Puducherry Election Issues: Little France Puducherry में Jobs का संकट, Unemployment बना बड़ा मुद्दा

Job crisis in Puducherry
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पुडुचेरी के 2026 के विधानसभा चुनाव में इस बार बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। केंद्र शासित प्रदेश में पढ़ाई-लिखाई के केंद्र तो हर दूसरी गली में हैं, लेकिन डिग्रियां हासिल करने वाले युवाओं के हाथ भी खाली है।

पुडुचेरी के 2026 के विधानसभा चुनाव में इस बार बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। छोटे फ्रांस के नाम से फेमस इस केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में जनता का एक ही दर्द है। यहां की गलियों में यही चर्चा है कि सरकार उनकी चुनी हुई है, लेकिन एक छोटी सी फाइल को भी आगे सरकाने के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी का इतंजार करना पड़ता है। जिसको लोग यहां के विकास में सबसे बड़ी बाधा मान रहे हैं।

केंद्र शासित प्रदेश में पढ़ाई-लिखाई के केंद्र तो हर दूसरी गली में हैं, लेकिन डिग्रियां हासिल करने वाले युवाओं के हाथ भी खाली है। आजकल के पढ़े-लिखे युवाओं को अच्छी नौकरियां चाहिए। जबकि बताया जा रहा है कि प्रदेश में सिर्फ छोटे-मोटे ही काम बचे हैं। ऐसे में 2026 के इस चुनावी अखाड़े में दूसरा सबसे बड़ा कांटा बेरोजगारी बना हुई है। ऐसे में प्रदेश में शिक्षित युवाओं के लिए अच्छी नौकरी में कमी और बढ़ती बेरोजगारी दर ने सत्ताधारी पक्ष और विपक्ष के बीच की राजनीतिक घमासान को तेज कर दिया है।

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विपक्षी दल ने पुडुचेरी में सत्ता दल के कार्यकाल में बढ़ती बेरोजगारी की आलोचना की है और इसको एक प्रमुख मुद्दा बनाया है। वहीं सत्ता दल का कहना है कि प्रदेश में बेरोजगारी दर 47% से घटकर 4.3% पर आ गई है। वहीं अब वोटर सिर्फ सरकारी नौकरियों के वादे से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। युवा अब नई अर्थव्यवस्था, डेटा सेंटर, उच्च स्तरीय मेडिकल टूरिज्म और सेमीकंडक्टर उद्योग जैसे क्षेत्रों में निवेश और आधुनिक नौकरियों की मांग कर रहे हैं।

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