Kanpur Police ने 5600 करोड़ के साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का किया पर्दाफाश, 2 अरेस्ट

उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और हवाला के जरिए संचालित 5,600 करोड़ रुपये के अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने जाजमऊ स्थित कार्यालय पर छापा मारकर 65 लाख रुपये नकद बरामद किए और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने करीब 5,600 करोड़ रुपये के कथित अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने बताया कि जाजमऊ स्थित एक कार्यालय पर छापेमारी के दौरान 65 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए।
उन्होंने बताया कि यह नेटवर्क ऑनलाइन गेमिंग, निवेश धोखाधड़ी, क्रिकेट सट्टेबाजी, हवाला लेनदेन और कथित धोखाधड़ी की रकम को विभिन्न खातों के जरिए घुमाने के लिए फर्जी फर्मों का इस्तेमाल करता था। अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बेकनगंज निवासी शावेज वारिस और चमनगंज निवासी सलमान के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि वारिस को 18 अगस्त को उसके खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद कथित तौर पर दुबई भागने की कोशिश के दौरान हैदराबाद में गिरफ्तार किया गया था।
लाल ने बताया कि ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर लाए जाने के बाद उसके कथित खुलासे के आधार पर सलमान को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, 76 बैंक खातों और संबंधित इकाइयों के विश्लेषण में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर 82 से अधिक शिकायतों व संदिग्ध लेनदेन का पता चला। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच में करीब 76 संदिग्ध फर्मों का भी पता चला, जिनमें कुछ के पते कथित तौर पर फर्जी या अप्रमाणित हैं।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस इनके बैंक खातों, पंजीकरण और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी निवेश पर अधिक लाभ का लालच देकर लोगों से रकम लेते थे और उसे कई बैंक खातों के जरिए घुमाते थे। पुलिस को इस नेटवर्क के कई राज्यों और विदेशों तक फैले होने का संदेह है।
पुलिस ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है, इनमें कथित मुख्य सदस्य अखलाक हुसैन भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, हुसैन के पहले लखनऊ और नेपाल में ठिकाने बदलने की सूचना मिली थी।
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