Gurugram Power Outage | भीषण पावर कट के बाद बिजली सप्लाई पूरी तरह बहाल! ट्रांसफॉर्मर में ब्लास्ट से ठप हुई थी रैपिड मेट्रो और कई इलाके

Gurugram Power
ANI
रेनू तिवारी । May 23 2026 11:47AM

हरियाणा के साइबर सिटी गुरुग्राम में शुक्रवार रात मुख्य ट्रांसफ़ॉर्मर में तकनीकी खराबी और ब्लास्ट के बाद पैदा हुआ गंभीर बिजली संकट शनिवार (23 मई 2026) को पूरी तरह ठीक कर लिया गया है।

हरियाणा के साइबर सिटी गुरुग्राम में शुक्रवार रात मुख्य ट्रांसफ़ॉर्मर में तकनीकी खराबी और ब्लास्ट के बाद पैदा हुआ गंभीर बिजली संकट शनिवार (23 मई 2026) को पूरी तरह ठीक कर लिया गया है। बिजली विभाग के आला अधिकारियों ने पुष्टि की है कि प्रभावित सभी इलाकों में बिजली की सप्लाई बहाल कर दी गई है और स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। यह संकट शुक्रवार रात करीब 7:50 बजे सेक्टर-72 स्थित 220 KVA पावर स्टेशन के मुख्य ट्रांसफ़ॉर्मर में अचानक आग लगने की वजह से पैदा हुआ था।


तेल रिसाव और थर्मल हीटिंग के कारण हुआ धमाका

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (XEN) अनिल मलिक और पीआरओ संदीप चुघ ने घटनाक्रम की तकनीकी जानकारी साझा की है:

कारण: 220 KVA वाले करंट ट्रांसफ़ॉर्मर सर्किट में अचानक तेल लीक (Oil Leakage) होना शुरू हो गया था। भीषण गर्मी के कारण बढ़े तापमान (Thermal Heating) ने स्थिति को और गंभीर बना दिया।

ब्लास्ट: ट्रांसफ़ॉर्मर में रिसाव इतना तेजी से बढ़ा कि ऑपरेटर द्वारा आग से बचाव के लिए ब्रेकर ट्रिप करने (काटने) से ठीक पहले ही उसमें एक जोरदार धमाका हो गया और भीषण आग लग गई।

अंधेरे में डूबा शहर: इस धमाके के कारण 220 KV सब-स्टेशन से जुड़े 7 पावर स्टेशनों और कई 66 KV सबस्टेशनों की बिजली सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई।

ये इलाके और रैपिड मेट्रो सेवाएं हुईं प्रभावित

धमाके के कारण सेक्टर 15, 38, 44, 46, 52 और 56 सहित गुरुग्राम के एक बड़े हिस्से में अचानक ब्लैकआउट हो गया और पूरे इलाके में अंधेरा छा गया।

बिजली गुल होने का असर शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली रैपिड मेट्रो (Rapid Metro) सेवाओं पर भी पड़ा, जिसे सुरक्षा के लिहाज से तुरंत रोकना पड़ा। हालांकि, बिजली विभाग और मेट्रो प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते रात करीब 8:15 से 8:25 बजे के बीच ही मेट्रो सेवाओं को आपातकालीन बैकअप के जरिए दोबारा बहाल कर दिया गया था।

युद्धस्तर पर मरम्मत कर हालात पर पाया काबू

हादसे की सूचना मिलते ही एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (XEN) और बिजली विभाग के तकनीकी कर्मचारियों की भारी फौज को आपातकालीन मरम्मत के लिए मौके पर तैनात किया गया। पूरी रात चले विशेष मरम्मत अभियान के बाद क्षतिग्रस्त सर्किट को ठीक किया गया।

एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अनिल मलिक का बयान:

"यह घटना रात करीब 7:50 बजे थर्मल हीटिंग और तेल रिसाव की वजह से हुई थी। धमाके के कारण सेक्टर-52 और 56 तक फैले सब-स्टेशनों की सप्लाई रुक गई थी। हमारे कर्मचारियों ने रातभर मुस्तैदी से काम करके सर्किट को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया है। अब पूरे सिस्टम को बहाल किया जा चुका है और हालात पूरी तरह काबू में हैं।" DHBVN के अनुसार, शनिवार सुबह से सभी प्रभावित रिहायशी और व्यावसायिक सेक्टरों में बिजली की आपूर्ति सामान्य रूप से चल रही है और भविष्य में ऐसी तकनीकी खामियों से बचने के लिए पावर स्टेशनों का सुरक्षा ऑडिट भी किया जा रहा है।

 

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