पुडुचेरी में चक्रवात 'निवार' के कारण भारी बारिश, कोई हताहत नहीं

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 26, 2020   13:32
  • Like
पुडुचेरी में चक्रवात 'निवार' के कारण भारी बारिश, कोई हताहत नहीं

मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने कहा कि पुडुचेरी में 23 सेंटीमीटर बारिश हुई और चक्रवात के कारण किसी की मौत होने की खबर नहीं मिली है।

पुडुचेरी। पुडुचेरी और आसपास के क्षेत्रों में ‘निवार’ चक्रवात के कारण बृहस्पतिवार को भारी बारिश हुई तथा कई पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभों को नुकसान हुआ और कई स्थानों पर जलभराव हो गया। संघ शासित प्रदेश के किसी भी हिस्से से किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।  मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने बृहस्पतिवार को बारिश से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि पुडुचेरी में 23 सेंटीमीटर बारिश हुई और चक्रवात के कारण किसी की मौत होने की खबर नहीं मिली है। ज्यादातर रिहायशी इलाकों में जलभराव हो गया और लोग घरों के अंदर रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बिजली सेवा बहाल करने के लिए तत्काल कदम उठाना शुरू कर दिया है। 

इसे भी पढ़ें: पुडुचेरी के तट के पास से गुजरा 'निवार', कमजोर होकर भीषण चक्रवात में हुआ तब्दील 

उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में राहत शिविर खोल दिए गए हैं और अब तक दो हजार लोगों को आश्रय दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राहत शिविरों में भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। व्हाट्सएप्प के माध्यम से दिए गए एक संदेश में उपराज्यपाल किरण बेदी ने कहा कि पेड़ों को रास्ते से हटाने के लिए अग्निशमन कर्मियों और बचाव कर्मियों को तैनात किया गया है। जिलाधिकारी पूर्वा गर्ग ने पीटीआई-से कहा कि कई जगहों पर पेड़ जड़ से उखड़ गए। उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और लोगों की सुरक्षा के लिए सभी कदम उठाए गए हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


जगन्नाथ मंदिर में प्रवेश के लिए अब कोरोना के निगेटिव रिपोर्ट की जरूरत नहीं

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   09:33
  • Like
जगन्नाथ मंदिर में प्रवेश के लिए अब कोरोना के निगेटिव रिपोर्ट की जरूरत नहीं

श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक कृष्ण कुमार ने बताया कि श्रद्धालु मंदिर में 21 जनवरी से सुबह सात बजे से प्रवेश कर सकते हैं। इस तरह, कोविड-19 रिपोर्ट पेश करने की अनिवार्यता हट गई है।

पुरी। पुरी में भगवान जगन्नाथ के मंदिर के अंदर करीब 10 महीने बाद बृहस्पतिवार से श्रद्धालु फिर से प्रवेश कर सकेंगे और उन्हें कोविड-19 की निगेटिव (जांच) रिपोर्ट दिखाने की जरूरत नहीं होगी। पुरी जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस के साथ बैठक के बाद श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजीटीए) के मुख्य प्रशासक कृष्ण कुमार ने बताया कि 12वीं सदी के इस मंदिर में प्रवेश के लिए कोविड-19 की निगेटिव रिपोर्ट पेश करने का प्रावधान खत्म करने का फैसला किया गया है। 

इसे भी पढ़ें: ओडिशा को महामारी के दौरान मिले 1.25 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव : पटनायक 

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘श्रद्धालु मंदिर में 21 जनवरी से सुबह सात बजे से प्रवेश कर सकते हैं। इस तरह, कोविड-19 रिपोर्ट पेश करने की अनिवार्यता हट गई है।’’ पुरी के जिलाधिकारी समर्थ वर्मा ने कहा कि बृहस्पतिवार से प्रति दिन कम से कम 30,000 श्रद्धालुओं के सुगमता से (भगवान जगन्नाथ के) दर्शन के लिए व्यवस्था की गई है। यह मंदिर देश के चार धामों में शामिल है, जिनमें पूर्व में जगन्नाथ पुरी, पश्चिम में द्वारका, उत्तर में बद्रीनाथ और दक्षिण में रामेश्वरम शामिल हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


असम में कोरोना वैक्सीन की 1,000 खुराकें हुईं बर्बाद, जांच के आदेश दिए गए

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   09:24
  • Like
असम में कोरोना वैक्सीन की 1,000 खुराकें हुईं बर्बाद, जांच के आदेश दिए गए

कछार की उपायुक्त कीर्ति जल्ली ने कहा कि वर्तमान में जारी टीकाकरण अभियान पर इस बर्बादी का असर नहीं पड़ेगा। मंगलवार को यह मामला प्रकाश में आया।

सिलचर। असम के कछार जिले में स्थित सिलचर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में शून्य डिग्री से कम तापमान में भंडारण के कारण कोविड-19 टीके की 1,000 खुराकें जम गईं और बर्बाद हो गईं। प्रशासन ने इसके कारणों का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दिए हैं। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। कछार की उपायुक्त कीर्ति जल्ली ने कहा कि वर्तमान में जारी टीकाकरण अभियान पर इस बर्बादी का असर नहीं पड़ेगा। मंगलवार को यह मामला प्रकाश में आया। 

इसे भी पढ़ें: राष्ट्रपति बनने के बाद जो बाइडेन ने दिया 21 मिनट का भाषण, बोले- लोकतंत्र की हुई जीत 

उन्होंने कहा कि कोविशील्ड टीके की 100 शीशियां मुख्य रूप से भंडारण सुविधा और कोल्ड स्टोर प्रबंधन में खामियों के कारण खराब हो गईं। जल्ली ने कहा, हालांकि, हमने इस घटना की जांच शुरू कर दी है, ताकि खामियों के पीछे का कारण पता चल सके। उन्होंने कहा कि इसकी वजह से टीकाकरण अभियान में बाधा नहीं आएगी क्योंकि हमारे पास टीके का पर्याप्त भंडार है। असम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक डॉ. एस लक्ष्मणन ने कहा कि टीके के भंडारण और आपूर्ति के लिए जिम्मेदार लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


तेजस्वी आंदोलनरत शिक्षक अभ्यर्थियों के धरने में हुए शामिल, मुख्यमंत्री नीतीश पर लगाया लाठीचार्ज करवाने का आरोप

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   09:15
  • Like
तेजस्वी आंदोलनरत शिक्षक अभ्यर्थियों के धरने में हुए शामिल, मुख्यमंत्री नीतीश पर लगाया लाठीचार्ज करवाने का आरोप

विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद 94,000 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र क्यों नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सदा बेरोजगारों, छात्रों, शिक्षकों, नौजवानों और किसानों के समर्थन में हूँ और रहूँगा।

पटना। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव बुधवार की देर शाम पटना में आंदोलनरत शिक्षक अभ्यर्थियों के धरने में शामिल हुए। तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आरोप लगाया कि इतनी ठंड में आंदोलनरत शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज करवाया गया और उनके पंडाल को उखड़वा दिया गया। 

इसे भी पढ़ें: बिहार में बढ़ते अपराध के मुद्दे पर तेजस्वी ने राज्यपाल से की मुलाकात, स्थिति पर जताई चिंता 

तेजस्वी ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद 94,000 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र क्यों नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि मैं सदा बेरोजगारों, छात्रों, शिक्षकों, नौजवानों और किसानों के समर्थन में हूँ और रहूँगा। विपक्ष में रहते हुए भी बेरोजगार साथियों को नौकरी दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हूँ।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept