LAC पर भारत का सबसे बड़ा एक्शन, इजरायल में तैयार हेरॉन ड्रोन रखेंगे लद्दाख पर नजर

LAC पर भारत का सबसे बड़ा एक्शन, इजरायल में तैयार हेरॉन ड्रोन रखेंगे लद्दाख पर नजर

भारत के लिए इजरायल से सबसे घातक हथियार आ रहा है जिसे लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल यानी एलएसी पर तैनात किया जाएगा। जल्द ही भारत को इस्राइल से आधुनिक हेरॉन ड्रोन मिलने वाले हैं।

इजरायल और गाजा पट्टी पर शासन चलाने वाले चरमपंथी संगठन हमास के बीच 11 दिनों तक चले संघर्ष के बाद संघर्षविराम हुआ। किस तरह से सावधानी बरतते हुए इजरायल ने अपनी तकनीक और अपने हथियारों का इस्तेमाल करके हमास को घुटनों पर ला दिया था। हमास के दागे गए रॉकेट्स का इजरायल पर बहुत ही कम असर हुआ क्योंकि इजरायल के आइरन ड्रोन ने रॉकेत्य को हवा में ही मार गिराया था। हालांकि कुछ रॉकेट इजरायल में भी गिरे थे लेकिन ज्यादा नुकसान इसमें इजरायल का नहीं हुआ था। इसी बीच पूरी दुनिया ने इजरायल की जबरदस्त तकनीक का नजारा भी देखा। भारत के पास भी इजरायल टेक्नोलॉजी के बने कई हथियार मौजूद हैं। बालाकोट एयर स्ट्राइक में भी भारत ने इजरायली स्पाईस बमों का इस्तेमाल किया था। चीन ने हाल ही में एलएसी पर अफने यूएवी तैनात किए है। इसके जवाब में भारत ने भी अपनी तैयारी शुरू कर ली है।  भारत के लिए इजरायल से सबसे घातक हथियार आ रहा है जिसे लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल यानी एलएसी पर तैनात किया जाएगा। जल्द ही भारत को इस्राइल से आधुनिक हेरॉन ड्रोन मिलने वाले हैं। 

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इजरायल से चार हेरॉन ड्रोन लीज पर लेने के लिए इसी साल जनवरी में करार हुआ था। ये ड्रोन इमरजेंसी प्रॉक्योरमेंट कंट्रोल के तहत लिए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चार हेरॉन ड्रोन में से दो ड्रोन अगले दो-चीन महीने के भीतर आ जाएंगे। बाकी के दो ड्रोन भी अक्टूबर-नवंबर तक सेना को मिल जाएंगे। इन ड्रोन्स को एलएसी पर तैनात किए जाएंगे। जिससे चीनी सेना की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और किसी भी आपात स्थिति का तुरंत जवाब दिया जा सके। 

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ये ड्रोन करीब 45 घंटे तक 35 हजार फुट की ऊंचाई तक उड़ने में सक्षम हैं। ये स्वचालित टैक्सी टेक ऑफ व लैंडिंग के साथ उपग्रह संचार से लैस हैं। इनमें लंबी रेंज वाले निगरानी कैमरे व अन्य आत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। भारत अमेरिका से तीन अरब डॉलर में बहुद्देशीय प्रीडेटर ड्रोन भी खरीदने की योजना बना रहा है। 





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