तकनीक में दक्षता जरूरी, AI की समझ न रखने वाले समाज को हथियार बना सकती हैं विदेशी ताकतें: Anwar Ibrahim

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कोझिकोड में आयोजित एक कार्यक्रम में कृत्रिम मेधा और आधुनिक विज्ञान में विशेषज्ञता हासिल करने का आह्वान किया। उन्होंने आगाह किया कि एआई को समझे बिना समाज विदेशी ताकतों के हाथों का हथियार बन सकता है। इसके साथ ही उन्होंने तकनीकी प्रगति के दौरान नैतिक मूल्यों को बनाए रखने पर भी जोर दिया।
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने रविवार को कृत्रिम मेधा (एआई) और आधुनिक तकनीक में अधिक विशेषज्ञता हासिल करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि एआई की समझ नहीं रखने वाले समाजों का विदेशी ताकतों द्वारा ‘‘हथियार’’ के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इब्राहिम यहां कुन्नमंगलम स्थित करंथुर मरकज में शेख अबू बकर फाउंडेशन की ओर से शुरू किए गए पहले ‘‘उत्कृष्टता पुरस्कार’’ को प्राप्त करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मलेशिया के प्रधानमंत्री दिल्ली में ब्रिक्स 2026 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के बाद प्रमुख सुन्नी विद्वान और भारतीय मुख्य मुफ्ती कांतापुरम एपी अबूबकर मुसलियार से मुलाकात के लिए केरलम पहुंचे थे। राज्य में चार साल में कांतापुरम से उनकी यह दूसरी मुलाकात थी। इब्राहिम ने मरकज में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विद्वानों और समाजों को आधुनिक तकनीक, नयी विज्ञान विधाओं, डिजिटल बदलाव और कृत्रिम मेधा से जुड़ी वास्तविकताओं और चुनौतियों को समझना होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘विद्वानों को वर्तमान समय की नयी वास्तविकताओं और चुनौतियों को स्वीकार करना होगा। इसमें आधुनिक तकनीक, नयी विज्ञान विधाओं, डिजिटल बदलाव और कृत्रिम मेधा को समझना भी शामिल है।’’ प्रधानमंत्री इब्राहिम ने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ मजबूत मूल्य प्रणाली भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एआई तेजी से समाजों में बदलाव ला रहा है इसलिए इस तकनीक से जुड़ा ज्ञान और विशेषज्ञता बेहद जरूरी है।
मलेशिया के प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ज्ञान के बिना हम असफल हो जाएंगे। कृत्रिम मेधा को समझे बिना हम उपनिवेश बना दिए जाएंगे और केवल हथियार बनकर रह जाएंगे। विदेशी ताकतें हमारी इच्छाशक्ति को कमजोर करने के लिए हमारा इस्तेमाल कर सकती हैं।’’ उन्होंने कहा कि एआई के क्षेत्र के अग्रणी लोगों और उद्यमी एलन मस्क समेत प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों ने भी कृत्रिम मेधा के प्रभावों को लेकर चिंता जताई है।
इब्राहिम ने कहा कि चुनौती दोहरी है, एआई के क्षेत्र में ज्ञान व विशेषज्ञता हासिल करना तथा यह सुनिश्चित करना कि तकनीकी प्रगति नैतिक मूल्यों को कमजोर न करे। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारी चिंता यह है कि हमें ज्ञान चाहिए। हमें विशेषज्ञता चाहिए।
लेकिन हमारी चिंता यह भी है कि इनका इस्तेमाल हमारे नैतिक मूल्यों की रक्षा के लिए हो।’’ उन्होंने कहा कि मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, हिंदू और अन्य धर्मों के लोगों वाला बहु-जातीय देश मलेशिया मानवता, आपसी सम्मान एवं विभिन्न समुदायों के बीच मित्रता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने केरलम के मलेशिया के साथ ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि मालाबार तट के देश (मलेशिया) के साथ गहरे ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। उन्होंने दक्षिणी राज्य की यात्रा में सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का धन्यवाद किया और कहा कि वह सोमवार को केरलम के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों से मुलाकात करेंगे।
इब्राहिम ने कहा कि इस दौरान भारत और मलेशिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि बातचीत में केरलम और मलेशिया के बीच संबंधों को मजबूत करने के मुद्दे पर भी चर्चा होगी। जिला प्रशासन की ओर से जारी बयान के अनुसार, मलप्पुरम जिले के करीपुर हवाई अड्डे पर राज्य सरकार की ओर से कृषि मंत्री टी सिद्दीक ने उनका स्वागत किया।
बयान में बताया गया कि सांसद ईटी मोहम्मद बशीर, विधायक टीपी अशरफ अली और टीवी इब्राहिम, मुख्य सचिव ए जयतिलक, मलप्पुरम जिलाधिकारी विनय गोयल, जिला पुलिस प्रमुख चैत्रा टेरेसा जॉन, विजयकुमार (आईएफएस) और राज्य प्रोटोकॉल अधिकारी अरविंद बीएस भी मौजूद थे।
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