400 किमी तक सटीक स्ट्राइक की ताकत, Hindon में BrahMos से लैस दिखा Su-30 MKI

Air Force
ANI
अभिनय आकाश । Oct 8 2026 1:42PM

हिंडन एयर बेस पर ब्रह्मोस मिसाइल से लैस सुखोई-30 एमकेआई फाइटर जेट प्रदर्शित किया गया, जो 400 किलोमीटर तक सटीक हमला करने में सक्षम है। इस प्रदर्शनी में राफेल के अलावा तेजस, प्रचंड और आकाश जैसे स्वदेशी डिफेंस सिस्टम भी शामिल किए गए हैं। यह भारतीय वायु सेना की मजबूत ऑपरेशनल तैयारी और मारक क्षमता को दर्शाता है।

हिंडन एयर बेस से सामने आई नई एक्सक्लूसिव तस्वीरों में भारतीय वायु सेना के सुखोई-30 MKI फाइटर जेट के साथ ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल को इंटीग्रेट किया हुआ दिखाया गया है। Su-30 MKI और ब्रह्मोस का यह कॉम्बिनेशन भारतीय वायु सेना की लंबी दूरी तक सटीक हमला करने की क्षमता का एक अहम हिस्सा है। 94वें वायु सेना दिवस के मौके पर ब्रह्मोस मिसाइल से लैस Su-30 MKI को दिखाया जा रहा है, जो भारतीय वायु सेना की ऑपरेशनल तैयारी और स्ट्राइक करने की क्षमता को दर्शाता है। Su-30 MKI में लगी ब्रह्मोस मिसाइल की रेंज लगभग 400 किलोमीटर है, जिससे इस विमान को लंबी दूरी तक सटीक हमला करने की क्षमता मिलती है। Su-30 MKI और ब्रह्मोस के इस कॉम्बिनेशन का इस्तेमाल 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भी किया गया था, जिसमें भारतीय सेना ने पाकिस्तान में मौजूद ठिकानों पर हमले किए थे। हिंडन एयर बेस पर हो रही प्रदर्शनी में राफेल फाइटर जेट भी शामिल है, जो SCALP, MICA और Meteor मिसाइलों से लैस है। इस प्रदर्शनी में स्वदेशी डिफेंस सिस्टम भी दिखाए जा रहे हैं, जिनमें आकाश सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम, LCH प्रचंड, तेजस फाइटर एयरक्राफ्ट और रोहिणी रडार शामिल हैं। यह प्रदर्शनी भारतीय वायु सेना के कॉम्बैट प्लेटफॉर्म, सटीक हमले की क्षमता और स्वदेशी डिफेंस सिस्टम पर बढ़ते ज़ोर को दिखाती है।

सुखोई-30 MKI की मुख्य विशेषताएं


सुखोई Su-30MKI एक भारी, हर मौसम में काम करने वाला, लंबी दूरी का ट्विन-इंजन वाला मल्टीरोल फाइटर जेट है। इसे रूस की सुखोई कंपनी ने डिज़ाइन किया है और भारत में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने भारतीय वायु सेना (IAF) के लिए लाइसेंस के तहत बनाया है। Su-30MKI भारतीय वायु सेना के लिए हवा में दबदबा बनाने और लंबी दूरी से सटीक हमला करने वाला एक अहम प्लेटफॉर्म है।
इसमें दो AL-31FP टर्बोफैन इंजन लगे हैं जिनमें थ्रस्ट-वेक्टरिंग कंट्रोल की सुविधा है, जिससे यह फाइटर जेट Mach 2.0 तक की रफ़्तार पकड़ सकता है। बिना ईंधन भरे इसकी सामान्य कॉम्बैट रेंज लगभग 3,000 किलोमीटर है, जिसे हवा में ईंधन भरने की सुविधा से काफी बढ़ाया जा सकता है। इस एयरक्राफ्ट में 12 हार्डपॉइंट हैं और यह 8 टन तक हथियार ले जा सकता है, जिनमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल और स्वदेशी अस्त्र बियॉन्ड-विज़ुअल-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल शामिल हैं।
Su-30MKI में रूस में डिज़ाइन किए गए एयरफ्रेम के साथ भारत, इज़राइल, फ्रांस और दक्षिण अफ्रीका से लिए गए मिशन सिस्टम और सब-सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह एक बेहतरीन मल्टीनेशनल प्लेटफॉर्म बन गया है।

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