तेलंगाना पहुंची ‘कोविशील्ड’ टीकों की 3.64 लाख खुराक, जल्द होगा टीकाकरण शुरू

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 12, 2021   17:37
  • Like
तेलंगाना पहुंची ‘कोविशील्ड’ टीकों की 3.64 लाख खुराक, जल्द होगा टीकाकरण शुरू

तेलंगाना सरकार ने मंगलवार को कहा कि ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ (एसआईआई) के कोरोना वायरस टीके ‘कोविशील्ड’ की 3.64 लाख खुराक की पहली खेप उन्हें मिल गई है।

हैदराबाद। तेलंगाना सरकार ने मंगलवार को कहा कि ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ (एसआईआई) के कोरोना वायरस टीके ‘कोविशील्ड’ की 3.64 लाख खुराक की पहली खेप उन्हें मिल गई है। ‘स्पाइजेट’ का एक मालवाहक विमान इसे लेकर यहां पहुंचा। तेलंगाना के जन स्वास्थ्य विभाग के निदेशक जी. श्रीनिवास राव ने कहा, ‘‘सरकार को ‘सीरम इंस्टीट्यूट’ के टीके कोविशील्ड की 3.64 लाख खुराक मिल गई है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ टीकों को 139 केन्द्रों पर भेजा जाएगा, जहां 16 जनवरी से टीकाकरण शुरू होगा।’’

इसे भी पढ़ें: अमेजन ने SEBI को लिखा पत्र, फ्यूचर-रिलायंस सौदे की समीक्षा को निलंबित करने का किया आग्रह

अधिकारी ने बताया कि 18 जनवरी को अन्य केन्द्रों पर टीकाकरण शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 1,213 केन्द्रों में 1,400 से अधिक काउंटर पर टीके लगाने की व्यवस्था की गई है, जहां अग्रिम मोर्चे पर तैनात 3.10 लाखकर्मियों को टीका लगाया जाएगा।’’ ‘कोविशील्ड’ के डिब्बे अपराह्न साढ़े 11 बजे हवाईअड्डे पर पहुंचे थे और वहां से इन्हें कोटि स्थित टीकों के भंडारण केन्द्र ले जाया गया।

इसे भी पढ़ें: कोविड-19 टीकों की पहली खेप दिल्ली पहुंची, हवाईअड्डे पर सुरक्षा बढ़ाई गई

शमशाबाद के डीसीपी प्रकाश रेड्डी ने बताया कि हवाईअड्डे के मालवाहक केन्द्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी और पुलिस की कड़ी सुरक्षा के साथ इन्हें सरकारी केन्द्र भेजा गया। टीकों के भंडारण केन्द्र पर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूजा करने के बाद टीकों के डिब्बों को ‘फ्रीजर’ में रख दिया गया। राज्य सरकार ने पहले ही राज्य भर में लगभग तीन करोड़ खुराक रखने के लिए ‘कोल्ड चेन स्टोरेज’ की व्यवस्था कर ली थी।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


जानिए कौन हैं प्रफुल्ल खोडा पटेल और क्यों हो रहा इनके नाम पर विवाद ?

  •  अंकित सिंह
  •  फरवरी 25, 2021   14:07
  • Like
जानिए कौन हैं प्रफुल्ल खोडा पटेल और क्यों हो रहा इनके नाम पर विवाद ?

प्रफुल्ल खोडा पटेल के नाम को लेकर इसलिए भी दावा किया जा रहा है क्योंकि डेलकर ने जो आत्महत्या नोट लिखा था उसमें पटेल का नाम था। इस बीच, कथित सुसाइड नोट के बारे में पूछे जाने पर पुलिस के एक अधिकारी ने टिप्पणी करने से इनकार किया और कहा कि डेलकर के परिवार ने मौत के मामले में अब तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है।

दादर और नगर हवेली के सांसद मोहन डेलकर की आत्महत्या को लेकर अब राजनीति तेज हो गई है। इस मामले में भाजपा नेता प्रफुल्ल खोडा पटेल का नाम सामने आ रहा है। इन सबके बीच महाराष्ट्र में कांग्रेस नेताओं ने राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख से मांग की है कि दादर नगर हवेली के लोकसभा सदस्य मोहन डेलकर की मौत से पीछे भाजपा की कथित भूमिका की जांच कराई जानी चाहिए। कांग्रेस की इस मांग के बाद गृह मंत्री अनिल देशमुख ने भी इस मामले की जांच के आदेश पुलिस को दे दिए हैं। प्रफुल्ल खोडा पटेल के नाम को लेकर इसलिए भी दावा किया जा रहा है क्योंकि डेलकर ने जो आत्महत्या नोट लिखा था उसमें पटेल का नाम था। इस बीच, कथित सुसाइड नोट के बारे में पूछे जाने पर पुलिस के एक अधिकारी ने टिप्पणी करने से इनकार किया और कहा कि डेलकर के परिवार ने मौत के मामले में अब तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है।

इसे भी पढ़ें: महाराष्ट्र के लातूर में 27-28 फरवरी को जनता कर्फ्यू, जिलाधिकारी बोले- घरों से नहीं निकलें बाहर

आपको बता दें कि प्रफुल्ल खोडा पटेल फिलहाल दादर और नगर हवेली के प्रशासक हैं। इससे पहले पटेल गुजरात की हिम्मत नगर सीट से भाजपा के विधायक रह चुके हैं। साथ ही साथ वह राज्य के गृह राज्य मंत्री भी रह चुके है। दादर और नगर हवेली तथा दमन और दीव के विलय के बाद वह इस केंद्र शासित प्रदेश के पहले प्रशासक बने। लक्षदीप के प्रशासक दिनेश शर्मा के निधन के बाद प्रफुल्ल खोडा पटेल को लक्षद्वीप केंद्र शासित प्रदेश की भी जिम्मेदारी दे दी गई थी। प्रफुल्ल कोडा पटेल भाजपा के गुजरात के बड़े नेताओं में से माने जाते हैं। ऐसे में जाहिर सी बात है कि उनके नाम को लेकर अब इस मामले में राजनीति खूब होगी।

इसे भी पढ़ें: महाराष्ट्र में बढ़ रहा कोरोना का कहर! कोविड-19 के 614 नए केस, पांच और लोगों की मौत

भाजपा नेताओं ने आरोपों को खारिज किया है। केंद्रशासित प्रदेश से निर्दलीय सांसद 58 वर्षीय डेलकर सोमवार को दक्षिण मुंबई स्थित एक होटल के कमरे में पंखे से लटके मिले थे। पुलिस के अनुसार घटनास्थल से गुजराती में लिखा एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था। कांग्रेस की प्रदेश इकाई के प्रवक्ता सचिन सावंत के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने देशमुख के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की और आरोप लगाया कि केंद्र सरकार तथा केंद्रशासित प्रदेश के अधिकारियों द्वारा डेलकर को परेशान किया जा रहा था। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की की पुलिस को घटना में ‘‘भाजपा की भूमिका की जांच करने’’ का निर्देश दिया जाना चाहिए। गृह मंत्री एवं राकांपा नेता देशमुख ने उन्हें आश्वासन दिया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। महाराष्ट्र भाजपा के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राहुल गांधी सहित सभी कांग्रेस नेताओं को झूठ बोलने की आदत है और सावंत को हर चीज में भाजपा का हाथ लगता है। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


वाहनों के कलपुर्जों का शत प्रतिशत स्थानीयकरण करें कंपनियां: नितिन गडकरी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 25, 2021   14:07
  • Like
वाहनों के कलपुर्जों का शत प्रतिशत स्थानीयकरण करें कंपनियां: नितिन गडकरी

केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को आटोमोबाइल विनिर्माताओं से कलपुर्जों में स्थानीयकरण को बढ़ाकर शत प्रतिशत करने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो सरकार ऐसे कलपुर्जों के घरेलू स्तर पर विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिये आयात पर मूल शुल्क बढ़ाने पर विचार करेगी।

नयी दिल्ली। केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को आटोमोबाइल विनिर्माताओं से कलपुर्जों में स्थानीयकरण को बढ़ाकर शत प्रतिशत करने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो सरकार ऐसे कलपुर्जों के घरेलू स्तर पर विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिये आयात पर मूल शुल्क बढ़ाने पर विचार करेगी। गडकरी यहां आटोमोटिव कम्पोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसियेसन आफ इंडिया (एसीएमए) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत में आटोमोबाइल क्षेत्र के कलपुर्जों के विनिर्माण में 70 प्रतिशत तक स्थानीय उत्पादों का इस्तेमाल होता है।

इसे भी पढ़ें: विधानसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी ने पुडुचेरी को दी विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात

उन्होंने कहा ‘‘हमें किसी भी कीमत पर आटो कलपुर्जों के आयात को रोकना होगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं वाहन एवं वाहनों के कलपुर्जा विनिर्माताओं दोनों से यह आग्रह करता हूं कि वह विनिर्माण में इस्तेमाल होने वाले अधिक से अधिक सामान को स्थानीय स्तर पर ही खरीदें। बल्कि मैं कहूंगा कि अधिक से अधिक नहीं बल्कि शत प्रतिशत सामान देश के भीतर से ही लें। हम हर क्षेत्र में पूरी तरह से सक्षम हैं। मैं वाहन कंपनियों से कहना चाहूंगा कि वह इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करें अन्यथा जहां तक कलपुर्जों के आयात का मामला है हम इन पर आयात शुल्क बढ़ाने की दिशा में विचार कर रहे हैं।’’ गडकरी ने कहा कि सरकार की इस मामले में हर समय स्पष्ट नीति रही है। हम भारत में निर्मित और भारत में तैयार उत्पादों की नीति को प्रोत्साहन देना चाहते हैं।

इसे भी पढ़ें: पेट्रोल, डीजल के दाम में कमी के लिये केन्द्र, राज्यों के बीच समन्वित प्रयास की जरूरत: दास

उन्होंने कहा कि उन्हें जब कभी वाहन विनिर्माता कंपनियों के साथ विचार विमर्श करने का अवसर मिलता है उनका यही सुझाव होता है कि आयात को कभी भी बढ़ावा नहीं दें। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग के साथ साथ सूक्ष्म, लघु एवं मझौले उपक्रम (एमएसएमई) मंत्रालय का भी कामकाज संभाल रहे गडकरी ने विनिर्माताओं से कहा कि वह उत्पाद की गुणवत्ता के साथ समझौता किये बिना लागत कम करने पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि सरकार देश को अगले पांच साल में वाहन विनिर्माण का वैश्विक केन्द्र बनाने की दिशा में काम कर रही है और इसके लिये जल्द ही समग्र नीति की घोषणा की जायेगी। गडकरी ने वाहनों की प्रस्तावित स्वैच्छिक कबाड़ नीति का जिक्र करते हुये कहा कि इससे इस्पात, प्लास्टिक, रबड़, तांबा और एल्यूमीनियम जैसे कचचे माल की उपलब्धता बढ़ेगी और विनिर्माताओं को इसका लाभ उठाना चाहिये।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


आरएसएस कर्मी की हत्या मामले में एसडीपीआई के आठ कार्यकर्ता गिरफ्तार

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 25, 2021   13:56
  • Like
आरएसएस कर्मी की हत्या मामले में एसडीपीआई के आठ कार्यकर्ता गिरफ्तार

सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के आठ कार्यकर्ताओं को अलप्पुझा जिले में आरएसएस कर्मी की हत्या के मामले में हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

अलप्पुझा (केरल)। सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के आठ कार्यकर्ताओं को अलप्पुझा जिले में आरएसएस कर्मी की हत्या के मामले में हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि अलप्पुझा में चेर्थला के पास नगमकुलनगर इलाके में आरएसएस और एसडीपीआई के बीच हुई झड़प में संघ के कार्यकर्ता नंदू (23) की बुधवार रात मौत हो गई थी। पुलिस ने बताया कि झड़प में आरएसएस और एसडीपीआई के कम से कम छह कार्यकर्ता घायल हुए भी थे। उन्हें अलप्पुझा एवं एर्नाकुलम के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

इसे भी पढ़ें: स्वतंत्र मीडिया फोटोग्राफरों को भारत इंग्लैंड क्रिकेट सीरीज की कवरेज से रोका

उन्होंने बताया कि आरएसएस के एक घायल कार्यकर्ता की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। भाजपा अपने कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा के विरोध में जिले में सुबह से शाम तक हड़ताल कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार, कासरगोड से तिरुवनंतपुरम तक भाजपा की विजय यात्रा की शुरुआत के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की केरल यात्रा के विरोध में एसडीपीआई ने हाल में एक मार्च निकाला था, जिसके बाद से इलाके में तनाव बढ़ गया है। एसडीपीआई के कार्यक्रम के बाद से दोनों समूहों ने इलाके में विरोध मार्च निकाले हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept