'मिशन नीतीश' में जुट गई जदयू, केसी त्यागी बोले- PM पद के दावेदार नहीं लेकिन योग्यता है, कुशवाहा ने फिर बताया पीएम मैटेरियल, कहा- कोई चिढ़ता है तो चिढ़े

'मिशन नीतीश' में जुट गई जदयू, केसी त्यागी बोले- PM पद के दावेदार नहीं लेकिन योग्यता है, कुशवाहा ने फिर बताया पीएम मैटेरियल, कहा- कोई चिढ़ता है तो चिढ़े

नीतीश कुमार को पीएम मैटेरियल बताकर जदयू बीजेपी को एक तरह का मैसेज देना चाहती है। जानकारों की माने तो एक तरह से नीतीश पर्दे के पीछे रहते हुए अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से एक तरह का संदेश देना चाहते हैं कि उन्हें हल्के में न लिया जाए।

2024 के लोकसभा चुनाव में काफी समय शेष है लेकिन प्रधानमंत्री पद की योग्यता और बहुमत जुटाने के दावे अभी से किए जाने लगे हैं। ये दावे बिहार में एनडीए की सहयोगी पार्टी जदयू के नेताओं की तरफ से किए जा रहे हैं। पहले तो जदयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी की तरफ से एक बयान सामने आया कि जिसमें उन्होंने नीतीश में प्रधानमंत्री पद की योग्यता तो बताया लेकिन इसका दावेदार नहीं। वहीं जदयू  संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने एक बार फिर से नीतीश कुमार को पीएम मैटेरियल बताते हुए संख्या बल की समस्या तक की बात कह दी। ज्ञात हो कि 2024 के चुनाव को लेकर कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने अभी से गोलबंद होना शुरू कर दिया है। ऐसे में क्या किसी योजना के तहत नीतीश कुमार को पीएम मैटेरियल बताया जा रहा है। राजनीतिक जानकारों की माने तो भविष्य की राजनीति के मद्देनजर जदयू की तरफ से कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार में प्रधानमंत्री बनने के सारे गुण मौजूद हैं। 

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 पर्दे के पीछे से नीतीश देना चाहते हैं संदेश

बीजेपी और जेडीयू 2005 से बिहार में साथ हैं और अगर 2013 से 2017 तक के 4 साल के वक्त को छोड़ दें तो बाकी समय बिहार में जदयू और बीजेपी की साझा सरकार रही है। लेकिन 2020 के विधानसभा चुनाव में बिहार में बड़े भाई की भूमिका वाली जदयू इस बार छोटा भाई की भूमिका में आ गई। और तो और बिहार में तो जदयू तीसरे नंबर की पार्टी बन गई। नीतीश कुमार को पीएम मैटेरियल बताकर जदयू बीजेपी को एक तरह का मैसेज देना चाहती है। जानकारों की माने तो एक तरह से नीतीश पर्दे के पीछे रहते हुए अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से एक तरह का संदेश देना चाहते हैं कि उन्हें हल्के में न लिया जाए। 

चौटाला से मुलाकात के बाद थर्ड फ्रंट की चर्चा हुई थी

नीतीश कुमार ने बीते दिनों चौटाला से मिलने गुरुग्राम के उनके आवास पर गए थे। उनके साथ जेडीयू के थिंक टैंक कहे जाने वाले केसी त्यागी भी मौजूद थे। दोनों के बीच मुलाकात ऐसे वक्त में हुई जब देश में एंटी मोदी फ्रंट बनाने की कवायद तेजी से हो रही है। इंडियन नेशनल लोक दल के ओम प्रकाश चौटाला तीसरे मोर्चे के गठन पर जोड़ दे चुके हैं। जिसके बाद से ये अटकलें लगाई जाने लगी कि चौटाला की पहल में नीतीश कुमार भागीदार तो नहीं बनने जा रहे हैं। हालांकि नीतीश कुमार ने ऐसी किसी भी संभावना से इनकार किया है। लेकिन चौटाला की चाह तीसरे मोर्चे वाली ओल्ड थ्योरी की अगुवाई नीतीश द्वारा करवाए जाने की रणनीति है, हालांकि सियासत के मंझे हुए खिलाड़ी नीतीश ने अपने पत्ते नहीं खोले।

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केसी त्यागी ने कहा- प्रधानमंत्री बनने की योग्यता है 

जनता दल (यूनाइटेड) के प्रधान महासचिव और प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार में प्रधानमंत्री बनने की योग्यता है लेकिन वह प्रधानमंत्री पद के दावेदार नहीं हैं। त्यागी ने कहा कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री पद के दावेदार नहीं हैं, हमारी पार्टी मजबूती के साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में है जिसके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। नीतीश कुमार में प्रधानमंत्री बनने की योग्यता है लेकिन वे प्रधानमंत्री पद के दावेदार नहीं।  

नीतीश प्रधानमंत्री बनेंगे तो संख्या बल की कोई समस्या नहीं होगी

जद (यू) संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने नीतीश कुमार को ‘पीएम मैटेरियल’ बताते हुए कहा कि वह बिहार के मुख्यमंत्री के लिए सत्ता की सर्वोच्च सीट का दावा नहीं कर रहे हैं लेकिन ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई तो ‘‘संख्या बल’’ की समस्या नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इस बात से अगर कोई इस बात को लेकर चिढ़ता है तो चिढ़ता रहे. हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। बिहार भाजपा के कुछ नेताओं की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया जता रहे थे कि प्रधानमंत्री बनने के लिए 272 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता होती है और जनता दल (यूनाइटेड) के अपने दम पर इतनी सीटें जीतने की संभावना नहीं है। हालांकि, पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘हम वर्तमान में प्रधानमंत्री पद पर दावा नहीं कर रहे हैं। हम राजग के साथ हैं और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को स्वीकार करते हैं। लेकिन अगर लोग भविष्य की बात करें तो किसी भी चीज को असंभव कहकर खारिज नहीं किया जा सकता है।’’  





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