पश्चिम बंगाल में ED का बड़ा एक्शन! अवैध कोयला खनन मामले में पुलिस अधिकारी समेत 10 ठिकानों पर छापेमारी

अधिकारियों ने बताया कि राज्य पुलिस अधिकारी मनोरंजन मंडल से संबंधित परिसरों सहित लगभग 10 परिसरों की धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत तलाशी ली जा रही है।
पश्चिम बंगाल में अवैध कोयला खनन मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) एक बार फिर एक्शन मोड में है। मंगलवार सुबह से ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में केंद्रीय एजेंसी की छापेमारी जारी है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में कोयले के कथित अवैध खनन और परिवहन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई शुरू की है। धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत प्रवर्तन निदेशालय की टीमें राज्य के लगभग 10 विभिन्न परिसरों की तलाशी ले रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस छापेमारी के केंद्र में राज्य पुलिस के अधिकारी मनोरंजन मंडल हैं। मनोरंजन मंडल से संबंधित परिसरों के अलावा, इस सिंडिकेट से जुड़े कई अन्य संदिग्धों के घरों पर भी तलाशी ली जा रही है।
अवैध कोयला खनन व परिवहन मामले के संबंध में पश्चिम बंगाल में छापे मारे
अधिकारियों ने बताया कि राज्य पुलिस अधिकारी मनोरंजन मंडल से संबंधित परिसरों सहित लगभग 10 परिसरों की धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत तलाशी ली जा रही है। यह मामला संघीय जांच एजेंसी द्वारा जांच किए जा रहे एक अन्य कथित कोयला घोटाला मामले से अलग है, जिसमें एजेंसी ने पिछले महीने कोलकाता में राजनीतिक परामर्श कंपनी ‘आई-पैक’ के परिसर पर छापा मारा था। अधिकारियों ने बताया कि किरण खान, शेख अख्तर, प्रबीर दत्ता, मिर्जा एच बेग समेत कुछ लोगों के घरों पर छापेमारी की जा रही है।
क्या है मुख्य आरोप?
जांच एजेंसी को संदेह है कि अवैध कोयला खनन के जरिए करोड़ों रुपये की कमाई की गई और इसे मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए वैध बनाने की कोशिश की गई। पुलिस अधिकारियों और स्थानीय प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से कोयले का अवैध परिवहन किया गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी चपत लगी है।
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