• उत्तर प्रदेश की खबरें: केशव प्रसाद मौर्य ने अपने सरकारी आवास पर लगाया जनता दर्शन

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने सरकारी आवास 7, कालीदास मार्ग स्थित कैम्प कार्यालय पर लगभग 2 दर्जन जनपदों से आये लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया।

उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी, विभूति खण्ड, गोमती नगर, लखनऊ-10 के परिसर में स्थित एक आडीटोरियम/प्रेक्षागृह (190 सीटों से लैस) पूर्णतया वातानुकूलित है तथा लाइट एवं साउन्ड से सुव्यवस्थित है। आडिटोरियम के पीछे दो पहिया गाड़ियॉ और कार पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध है। उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के सचिव द्वारा यह बताया गया कि इस आडीटोरियम/प्रेक्षागृह का किराया 8000/- रूपये मात्र तीन घंटे के लिए है। तीन घण्टे से अधिक की बुकिंग हेतु प्रति घण्टा 2000/- रूपये चार्ज किया जाता है। जीएसटी 18 प्रतिशत अतिरिक्त है। उ0प्र0 उर्दू अकादमी के सचिव ने यह भी बताया कि होने वाले कार्यक्रम का ब्यौरा/विवरण कार्यक्रम से पूर्व लिखित में उपलब्ध कराना होगा, और कार्यक्रम से संबंधित जिलाधिकारी का अनुमति पत्र भी उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि इच्छुक लोग इस शर्त पर बुकिंग करा सकते हैं। यह प्रेक्षागृह/आडीटोरियम सरकारी बैठकों, स्कूल के कार्यक्रम, सांस्कृतिक गोष्ठी, सेमिनार आदि के लिए उपयुक्त है।

दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान योजना के तहत पेंशनर्स के खाते में प्रथम किश्त की धनराशि स्थानान्तरित

प्रदेश के दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा दिव्यांगजन के पुनर्वासन हेतु संचालित दिव्यांगजन भरण-पोषण अनुदान योजना के तहत 11,18,809 दिव्यांग पेंशनर्स के खाते में प्रथम त्रैमास की धनराशि स्थानान्तरित कर दी गई है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान सरकार के कार्यकाल के प्रारम्भिक वित्तीय वर्ष की समाप्ति में इस योजना के तहत पेंशनर्स की संख्या 8,75,992 थी। इस प्रकार वर्तमान सरकार द्वारा 2,42,817 और दिव्यांगजनों को चिन्हित कर लाभान्वित किया गया। इस योजना का लाभ अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को पहुँचाये जाने के उद्देश्य से आवेदकों को हार्ड कापी जमा किये जाने की छूट दिये जाने व ऐसे दिव्यांगजन जो अपना ऑनलाइन आवेदन जमा करने में अक्षम हैं, उनके लिए संबंधित जनपद के अधिकारी द्वारा आवेदन में सहयोग के निर्देश दिये गये हैं। शासन द्वारा सत्यापन प्रक्रिया का सरलीकरण भी किया गया है।

पिछड़े वर्ग के छात्र/छात्राओं के लिए कम्प्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम

प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा पिछड़े वर्ग के इण्टरमीडिएट पास बेरोजगार युवक/युवतियों हेतु भारत सरकार की नीलिट से मान्यता प्राप्त संस्थाओं के माध्यम से ओ-लेवल एवं सी0सी0सी0 कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पिछड़े वर्ग के गरीब छात्र/छात्राओं को कौशल विकास प्रदान करने के लिए कम्प्यूटर प्रशिक्षण दिया जाता है। योजनान्तर्गत चयनित प्रशिक्षणार्थियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी 01 सितम्बर, 2021 से प्रारम्भ कराया जाना प्रस्तावित है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना के तहत वर्ष 2021-22 में 1500 लाख रूपये के बजट का प्राविधान है। वर्ष 2020-21 में इस योजना में उपलब्ध बजट 1461.02 लाख रूपये से 8496 लाभार्थियों को ओ-लेवल तथा 8379 लाभार्थियों को सी0सी0सी0 कम्प्यूटर प्रशिक्षण प्रदान कराया गया। इस प्रकार कुल 16875 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान कराया गया है। उल्लेखनीय है कि इस योजना के तहत ओ-लेवल कम्प्यूटर प्रशिक्षण हेतु भुगतान की जाने वाली धनराशि अधिकतम 15,000 रूपये प्रति प्रशिक्षार्थी तथा सी0सी0सी0 कम्प्यूटर प्रशिक्षण हेतु 3500 रूपये अधिकतम धनराशि सीधे संस्था को भुगतान किये जाने की व्यवस्था है।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ने किया मा0 अटल बिहारी स्टेडियम का निरीक्षण

 उ0प्र0 सरकार के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री उपेन्द्र तिवारी ने 19 अगस्त को मा0 अटल बिहारी क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित होने वाले ओलम्पिक खिलाड़ी सम्मान समारोह की तैयारियों का आज स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने जिलाधिकारी श्री अभिषेक प्रकाश से होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों का पूरा जायजा लिया एवं सभी तैयारियों को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उपेन्द्र तिवारी ने कहा कि खिलाड़ियों, उनके प्रशिक्षकों एवं साथ में आने वाले आगन्तुकों का विशेष ध्यान रखा जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी एवं आगन्तुक को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। श्री तिवारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से खिलाड़ियों के सम्मान का यह अब तक का सबसे बड़ा कार्यक्रम है। इसके लिए व्यवस्थाएं भी विशेष होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव, श्रीमती कल्पना अवस्थी, निदेशक खेल श्री आर0पी0 सिंह समेत अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

आधार वर्ष 2011-12 पर औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के माहवार त्वरित अनुमान तैयार

निदेशक अर्थ एवं संख्या श्री विवेक ने एक पत्र के माध्यम से जानकारी दी कि राज्य नियोजन संस्थान, उत्तर प्रदेश द्वारा आधार वर्ष 2011-12 पर औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के माहवार त्वरित अनुमान तैयार किये गये हैं। आधार वर्ष 2011-12 पर माहवार त्वरित अनुमान केन्द्रीय सांख्यिकीय कार्यालय, भारत  सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई रीति विधायन के अनुसार प्रदेश के विभिन्न कारखानों एवं विभागों द्वारा उपलब्ध कराये गये ऑकड़ों का प्रयोग कर तैयार किये गये हैं।

निदेशक अर्थ एवं संख्या श्री विवेक ने बताया कि वैश्विक महामारी कोविड-19 को रोकने के लिए सरकार द्वारा निवारक उपायों और राष्ट्रव्यापी रूप से लॉक डाउन की उदघोषणा को ध्यान में रखते हुए मार्च 2020 के अंत से औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों के बडे़ हिस्से में काम नही हो पाया। इसका प्रभाव अप्रैल, 2020 के दौरान औद्योगिक इकाइयों द्वारा निर्मित की जा रही मदों पर पडा, जिस कारण प्रदेश के कई औद्योगिक इकाइयों ने शून्य उत्पादन दर्ज किया था। परिणामस्वरूप अप्रैल, 2021 के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक कीे अप्रैल ,2020 से तुलना करना उपयुक्त नही है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के माह अप्रैल 2021 के त्वरित अनुमान माह जून 2021 में तैयार कर लिये गये हैं, जो इस प्रकार हैंः-

पण् अप्रैल, 2021 आधार वर्ष 2011-12 के लिए औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आई.आई.पी.) का  सामान्य सूचकांक का त्वरित अनुमान 122ण्52 रहा ।

पपण् माह अप्रैल, 2021 के खनन का सूचकांक 80ण्69, विनिर्माण का  सूचकांक  126ण्46  और  विद्युत क्षेत्र का सूचकांक  147ण्34 रहा है (विवरणी प्)।  पपपण्  उद्योगों के संदर्भ  में  विनिर्माण क्षेत्र  के  23  उद्योग समूहों (एन.आई.सी. 2008 दो अंकीय स्तर के अनुसार)  का  सूचकांक  विवरणी-प्प् में दर्शाया गया है । पअण् उपयोेग आधारित वर्गीकरण में प्राथमिक वस्तुओं, पूंजीगत वस्तुओं, मध्यवर्ती वस्तुओं, आधारभूत संरचना/निर्माण वस्तुओं, उपभोक्ता टिकाऊ और उपभोक्ता गैर टिकाऊ वस्तुओं का सूचकांक     विवरणी-प्प्प् में  दर्शाया  गया है।  अप्रैल,  2021 के  सूचकांक  प्राथमिक  वस्तुओं  के लिए  103ण्46ए  पूंजीगत  वस्तुओं के लिए  243ण्13, मध्यवर्ती वस्तुओं के लिए 133ण्62   और आधारभूत संरचना/निर्माण वस्तुओं के लिए  128ण्54 रहा है। उपभोक्ता टिकाऊ और उपभोक्ता गैर टिकाऊ वस्तुओं के लिए सूचकांक क्रमशः 70ण्50   और  135ण्82  रहा है ।  निदेशक अर्थ एवं संख्या ने बताया कि औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के माह अप्रैल, 2021 के त्वरित अनुमानों के साथ कारखानों से प्राप्त  अद्युनान्त ऑकड़ों से मार्च, 2021 के सूचकांक को प्रथम संशोधन के साथ अर्थात अनन्तिम सूचकांक प्रस्तुत किया गया है। जो विभाग की वेबसाइट  ीजजचरूध्ध्नचकमेण्नचण्दपबण्पद पर उपलब्ध है।

प्रदेश भर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अवैध शराब के विरूद्ध चलाया गया विशेष प्रवर्तन अभियान

अपर मुख्य सचिव आबकारी श्री संजय आर0 भूसरेड्डी और आबकारी आयुक्त श्री सेंथिल पंडियन सी0 के आदेश के क्रम में आबकारी विभाग द्वारा प्रदेश भर में राष्ट्रीय पर्व पर शराब की दुकानों की बंदी (शुष्क दिवस) हेतु विशेष प्रवर्त अभियान चलाया गया।

अभियान के दौरान संयुक्त आबकारी आयुक्त, मेरठ जोन एवं उप आबकारी आयुक्त, मेरठ प्रभार के निर्देशन में तथा जिला आबकारी अधिकारी हापुड़ के पर्यवेक्षण में अवैध मदिरा के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत, आशुतोष दुबे आबकारी निरीक्षक क्षेत्र 3 गढ़मुक्तेश्वर हापुड़,मय स्टॉफ द्वारा 15 अगस्त, 2021 को गढ़मुक्तेश्वर द्वारा राष्ट्रीय पर्व पर आबकारी अनुज्ञापनों की बन्दी (शुष्क दिवस) को सुनिश्चित कराने हेतु क्षेत्र में भ्रमण किया गया। गढ़मुक्तेश्वर थानान्तर्गत मोहल्ला बड़ा में गीता पत्नी मोहन को 42 पव्वे दिलदार ब्रांड देशी मदिरा उत्तर प्रदेश में बिक्री हेतु अनुमन्य अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया गया। प्रकरण में अभियुक्त के विरुद्ध आबकारी अधिनियम 1910 की सुसंगत धारा में अभियोग पंजीकृत करते हुए अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की गयी ।

इस संबंध में अपर मुख्य सचिव ने बताया कि जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित पाठक के निर्देशन में आबकारी एवं पुलिस की संयुक्त टीमों द्वारा 15 अगस्त मद्य निषेध दिवस पर अवैध शराब की बिक्री व परिवहन पर पूर्णतः अंकुश लगाने के लिए विभिन्न टीमें बनाकर चलाए जा रहे विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत आशीष पांडेय आबकारी निरीक्षक सेक्टर-4 मय आबकारी स्टॉफ व विजय नगर पुलिस  द्वारा संयुक्त रूप से राहुल विहार, सिद्धार्थ विहार के संदिग्ध स्थलों पर दबिश दी गई। दबिश के दौरान छभ्.24 के पास हिंडन नदी के पुस्ते से एक  अभियुक्त फिरोज पुत्र मोहब्बत निवासी रटौल थाना खेकड़ा जिला बागपत को अवैध रूप से 64 पौवे अवैध देशी शराब मार्का डव्ज्ज्। फॉर सेल इन हरियाणा की बिक्री करते हुए गिरफ्तार किया गया।

श्री भूसरेड्डी ने बताया कि इसी प्रकार आबकारी निरीक्षक सेक्टर 5 त्रिवेणी मौर्या द्वारा थाना टीला मोड़ पुलिस के साथ संयुक्त टीम बनाकर एक अभियुक्त दिलीप पुत्र लक्ष्मण को अवैध रूप से 50 पौवे अवैध देशी शराब मार्का डव्ज्ज्। फ़ॉर सेल इन हरियाणा की बिक्री करते हुए गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त रमाशंकर सिंह आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-2 गाजियाबाद मय आबकारी स्टॉफ व मोदीनगर पुलिस  द्वारा संयुक्त रूप से मोहल्ला नंदनगरी पर दबिश दी गई। दबिश के दौरान एक अभियुक्त राहुल शर्मा पुत्र राजेंद्र शर्मा निवासी गली नंबर 3 नंद नगरी थाना मोदीनगर गाजियाबाद को अवैध रूप से 48 पौवे अवैध शराब मार्का रॉयल सिलेक्ट व्हिस्की फॉर सेल इन अरुणाचल प्रदेश की बिक्री करते हुए गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए तीनों अभियुक्तों के विरुद्ध क्रमशः थाना विजयनगर, थाना टीला मोड़ एवं थाना मोदीनगर में उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम 1910 की धारा के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कराकर जेल भेजा गया ।

कम्प्यूटरीकृत सप्लाई चेन मैनेजमेन्ट सिस्टम द्वारा खाद्यान्न के आवंटन, गोदामों से उठान एवं वितरण की ऑनलाइन फीडिंग कराकर की जा रही मॉनीटरिंग

प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के अन्तर्गत खाद्यान्न के उठान एवं वितरण की व्यवस्था को पारदर्शी, सुदृढ़ एवं व्यवर्तनरहित बनाने के उद्देश्य से एन0आई0सी0, उ0प्र0 द्वारा विकसित कम्प्यूटरीकृत सप्लाई चेन मैनेजमेन्ट सिस्टम द्वारा खाद्यान्न के आवंटन, गोदामों से उठान एवं वितरण की ऑनलाइन फीडिंग कराकर मॉनीटरिंग की जा रही है। इस सिस्टम में एण्ड-टू-एण्ड कम्प्यूटराइजेशन के अन्तर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा में चयनित लाभार्थियों की संख्या के आधार पर प्रतिमाह मुख्यालय से ऑटोमेटिक खाद्यान्न का लॉक होना, भारतीय खाद्य निगम डिपो से खाद्यान्न का उठान होने से लेकर उचित दर विक्रेता द्वारा लाभार्थियों को खाद्यान्न का वितरण करने तक समस्त प्रक्रिया ऑनलाइन हो रही है। खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गयी जानकारी के अनुसार इस प्रक्रिया में पारदर्शिता के दृष्टिगत विभागीय पोर्टल ीजजचेरूध्ध्बिेण्नचण्हवअण्पद पर ‘त्वरित लिंक’ के अन्तर्गत ‘‘सप्लाई चेन सारांश’’ में पब्लिक डोमेन पर प्रदर्शित किया गया हैै। प्रदेश में सप्लाई चेन मैनेजमेंट पूर्णतः क्रियाशील है।

सिविल सेवा की निशुल्कः तैयारी के लिए उ0प्र0 संस्कृत संस्थान का फ्लेगशिप कार्यक्रम

उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान के बहुचर्चित फ्लेगशिप कार्यक्रम सिविल सेवा निःशुल्क एवं प्रशिक्षण मार्गदर्शन के तृतीय सत्र हेतु प्रवेश प्रक्रिया में ऑनलाईन माध्यम से प्रवेशाथिर्यों से आवेदन प्राप्त किया जा रहा है। आवेदन पत्र भरने की तिथि 09 अगस्त से 05 सितम्बर, 2021 तक निर्धारित की गई है। तृतीय सत्र हेतु सितम्बर, 2021 के अन्त तक प्रवेश परीक्षा लखनऊ के विभिन्न केन्द्रों पर होगी और अक्टूबर माह में वरिष्ठता सूची के आधार पर साक्षात्कार होगा और अंतिम परिणाम माह अक्टूबर, 2021 के अंत तक घोषित किया जायेगा। तृतीय सत्र का प्रारम्भ 01 नवम्बर, 2021 से होगा। उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान की वेबसाइट नचेंदेातपजेंदेजींदंउण्पदध् अथवा नचेेबपअपसण्पद के लिंक पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकता है अधिक जानकारी के लिए 9936469208 अथवा 6390006920 पर संपर्क किया जा सकता है।

       यह जानकारी आज यहां उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान के निदेशक श्री पवन कुमार ने दी। उन्होंनें बताया कि प्रवेश परीक्षा में पात्रता हेतु अभ्यर्थी स्नातक एवं समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण (यूजीसी से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण ) हो, अभ्यर्थी की आयु 21 से 35 वर्ष होनी चाहिए तथा सभी वर्ग के अभ्यर्थी इस परीक्षा के पात्र होंगे। ऐसे अभ्यार्थी जिन्होंने वर्ष 2020-21 की संघ एवं राज्य की सिविल सेवा की प्रारम्भिक परीक्षा उत्तीर्ण की हो, उन्हें सीधे प्रवेश दिये जाने की व्यवस्था है। इसके अन्तर्गत कुल 15 विद्यार्थी ही लिये जायेंगे। सभी विद्यार्थियों को कक्षा में 75 प्रतिशत उपस्थिति एवं उनकी प्रति माह अध्ययन सत्र के अन्तर्गत मासिक प्रगति रिपोर्ट के आधार पर प्रतिमाह रूपये 3000/-(रूपये तीन हजार) की छात्रवृत्ति दी जाती है। प्रवेश परीक्षा में सामान्य अध्ययन एवं सामान्य संस्कृत ज्ञान विषय पर आधारित वस्तुनिष्ठ प्रवेश परीक्षा का आयोजन होता है, जिसमें 100 प्रश्न द्विभाषीय (संस्कृत एवं हिन्दी) होते हैं एवं 85 प्रश्न सामान्य अध्ययन के और 15 प्रश्न संस्कृत के सामान्य ज्ञान, व्याकरण एवं साहित्य से सम्बन्धित होंगे।

        निदेशक, श्री पवन कुमार ने बताया कि प्रारम्भिक परीक्षा से लेकर साक्षात्कार तक की तैयारी इस कार्यक्रम के तहत करायी जाती है, जिसका सम्पूर्ण सत्र 10 माह का होता है। 10 माह का प्रशिक्षण तीन चरणों में सम्पादित होता है, जिसमें प्रथम चरण में अभ्यर्थियों को प्रारम्भिक सह मुख्य परीक्षा के पाठ्यक्रम को पूरा कराया जाता है। द्वितीय चरण में मुख्य परीक्षा की विषय वस्तु, जिसमें संस्कृत साहित्य एवं सामान्य अध्ययन के पाठ्यक्रम है, को पूरा कराया जाता है, और तृतीय व अन्तिम चरण में परीक्षा आयोजन से पूर्व केवल प्रारम्भिक परीक्षा की विषयवस्तु पर आधारित प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि अभ्यर्थी पूरे आत्मविश्वास व तैयारी के साथ प्रारम्भिक परीक्षा दे सके।

निदेशक, श्री पवन कुमार ने बताया कि प्रारम्भिक सह मुख्य परीक्षा के प्रशिक्षण सत्र के अन्तर्गत सामान्य अध्ययन की प्रारम्भिक परीक्षा और संस्कृत साहित्य की मुख्य परीक्षा एवं सामान्य अध्ययन मुख्य परीक्षा की अद्यतन पाठ्य सामग्री प्रदान की जाती है। प्रशिक्षण सत्र के अन्तर्गत सप्ताह में 01 दिन सामाजिक, आर्थिक एवं प्रशासनिक, शैक्षिक कुशलता वाले विद्वान को विशेष व्याख्यान के लिए समय-समय पर आमंत्रित किया जाता है, ताकि अभ्यर्थी इनके अनुभवों एवं सिविल सेवा की तैयारी हेतु प्रेरणा प्राप्त कर सके और अपनी रणनीति को प्रभावशाली बना सकें। प्रशिक्षण के दौरान सामान्य अध्ययन और संस्कृत साहित्य के विषयों की नियमित कक्षा, साप्ताहिक टेस्ट (प्रा.) और मुख्य परीक्षा हेतु लेखन कौशल विकास के अन्तर्गत चरणबद्ध तरीके से टेस्ट श्रृंखला आयोजित की जाती है। पवन कुमार ने बताया कि सम्पूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम द्विभाषीय है और अभ्यार्थी को सामान्य अध्ययन के समस्त विषयों को तथा संस्कृत साहित्य के अध्यापन ऑनलाईन एवं ऑफलाईन दोनों माध्यमों से प्रदान किया जाता है। समसामयिक विषयों पर साप्ताहिक परिचर्चा के साथ-साथ समसामयिक विषयों की विषयवार द्विभाषीय पाठ्य सामग्री प्रदान की जाती है, ताकि अभ्यर्थी समसामयिक राष्ट्रीय, अन्तर्राष्ट्रीय, आर्थिक, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कला साहित्य और संस्कृत तथा खेलकूद की नवीन घटनाओं के प्रति परिचित हो सकें। आधुनिक डिजिटल पुस्तकालय की व्यवस्था, जिसमें सामाचार पत्र, पत्रिकाएं एवं सिविल सेवा परीक्षा तैयारी हेतु सामान्य अध्ययन, संस्कृत साहित्य के साथ-साथ एनसीईआरटी/एनबीटी/सीएसआईआर इत्यादि की पूरक पुस्तकें भी उपलब्ध हैं। पुस्तकालय में देश के प्रसिद्ध प्रशिक्षण संस्थानों और विषय विशेषज्ञों के नोट्स भी संग्िरहत हैं ताकि अभ्यर्थी इसका व्यापक लाभ उठा सकें।

प्रदेश में अब तक लगभग 7.05 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का मुफ्त वितरण किया गया

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत अब तक लगभग 7.05 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का वितरण किया गया । प्रदेश भर में 05 अगस्त, 2021 से उचित दर दुकानों पर उत्सव के माहौल में वितरण प्रारम्भ कराया गया। इस योजना के तहत अन्त्योदय तथा पात्र गृहस्थी से सम्बद्ध कार्डधारको को प्रति लाभार्थी 05 किग्रा0 खाद्यान्न, प्रति माह निःशुल्क वितरित कराया जा रहा है। वितरण की अद्यतन जानकारी ीजजचेरूध्ध्बिेण्नचण्हवअण्पदध्चउहांलण्ीजउस लिंक से प्राप्त की जा सकती है।

खाद्य एवं रसद विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक 3.34 करोड़ से अधिक राशन कार्डधारकों को राशन का वितरण किया जा चुका है। इस योजना से अब तक 14.09 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं।

गत सप्ताह में आबकारी विभाग द्वारा पकड़े गये 2082 अभियोग व 51,607 ली0 अवैध शराब बरामद

अपर मुख्य सचिव आबकारी, श्री संजय आर. भूसरेड्डी द्वारा अवगत कराया गया है कि विभाग द्वारा प्रदेश में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री एवं तस्करी की रोकथाम हेतु लगातार दबिश एवं चेकिंग की कार्यवाही की जा रही है। आबकारी विभाग द्वारा माह अगस्त के विगत सप्ताह में प्रदेश में 2082 अभियोग पकड़े़ गये, जिसमें 51,607 ली. अवैध शराब बरामद की गयी तथा शराब बनाने हेतु तैयार किये गये 2,53,122 कि.ग्रा. लहन को मौके पर नष्ट किया गया। अवैध मदिरा के कार्य में संलिप्त 918 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया तथा 23 वाहनों को जब्त किया गया।

    अपर मुख्य सचिव द्वारा बताया गया कि अगस्त माह के गत सप्ताह में जनपद मिर्जापुर में दबिश के दौरान एक घर से 12 प्लास्टिक के जरीकेन में 480 लीटर स्प्रिट सहित कुल 1234 ली0 अवैध मदिरा , भारी मात्रा में नकली ढ़क्कन, क्यू0आर0कोड एवं शराब बनाने के अन्य उपकरण के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर उसके विरूद्ध आबकारी अधिनियम एवं आईपीसी की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज कराया गया। जनपद झॉंसी में थाना सिपरी बाजार अन्तर्गत दबिश के दौरान 480 लीटर अवैध कच्ची शराब के साथ 02 वाहनों को जब्त किया गया। इस कार्यवाही में तीन व्यक्तियों के विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया गया। जनपद महाराजगंज में थाना निचलौल अन्तर्गत चार बोरे में कुल 1070 शीशियों में कुल 135 ली0 अवैध मदिरा बरामद किया गया तथा एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर मुकदमा पंजीकृत कराया गया। जनपद अलीगढ़ में बनपुरा, थाना पालीमुकीमपुर अन्तर्गत एक घर पर दबिश देकर 195 पौव्वा अवैध मादिरा बरामद किया गया तथा अभियुक्त के विरूद्ध आबकारी एवं आईपीसी की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज कराया गया।

इसी प्रकार जनपद गौतमबुद्धनगर में थाना बीटा 2 क्षेत्रान्तर्गत आबकारी एवं पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा रोड चेकिंग के दौरान एक ट्रक से हरियाणा राज्य में बिक्री हेतु अनुमन्य कुल 50 पेटियों में अवैध विदेशी मदिरा बरामद की गयी। इस कार्यावाही में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम एवं आईपीसी की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज कराया गया। जनपद प्रयागराज में रोड चेकिंग के दौरान एक मोटर साइकिल से 96 पौव्वे घुंघरू ब्राण्ड फार सेल इन राजस्थान की बरामदगी की गयी। अभियुक्त के विरूद्ध आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत कराया गया। जनपद शामली में ग्राम मलेण्डी कुआ में एक घर की तलाशी के दौरान 192 पौवा अवैध विदेशी मदिरा फार सेल इन हरियाणा बरामद किया गया तथा अभियुक्त के विरूद्ध आबकारी अधिनियम के अन्तर्गत मुकदमा पंजीकृत कराया गया। इसी क्रम में आबकारी आयुक्त, श्री सैन्थिल पाण्डियन सी द्वारा यह बताया गया कि अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री एवं तस्करी के विरूद्ध लगातार प्रवर्तन कार्यवाही के साथ-साथ आबकारी दुकानों के निरीक्षण की कार्यवाही लगातार जारी रहेगी।

ओडीओपी योजना प्रदेश की एमएसएमई के लिए गेम चेंजर साबित हुई

अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, डा0 नवनीत सहगल ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश  विकास के शिखर पर पहुँच रहा है। प्रदेश में औद्योगीकरण को बढ़ावा देने और देश-विदेश से निवेश आकर्षित करने के लिए प्रमुख 2 बिन्दुओं पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया गया। इनमंे से पहला राज्य में अवस्थापना सुविधाओं का विकास और दूसरा औद्योगीकरण के अनुकूल नीतियों को बढ़ावा देना शामिल है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी की महात्वकांक्षी एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना प्रदेश की एमएसएमई के लिए गेम चेंजर साबित हुई है।

डा0 सहगल आज औद्योगीकरण को बढ़ावा देने तथा निवेशकों को प्रोत्साहित करने के संबंध में इन्स्टीट्यूट ऑफ डाइरेक्टर्स (आईओडी) द्वारा आयोजित कार्यक्रम को वर्चुअल सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अवस्थापना सुविधाओं को बढ़ाने पर विशेष बल दिया है। एक्सप्रेस-वे का निर्माण, नये एअरपोर्ट की स्थापना, पावर स्टेशन के विकास को प्रमुखता दी गई है। प्रदेश में पारंपरिक कारीगरों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए उन्हें सीधे बाजार से जोड़ा गया है। पारंपरिक उत्पादों के निर्यात को बढावा दिया गया है। ओडीओपी योजना के तहत हर जिले के विशेष उत्पादों को हार्ड एवं साफ्ट इन्टरवेशन के माध्यम से परंपरागत उत्पादों की क्वालिटी को बढ़ाने के लिए क्वालिटी काउंसिल ऑफ इण्डिया के साथ समझौता किया गया है। कारीगर अपने उत्पाद को सीधे ग्राहकों तक पहुंचा सके इसके लिए ई-मार्केट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। कारीगरों एवं उद्यमियों को उनके उत्पादों की अच्छी कीमत मिले, इसके लिए विश्वस्तीय प्रोडेक्ट तैयार करने में उनकी मदद की जा रही है। इसके लिए निफ्ट एवं आईआईटी जैसे संस्थाओं के साथ अनुबंध भी किया गया है। साथ-साथ कारीगरों को उन्नत किस्म के टूल्स भी प्रदान किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने यू0पी0 को वन ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने का जो लक्ष्य निर्धारित किया है, उसको पूरा करने में ओडीओपी कार्यक्रम का अहम योगदान होगा। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि विगत 04 वर्षों में 80 लाख एमएसएमई को ऋण उपलब्ध कराते हुए 1.50 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने एमएसएमई के माध्यम से ग्लोबल सप्लाई चेन को कायम रखने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय की अवस्थापना सुविधाओं को बढ़ावा दिया है। सरकार ने निर्यातकों की वित्तीय संबंधी कठिनाइयों को दूर करने के लिए बैंकों के साथ एम0ओ0यू0 किया है। प्रदेश में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नई निर्यात नीति लागू की गई है। ग्लोबल एक्जीविशन में उद्यमियों एवं कारीगरों को प्रतिभाग कराया जा रहा है। इसके फलस्वरूप इस वर्ष निर्यात में 38 प्रतिशत वृद्धि हुई।

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उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग की फुटकर दुकानों की ई-लॉटरी का तृतीय चरण सफलता पूर्वक संपन्न हुआ

श्री संजय आर. भूसरेड्डी, अपर मुख्य सचिव, आबकारी विभाग, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा अवगत कराया गया कि देशी मदिरा की 113, विदेशी मदिरा की 29, बीयर की 50, भॅाग की 24 दुकानों तथा 3 माडल शाप के व्यवस्थापन हेतु तृतीय चरण की ई-लाटरी दिनांक 17-08-2021 को प्रदेश के 32 जिलों में संपादित किया गया। इसमें देशी मदिरा की 113, विदेशी मदिरा की 29, बीयर की 50, भॅाग की 24 दुकानों तथा 3 माडल शाप का व्यवस्थापन हुआ। इन दुकानों के व्यवस्थापन से लगभग रूपया 12 करोड की लाइसेंस फीस राज्य सरकार को प्राप्त होगी। देशी मदिरा की व्यविस्थत हुयी 113 दुकानों में लगभग 20 लाख बल्क लीटर कोटा व्यविस्थत हुआ है। ई- लाटरी के तृतीय चरण में विज्ञापित दुकानों पर कुल 7037 आवेदन पत्र प्राप्त हुये थे, जिससे राज्य सरकार को लगभग रूपया 14 करोड प्राप्त हुआ है।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ने युवा कल्याण अधिकारियों एवं ब्लाक आर्गेनाइजरों की प्रशिक्षण कराने के दिए निर्देश

उ0प्र0 सरकार के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री उपेन्द्र तिवारी ने आज विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवा कल्याण अधिकारियों एवं ब्लाक आर्गनाइजरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करें। जिले में भी कार्यरत अधिकारियों के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी की मंशा, खेलो इण्डिया के अनुरूप प्रदेश से उत्कृष्ट खिलाड़ी तैयार करने की है। उपेन्द्र तिवारी ने कहा कि जिले में वितरित होने वाले खेल प्रोत्साहन सामग्री का वितरण युवा कल्याण अधिकारी क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में करें। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण वितरण कार्यक्रम आयोजित नहीं हुए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रोत्साहन सामग्री का वितरण शीघ्र से शीघ्र सुनिश्चित करें, जिसको इसका लाभ खिलाडियों को मिल सके। तिवारी ने कहा कि गांवों में बनने वाले युवक मंगल दल एवं महिला मंगल दल के मानकों पर विचार करें। प्र्रत्येक 2000 की आबादी पर एक मंगल दल का गठन होना चाहिए, जिससे अधिक से अधिक संख्या मे खिलाड़ियों को मौका मिल सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस पर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ने कहा कि युवक मंगल दल एवं महिला मंगल दल की क्षेत्रवार प्रतियोगिता होनी चाहिए। माननीय मुख्यमंत्री जी ने भी कहा है कि इस प्रकार के आयोजन प्रदेश में निरन्तर होने चाहिए, इससे खिलाड़ियों में प्रतिस्पर्धा के साथ उत्साह बढ़ता है। उन्होंने प्रदेश को 6 क्षेत्रों यथा गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ, झांसी, मेरठ, आगरा में बांटकर ऐसे आयोजन करने के लिए विभाग को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। तिवारी ने संबंधित अधिकारियों को स्टेडियम, खेल के मैदान बनाने वाली कार्यदायी संस्थाओं के साथ बैठक करने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि जहॉ पर भी कार्य पूर्ण नहीं है वहाँ की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करें एवं शीघ्र कार्य पूर्ण करवायें। बैठक में उपनिदेशक युवा कल्याण श्रीमती शिल्पी पाण्डेय, मेघना सोनकर सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

अधीक्षण अभियन्ता, विद्युत नगरीय वितरण मण्डल-षष्ठम ने महानगर विद्युत उपकेन्द्र का किया रात्रि निरीक्षण

अधीक्षण अभियन्ता, विद्युत नगरीय वितरण मण्डल-षष्ठम् लेसा, द्वारा महानगर विद्युत उपकेन्द्र का रात्रि निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में उपकेन्द्र के यार्ड का निरीक्षण कर साफ-सफाई के निर्देश दिये तथा उपकेन्द्र की शिकायत पंजिका में 5 विद्युत शिकायते लंम्बित थी। जिन्हें तत्काल निस्तारित कर सम्बन्धित उपभोक्ताओं को अवगत कराया गया। अधिशासी अभियन्ता, विद्युत नगरीय वितरण खण्ड, रहीम नगर द्वारा जानकीपुरम् विस्तार में स्थित विद्युत उपकेन्द्र का रात्रि निरीक्षण किया गया। 33/11 के0वी0 जानकी पुरम् विस्तार उपकेन्द्र में सभी परिवर्तक अन्डर लोड मिले तथा क्षेत्र में ट्रिपिंग की स्थिति भी सामान्य थी। अधीक्षण अभियन्ता, विद्युत नगरीय वितरण मण्डल-तृतीय द्वारा राजाजी पुरम् क्षेत्र में स्थित ओल्ड विद्युत उपकेन्द्र का रात्रि निरीक्षण किया गया। निरीक्षण कर विद्युत उपभोक्ताओं को विद्युत बिल समय से देने तथा विद्युत चोरी ना करने हेतु जागरूक किया गया। अधीक्षण अभियन्ता, विद्युत नगरीय वितरण मण्डल-प्रथम राजभवन द्वारा क्लाइड रोड विद्युत उपकेन्द्र का रात्रि निरीक्षण किया गया। क्षेत्र में ट्रिपिंग शून्य पाई गयी तथा फीडरो पर लोड भी सामान्य था। अधीक्षण अभियन्ता, विद्युत नगरीय वितरण मण्डल-नवम् लेसा द्वारा 33/11 के0वी0 सब स्टेशन एच0ए0एल0 का रात्रि निरीक्षण किया गया। उपकेन्द्र के सभी 11 के0वी0ए0 आउट गोइंग फीडरों पर लोड सामान्य पाया गया तथा उपकेन्द्र के शिकायत रजिस्टर में कोई भी शिकायत लंम्बित नही थी।

उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 में किए गए महत्वपूर्ण

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने बताया कि ’उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019’ (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या-12 सन् 2019) में तीन महत्वपूर्ण संशोधन किए गये हैं। प्रथम संशोधन निजी क्षेत्र में स्थापित विश्वविद्यालयों को ’आफ-कैम्पस केन्द्र’ स्थापित करने हेतु अनुमति प्रदान करने, दूसरा संशोधन महाविद्यालयों के नाम मानक के अनुसार भूमि उपलब्ध होने पर निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना की अनुमति प्रदान किया जाना जबकि तीसरा संशोधन निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के अधीन स्थापित अथवा निगमित विश्वविद्यालयों की प्रथम परिनियमावलियाँ कार्यपरिषद् द्वारा बनाया जाना शामिल है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि संशोधित अधिनियम में निजी क्षेत्र में स्थापित विश्वविद्यालयों को ’आफ-कैम्पस केन्द्र’ स्थापित करने हेतु अनुमति प्रदान कर दी गई है। ’आफ-कैम्पस केन्द्र’ निजी विश्वविद्यालय की घटक इकाई के रूप में संचालित किए जाएंगें। इन्हें सम्बद्धता प्रदान करने का अधिकार उस निजी विश्वविद्यालय को नहीं होगा। निजी क्षेत्र के विश्वविद्यालयों को मुख्य परिसर के अतिरिक्त ’आफ-कैम्पस केन्द्र’ स्थापित किये जाने की अनुमति प्रदान किये जाने के फलस्वरूप नई शिक्षा नीति-2020 की अपेक्षा के अनुरूप उच्च शिक्षण संस्थाओं की संख्या में वृद्धि होगी। नई शिक्षा नीति-2020 में प्रत्येक जिले में अथवा उसके निकट न्यूनतम एक उच्च शिक्षण संस्थान की स्थापना करना, सकल नामांकन दर में वृद्धि करना एवं उच्च शिक्षण संस्थाओं को संस्थागत स्वयत्तता प्रदान किये जाने के बिन्दु सम्मिलित हैं। संशोधित अधिनियम में व्यवस्था दी गई है कि महाविद्यालयों के नाम मानक के अनुसार भूमि उपलब्ध होने पर निजी विश्वविद्यालय की स्थापना की अनुमति प्रदान कर दी गई है। ऐसी भूमि, जो महाविद्यालय के नाम है, को विश्वविद्यालय की प्रायोजक संस्था द्वारा धारित माना जायेगा तथा निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के प्राविधानों के अन्तर्गत विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु प्रायोजक संस्था द्वारा धारित माना जायेगा। निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के अधीन स्थापित अथवा निगमित विश्वविद्यालयों की प्रथम परिनियमावलियाँ कार्यपरिषद् द्वारा बनाया जाएगा तथा विश्वविद्यालय द्वारा बनायी गयी प्रथम परिनियमावलियों को राज्य सरकार द्वारा अनुमोदन किये जाने की आवश्यकता नहीं होगी तथा विश्वविद्यालयों को परिनियम बनाने में स्वायत्तता प्राप्त होगी।

उपमुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य ने अपने सरकारी आवास पर लगाया जनता दर्शन

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने सरकारी आवास 7, कालीदास मार्ग स्थित कैम्प कार्यालय पर लगभग 2 दर्जन जनपदों से आये लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया। उन्होने जनसुनवाई के दौरान एक-एक व्यक्ति की समस्या को पूरी गम्भीरता से सुना तथा समस्याओं के निराकरण हेतु विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी तथा पुलिस अधिकारी से बात की। जनता दर्शन में बुजुर्ग, महिलाएं, पुरूष एवं दिव्यांग सहित कई सैकड़ा लोगों ने उपमुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्यायें बतायी। बतायी गयी समस्याओं में मुख्य रूप से राशन न मिलना, अवैध कब्जा, पट्टा, पेन्शन, ऋणमाफी, नौकरी, मारपीट, राजस्व अधिक्रमण, प्रधानमंत्री आवास/मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास, चक मार्ग, मृतक आश्रित को नौकरी, सड़कों, जमीनी विवाद, चिकित्सा सहायता, आर्थिक सहायता दिलाने के लिये मदद आदि थीं। जनता दर्शन में आए लोगों से उपमुख्यमंत्री ने स्वयं आगे बढ़कर उनके पास जाकर उनकी समस्याएं सुनी तथा त्वरित निराकरण हेतु अधिकारियों को निदेर्शित किया। आवास पर आये मरीजों के ईलाज हेतु उपमुख्यमंत्री ने आर्थिक सहायता दिलाने का विश्वास दिलाया और प्रत्येक व्यक्ति की हर सम्भव मदद हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। उपमुख्यमंत्री ने कई उच्चाधिकारियों से समस्याओं के निराकरण के बाबत दूरभाष पर वार्ता भी की।

उ0प्र0 गोसेवा आयोग ने वर्षा ऋतु में गोवंश को संक्रामक रोगों से बचाव हेतु दिये निर्देश

उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के अध्यक्ष, प्रो0 श्याम नन्दन सिंह ने आयोग की समीक्षा बैठक में वर्षा ऋतु में होने वाले संक्रामक रोगों से बचाव के लिये समुचित उपाय हेतु सभी जिलाधिकारियों, गोशाला प्रबंधकों को पत्र प्रेषित करने के आदेश दिये। प्रदेश में गो संरक्षण एवं संवर्धन हेतु वृहद गोवंश संरक्षण केन्द्र, स्थायी, अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल तथा पशुपालन विभाग में अधिनियम-1964 के तहत पंजीकृत गोशालायें संचालित हैं। वर्षा ऋतु के समय गोवंश में खुरपका, मुंहपका, गलाघोंटू, लंगड़ी आदि संक्रामक रोगों की रोकथाम के दृष्टिगत साफ-सफाई रखने व गोवंश का टीकाकरण हेेतु पशुपालन विभाग से कराने के आदेश भी दिये हैं। अध्यक्ष ने यह भी बताया कि वर्षा ऋतु में आश्रय स्थलों में गड्ढे या समतल भूमि न होने के कारण कीचड़ होने की सम्भावना बढ़ जाती है तथा गोवंशों में तरह-तरह की बीमारी हाने का खतरा रहता है एवं उनके घायल होने की सम्भावना बनी रहती है। इसलिये कीचड़ के स्थान पर रबिश तथा चूना आदि का प्रयोग भी किया जाये।