राजगढ़ जिले के अवैध अस्पताल मामले में फरार संचालकों के खिलाफ पांच-पांच हजार का इनाम घोषित

राजगढ़ जिले के अवैध अस्पताल मामले में फरार संचालकों के खिलाफ पांच-पांच हजार का इनाम घोषित
प्रतिरूप फोटो

वही सोमवार को कथित पत्रकार तनवीर वारसी का शस्त्र लाइसेंस कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी नीरज कुमार सिंह ने निरस्त कर दिया तथा इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक को भेज दी।

राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिला मुख्यालय में खुजनेर रोड़ पर अवैध एवं अनाधिकृत रुप से संचालित निजी अस्पताल के फरार संचालकों के खिलाफ पुलिस ने ईनाम घोषित किया है। इस अस्पताल संचालकों पर नवजात शिशुओं की मौत के मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है। सोमवार को फरार अस्पताल के संचालकों के खिलाफ पुलिस ने पाँच-पाँच हजार रूपए का ईनाम घोषित किया है। पुलिस ने अवैध रूप से संचालित अस्पताल के खिलाफ शिकायत पर तीन संचालकों सहित 22  लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। 

 

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मामले में फरार तीनों संचालकों की गिरफ्तारी को लेकर सोमवार को पुलिस ने पांच-पांच हजार का इनाम घोषित किया गया। जानकारी के अनुसार 11 मार्च 2021 से 21 मई 2021 की अवधि तक निजी अस्पताल सीएचएल एमडी एंड ट्रामा सेंटर के संचालक विनोद शर्मा, साहिलउद्दीन और कथित पत्रकार तनवीर वारसी द्वारा अवैध व अनाधिकृत रुप से अस्पताल संचालित कर इलाज किया गया। जिसमें सात नवजात शिशुओं की मौत हुई।

 

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शिकायत की जांच पर पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के निर्देश पर राजगढ़ कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ धारा 177, 186, 269, 188, 304, 336, 369, 417, 120 बी सहित विभिन्न अधिनियमों के तहत प्रकरण दर्ज किया था। मामले में आरोपी अस्पताल संचालक विनोद शर्मा, साहिलउद्दीन और कथित पत्रकार तनवीर वारसी तभी से फरार है। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर 5-5 हजार का इनाम घोषित किया है। वही सोमवार को कथित पत्रकार तनवीर वारसी का शस्त्र लाइसेंस कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी नीरज कुमार सिंह ने निरस्त कर दिया तथा इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक को भेज दी।





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