बेटी को मेडिकल कालेज में दाखिला दिलाने के नाम पर डॉक्टर से ही ठगी

बेटी को मेडिकल कालेज में दाखिला दिलाने के नाम पर डॉक्टर से ही ठगी

वर्ष 2016 में नीट की परीक्षा नहीं होती थी। इससे मेडिकल कॉलेजों में डोनेशन से ही प्रवेश मिलता था। इसी बीच दिल्ली से दीपक चटर्जी नाम का दलाल उनसे मिला और बेटी को अच्छे प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके बदले में उसे लगभग 65 लाख रुपये दिए गए

गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले में मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के नाम पर 65 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। घटना चार साल पहले की है, जब एक निजी अस्पताल संचालक से दलाल मिला और उनकी बेटी को मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने का दावा किया। इसके बदले डोनेशन के नाम पर करीब 65 लाख रुपये ले लिए, लेकिन जब दाखिला नहीं मिला। वही जब दलाल से पैसे वापस मांगे तो  दलाल ने अपना बैंक अकाउंट भी बंद कर दिया जिसके उसने चैक दिए थे। वही फरियादी अस्पताल संचालक ने कोतवाली पुलिस को शिकायत दर्ज कराई, जिस पर दलाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

 

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गुना में मीनाक्षी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. दिनेश सिंह कुशवाह ने बताया कि वर्ष 2016 में नीट की परीक्षा नहीं होती थी। इससे मेडिकल कॉलेजों में डोनेशन से ही प्रवेश मिलता था। इसी बीच दिल्ली से दीपक चटर्जी नाम का दलाल उनसे मिला और बेटी को अच्छे प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके बदले में उसे लगभग 65 लाख रुपये दिए गए, जो दलाल को नकद और बैंक खाता में स्थानांतरित किए गए। इसमें लगभग 40 लाख रुपये नकद थे, जिसके बदले में दलाल ने चेक भी दिए हैं।

 

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फरियादी डॉ. दिनेश सिंह कुशवाह ने बताया कि  इसके बाद दलाल ने 2018 में दिल्ली के मौलाना आजाद कॉलेज में दाखिले के लिए करीब 4000 रुपये फीस भी जमा करवाई, जिसकी बैंक रसीद भी उसने भेजी। लेकिन बेटी को कॉलेज में दाखिला नहीं मिला, तो हमने पैसे वापस मांगे।  इसके बाद दलाल ने अपना बैंक अकाउंट ही बंद कर दिया। हालांकि, उसका मोबाइल और वाट्सएप चालू था, लेकिन दी गई रकम वापस नहीं लौटाई गई। डॉ. कुशवाह ने बताया कि जानकारी लगी है कि उक्त दलाल छत्तीसगढ़ पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। इसके बाद हमने भी कोतवाली में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है।





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