Manipur के कामजोंग और उखरुल में armed groups के बीच झड़प, पांच लोगों की मौत

Manipur के कामजोंग और उखरुल में armed groups के बीच झड़प, पांच लोगों की मौत
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मणिपुर के कामजोंग और उखरुल जिलों में सशस्त्र समूहों के बीच हुई ताजा गोलीबारी में एक महिला समेत पांच लोगों की जान चली गई। कामजोंग के चसाद गांव में भड़की हिंसा के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाते हुए बीएनएसएस की धारा 162 लागू कर दी है। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए सुरक्षा बल सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त कर रहे हैं।

मणिपुर के कामजोंग और उखरुल जिलों में सशस्त्र समूहों के बीच फिर से हुई झड़पों में एक महिला सहित पांच लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि नगा बहुल कामजोंग जिले के कुकी बहुल चसाद गांव में 22 वर्षीय एक युवक और 42 वर्षीय महिला की मौत हो गई।

उन्होंने बताया कि मृतका पांच बच्चों की मां थी। शुक्रवार रात महिला के गर्दन के पास गोली मारी गई थी, जिसके बाद कुछ ही मिनटों में उसकी मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि हत्या के बाद कुकी और नगा समुदायों के सशस्त्र समूहों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई, जो शनिवार सुबह तक जारी रही।

इसके बाद हुई झड़पों में उक्त युवक की मौत हो गई और इस दौरान 10 घरों में आगजनी की गई। जिले के अधिकारियों ने हिंसा को और फैलने से रोकने के लिए चसाद पुलिस गेट चौराहे के 400 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 162 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी। अधिकारियों ने बताया कि एक अन्य घटना में, संदिग्ध उग्रवादियों ने म्यांमा सीमा के पास तंगखुल नगा समुदाय की बस्ती वाले कामजोंग के निंगचौ गांव में घुसकर गोलीबारी शुरू कर दी।

उन्होंने बताया कि इस घटना में नगाचांसो निंगशेन (35) और लीशिशां लीशादांग (48) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद सुरक्षा बल ने गांव में पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। स्थानीय ग्रामीणों ने दावा किया कि हमलावर गोलीबारी करने के बाद म्यांमा सीमा की ओर भाग गए।

अधिकारियों ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए कामजोंग जिला अस्पताल भेज दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, उखरुल जिले में एक अन्य घटना में संदिग्ध उग्रवादियों ने चेपु याओलेन के पास एक वाहन पर गोलीबारी की, जिसमें वाहन चालक संदीप राय (40) की मौत हो गई। कांगपोकपी जिले के मकुई अशांग और तापन इलाकों में भी सशस्त्र गुटों के बीच भारी गोलीबारी की सूचना मिली है।

इस वर्ष फरवरी में कुकी और नगा समुदायों के बीच हिंसा शुरू होने के बाद से 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घरों को आग के हवाले कर दिया गया है। यह हिंसा मुख्य रूप से उखरुल, कामजोंग, कांगपोकपी, तामेंगलांग और नोनी जिलों के साथ-साथ सेनापति जिले के कुछ हिस्सों में केंद्रित है। मणिपुर में तीन साल पहले जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से सुरक्षा बल सभी जिलों के सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में तलाशी अभियान चला रहे हैं और क्षेत्र पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए गश्त कर रहे हैं।

मई 2023 से मेइती और कुकी-जो समुदायों के बीच जारी जातीय संघर्ष में 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।

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