जानिए कौन हैं राकेश टिकैत जिसके ऊपर पिता की विरासत को संभालने की जिम्मेदारी है

जानिए कौन हैं राकेश टिकैत जिसके ऊपर पिता की विरासत को संभालने की जिम्मेदारी है

राकेश टिकैत अपने पिता के साथ किसान आंदोलनों में भाग लेते रहे है। राकेश टिकैत फिलहाल भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता है। खाप पंचायतों के नियमों के मुताबिक बड़ा बेटा ही भारतीय किसान यूनियन का अध्यक्ष हो सकता था।

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन में एक चेहरा मुखर तौर पर उभरा है। वह चेहरा है भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का। भले ही कई किसान संगठनों के मुखिया अपने मुद्दे को लेकर टीवी चैनलों या फिर अखबारों से बात नहीं कर रहे हो लेकिन राकेश टिकैत लगातार टीवी पर और अखबारों के फोटो में नजर आ ही जाते हैं। राकेश टिकैत आंदोलन के जरिए खुद की अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गए हैं। हालांकि उनके बयानों को लेकर विवाद भी होते है और उसकी खूब चर्चा पर होती है। भले ही राकेश टिकैत भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता के तौर पर सामने आते हो लेकिन जानकारों की माने तो व्यवहारिक तौर पर राकेश टिकैत यूनियन से जुड़े हर फैसला लेते है। राकेश टिकैत देश के बड़े किसान नेताओं में शुमार और भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष रहे स्वर्गीय महेंद्र सिंह टिकैत के दूसरे बेटे हैं।

इसे भी पढ़ें: किसान और कृषि दोनों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है मोदी सरकार: नरेंद्र सिंह तोमर

राकेश टिकैत को सरल स्वभाव का माना जाता है। लेकिन इस किसान आंदोलन में उनकी आक्रमक शैली भी देखने को मिली है। राकेश टिकैत के बड़े भाई नरेश टिकैत भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत और उनका पूरा परिवार लंबे समय से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों के हक में लड़ाई लड़ते रहा है। गन्ना मिलों के खिलाफ भी राकेश टिकैत लगातार किसानों के साथ खड़े रहे हैं। सूत्र बता रहे हैं कि राकेश टिकैत अब तक 40 से ज्यादा बार जेल भी जा चुके हैं। राकेश टिकैत किसानों से जुड़े प्रदर्शन और आंदोलनों में लगातार शामिल होते रहे हैं। राकेश टिकैत का जन्म  मुजफ्फरनगर के सिंगोली गांव में 4 जून 1959 को हुआ था। मेरठ विश्वविद्यालय से इन्होंने पढ़ाई में एमए की डिग्री हासिल की। राकेश टिकैत का चयन दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर पद पर हुआ था हालांकि किसी कारणवश 1993 में उन्होंने पुलिस की नौकरी से इस्तीफा दे दिया।

इसे भी पढ़ें: सीधे प्रधानमंत्री से सवाल पूछने की हिम्मत रखने वाला किसान नेता, जिसके दरवाजे तक आती थी सरकार

राकेश टिकैत अपने पिता के साथ किसान आंदोलनों में भाग लेते रहे है। राकेश टिकैत फिलहाल भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता है। खाप पंचायतों के नियमों के मुताबिक बड़ा बेटा ही भारतीय किसान यूनियन का अध्यक्ष हो सकता था। ऐसे में महेंद्र सिंह टिकैत के निधन के बाद नरेश टिकैत को इसका अध्यक्ष बना दिया गया। हालांकि राकेश टिकैत के संगठन क्षमता को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी गई जिससे वह बखूबी निभा रहे हैं। राकेश टिकैत की शादी बागपत जनपद के दादरी गांव की सुनीता देवी से हुई है और इनकी एक पुत्र और दो पुत्री हैं। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।