्याय मंत्री रहते कुमारी शैलजा ने पिछड़ा वर्ग आयोग में अपने सदस्यों के जरिए इसे लागू नहीं होने दिया।

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