बिहार में न्यायाधीश पर पुलिसकर्मियों ने हमले का किया प्रयास, उच्च न्यायालय में डीजीपी तलब

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 19, 2021   09:20
बिहार में न्यायाधीश पर पुलिसकर्मियों ने हमले का किया प्रयास, उच्च न्यायालय में डीजीपी तलब

मधुबनी के प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा पटना उच्च न्यायालय को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि बृहस्पतिवार को अपराह्न लगभग दो बजे घोघरडीहा थाना के प्रभारी गोपाल कृष्ण और अवर निरीक्षक अभिमन्यु कुमार शर्मा झंझारपुर में पदस्थापित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अविनाश कुमार के कक्ष में घुसकर उनके खिलाफ अपशब्द कहने लगे।

पटना| बिहार के मधुबनी जिला के एक न्यायाधीश के कक्ष में जबरन घुसकर पुलिसकर्मियों द्वारा बदसलूकी और हमले के प्रयास की घटना पर पटना उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को तलब किया।

मधुबनी जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पत्र के आलोक में पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के निर्देशानुसार न्यायमूर्ति राजन गुप्ता और न्यायमूर्ति मोहित कुमार शाह की पीठ ने मामले पर सुनवाई की। पीठ नेमामले में 29 नवंबर को अगली सुनवाई के दौरान डीजीपी से निजी तौर पर उपस्थित होने को कहा है।

इसे भी पढ़ें: शराब पर प्रतिबंध समाज के हित में है: नीतीश कुमार

पीठ ने डीजीपी से इस सिलसिले में मामला दर्ज करने और की गयी कार्रवाई को लेकर सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट भी पेश करने को कहा है।

मधुबनी के प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा पटना उच्च न्यायालय को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि बृहस्पतिवार को अपराह्न लगभग दो बजे घोघरडीहा थाना के प्रभारी गोपाल कृष्ण और अवर निरीक्षक अभिमन्यु कुमार शर्मा झंझारपुर में पदस्थापित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अविनाश कुमार के कक्ष में घुसकर उनके खिलाफ अपशब्द कहने लगे।

न्यायाधीश अविनाश द्वारा विरोध करने पर दोनों पुलिसकर्मियों ने उनके साथ न केवल बदसलूकी की बल्कि हमला करने का भी प्रयास किया।

दोनों पुलिसकर्मियों ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर भी निकाल ली और न्यायाधीश पर हमला करने का प्रयास कर थे कि इसी बीच अदालत के कुछ कर्मचारी और अधिवक्ता के पहुंच जाने से न्यायाधीश की जान बच गई।

उच्च न्यायालय की पीठ ने प्रथमदृष्टया इस प्रकरण को न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए खतरा मानते हुए राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी, गृह विभाग के प्रधान सचिव और मधुबनी के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया है और मामले की अगली सुनवाई की तारीख 29 नवंबर निर्धारित की है।

इसे भी पढ़ें: जमानत देने के लिए कठिन शर्तें लगाना जमानत से इनकार करने के समान: न्यायालय

मामले की सुनवाई के दौरान अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) अदालत में मौजूद थे।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।